अज़ीज़ नाज़रीन
आज से गुजिस्ता ११-१२ रोज़ पहले तक ज़ाफ़रानी मीडिया के लंगूर लँगूरनियाँ पाकिस्तान की निस्बत से उधम मचाये हुए थे। आटे की क़िल्लत, फ़क़ीर हुआ पाकिस्तान, कंगाल, बर्बाद और ना जाने कितने घटिया झूठे फरेबी इलज़ाम लगा रहे थे। अब वही हालात उनके देश के अमीर तरीन माशी दहशतगर्द गौतम अडानी के हुए हैं तो लंगूर-लँगूरनियों में चाहू और निल बटे सन्नाटा छाया हुआ है।
मुत्तहिदा रियासतों का अमेरिका लगता है हूकूमते हिन्द और भारत के तहकूब में लग गया है और जब तक उसको साफा ऐ हस्ती से मिटा नहीं देता अमेरिका चैन से नहीं बैठने वाला है। हिंडनबर्ग मुताहिदा रियासत का फॉरेनसिक तहक़ीक़ाती इदारा है। उस इदारे ने एक ऐसी रिपोर्ट शाया की है की रियासते हिन्द में माशी ज़लज़ला आ चूका है। ख़बर रियासते हिन्द के एक अहम ताजिर और मोदी के क़रीबी गौतम अडानी की निस्बत, जुर्म, जालसाज़ी फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के ज़ारिये अरबों रूपये की चपत लगाने से जुड़ी हुई है। यह माशी दहशतगर्द ओमूमन ऐसे मुस्लिम मुमालिकों के ऊपर माशी दहशतगर्द हमला करता था जिन मुमालिकों में महसूल सिफ़र होता है। जैसे मुताहिदा अरब अमीरात, मॉरीशस, क़तर इन मुमालिकों की रियासती हिकमते अमली के हिसाब से किसी मुक़ामी अवाम और ऐसे शख्स पर महसूल का बोझ ना डाला जाता है जो तिजारत करता है। वैसे भी हिन्द जैसे मुफ़लिस, मफ़लूज (अपाहिज) मुमालिक ही अपने अवाम पर महसूल दो गुना, तीन गुना बढ़ा देतें हैं लेकिन जो हुकूमतें सरसब्ज़ होती हैं वोह अपने अवाम को कभी भी महसूल के बोझ तले दबा कर उनका तेल नहीं निकालती हैं।
इस अडानी और इसके एहले ख़ाना ने सिफ़र महसूल वाले मुमालिकों में फ़र्ज़ी कंपनियों और शेयर बाजार में सरमायाकारी की जबकी ऐसी कोई कंपनी हक़ीक़त में वजूद में नहीं थी। सिर्फ ज़ुबानी जमा ख़र्च। कोई कंपनी हक़ीक़त में नहीं होते हुए उसको सिर्फ पेपर पर मौजूद दिखाया। यह वैसा ही है जैसा की अडानी के सियासी आक़ा हिंदी फ़क़ीर का तर्ज़े अमल है। हर विकास सिर्फ पेपर पर होता है हक़ीक़त से उसका कोसों दूर तक कोई वास्ता नहीं होता है। जुमले बाज़ी। वोह एक जुमला था।
नाज़रीन बात करतें हैं भारतीय फ़क़ीर के चहेते माशी दहशतगर्द गौतम अडानी की जिसको महज़ ४ रोज़ में ४.५ करोड़ रूपये का ख़सारा हुआ है और उसकी तमाम कंपनियां ज़वाल में जा रहीं हैं। हिन्द के इस माशी दहशतगर्द गौतम अडानी और उसके एहले ख़ाना ने एक्सपोर्ट इम्पोर्ट के फ़र्ज़ी कागज़ात तैयार किये और करोड़ों रूपये की चपत लगा कर फरार होने की तैयारी कर रहा है।
नाज़रीन वैसे गुज्जू समाज जालसाज़ी, फ़र्ज़ी कामों के लिए बदनाम है। "हर्षद मेहता" कौन है जो इस नाम से वाक़िफ़ नहीं होगा। दूसरा अमित शाह एक तड़ी पार सज़ाई आफ़ता मुजरिम तीसरे झोले वाले बाबा (फ़क़ीर)। हमारी वालेदा एक कहावत कहती थी जैसी अरवाह वैसे फ़रिश्ते। झोले वाले बाबा का हर काम फ़र्ज़ी होता है तो उसको अवाम भी ऐसे ही फ़र्ज़ी और जालसाज़ मिलते हैं। अभी तक जितने भी चूनाबाज़ चूनावाला भारत से भागे वोह सब गुज्जू ही थे। अब इन महाशय अडानी का नाम जुड़ गया है। जल्द ही अम्बानी ग्रुप भी बरहना होगा उसने भी कई काम जालसाज़ी के किये हैं।
