Sunday, 30 January 2022

सहाफी जुबेर यहाँ पर भी साबित हुए दुरुस्त। जम्मू कश्मीर पाकिस्तान का हुआ।


अज़ीज़ नाज़रीन,

अक़वामे मुत्तहदा और उससे मुनसलिक तमाम तंज़ीमे अगर कोई क़रारदार नाफ़िज़ करती हैं तो बोहोत ग़ौर फ़िक्र कर के करती हैं।  और एक बार कोई क़रारदार नाफ़िज़ हो गया तो अब वोह तमाम आलमी बरादरी के लिए एक क़ानून की हैसियत रखता है।  फिर जिस मुल्क ने उस क़रारदार की खिलाफ़वर्ज