नाज़रीन आपने इन ज़ाफ़रानी लंगूर लँगूरनियों में एक आम बात देखी होगी। जब भी फ़क़ीर और हूकूमते हिन्द पर कोई आफ़त वबा बला आती है इनको पाकिस्तान, मुसलमान और कश्मीर याद आता है और यह ज़ाफ़रानी लंगूर उस जानिब भागना शुरू कर देतें हैं। गुजिश्ता ११-१२ रोज़ से पाकिस्तान की बोहोत ही खबरे आ रही थी। बर्बादी, मुफ़लिसी, टूट जाएगा अब क्या होगा और ना जाने क्या क्या तभी मेरे को शक़ हुआ था की हर हाल में कोई बोहोत बड़ी आफ़त भारत पर आने वाली है तभी यह लोग पाकिस्तान के सबर में लौट रहें हैं। मुफ़लिसी आई कंगाली आई लेकिन अडानी को और बर्बादी हुई भारत की। अब बारी टूटने की है। दो बातें पूरी हुई तीसरी की बारी है।
नाज़रीन
यह इस्लाम से इन ज़ाफ़रानिओं के ज़हर की मिक़्दार को दिखाता है की किस हद तक इनको इस्लाम
से नफरत है नफरत की आग में जल कर यह पाकिस्तान के खिलाफ भी झूठी सच्ची खबरे शाया करतें
हैं। पाकिस्तान को छोड़ो अपने खुद के देश के
मुस्लिम अवाम जो सदा ही भारत परास्त रहे उनके आबो अजदाद भारत की आज़ादी के लिए क़ुर्बान
कर दिए गए लेकिन उनके खिलाफ भी इतना ज़हर भरा हुआ है कियोंके वोह इस्लाम को मानते हैं। बेशर्मों शर्म करो। तुम्हे कुछ शर्म हया है, कुछ शर्म हया है तुमको।
नाज़रीन जिस हिसाब से यह लंगूर लँगूरनियाँ दरिंदा मोदी हुकूमत के बारे में क़सीदे कस्ते हैं अगर इतनी ही पुर सुकून होती और भारत के किसी भी अवाम को मौत और अपने बच्चों के मुस्तक़बिल की फ़िक्र ना होती तो २०१९ के बाद काहे को १० से ५० लाख से ज़्यादा भारतीय विदेशों में जा कर आबाद होते और अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ देते। और अगर पाकिस्तान इतना ही शाकिस्ता हाल होता तो २ लाख भारतीय हिन्दू, सिख क्रिस्टी भी २०१९ के बाद इमरान ख़ान की क़ियादत वाले पाकिस्तान चले गए थे। यहाँ तक की १० हज़ार तिजारती तब्क़ा भी भारत छोड़ चूका है। और इनमे महज़ लखपती नहीं बल्कि अमीर तरीन अरबपती और खरबपती कारोबारी शामिल हैं।
जिन
मुस्लिम अवाम से ज़ाफ़रानी तंज़ीम बीजेपी को सदा हसद और तकलीफ रहती है लंगूर लँगूरनियाँ
हर मुद्दे पर मुस्लिम अवाम को हर जुर्म में तलाश ही लेतीं हैं शायद ही कोई ऐसा मुस्लिम
होगा जिसने अपने शहरियत या भारतीय पासपोर्ट को छोड़ किसी दुसरे मुल्क की क़ौमियत इख़्तेयार
की होगी। लेकिन हिन्दू हैं वोह धड़ल्ले से भारत
छोड़ कर भाग रहें हैं अपने बच्चो के मुस्तक़बिल के लिए अपनी जान के ख़ौफ़ से भारत अब मेहफ़ूज़
नहीं हैं उस वजह से छोड़ छोड़ कर भाग रहें हैं।
दरअसल
भारत के पस्ती और ज़वाल की अहम वजह ही ज़ाफ़रानी हाकिम और उनके ग़ुलाम हैं। उसके ऊपर लंगूर लँगूरनियों की टोली उस मुफ़लिसी पर
ग़ुरबत पर पर्दापोशी करने वाले। जहाँ भारत की
गरीबी को पोशीदा करना होगा तो दिवार बना कर उसके ऊपर ख़ुशनुमा पेंट करवा दिया जाएगा
ताके गुजरात की गंदगी मिस्टर ट्रम्प ना देख पाएं।
रही सही कसर लंगूर पूरी कर देतें हैं अगर भारत नंगा हुआ तो वोह टीवी पर क्या
परोसेगें देखो पड़ोसी कितना बेशर्म है की हमारे सामने नंगा खड़ा है। पड़ोसी मुफ़लिस हो गया उसके पास पहनने को कपडे नहीं
हैं। पड़ोसी भिकारी हो गया खाने को आटे दाल
के पैसे नहीं हैं। और उसकी वजह भी है कियोंके
अवाम के दिलों दिमाग़ में पाकिस्तान के खिलाफ इतना ज़हर भरा है की उसको बर्बाद होते देख
उनको अपनी बर्बादी दिखती ही नहीं है। पाकिस्तान
को तकलीफ में देख उनको अपनी तकलीफ का एहसास ही नहीं होता है। लेकिन जब राज़ खुलता है की पाकिस्तान तो कम और तुम
ज़्यादा ही बर्बाद हो चुके हो तब तक बोहोत देर हो चुकी होती है।
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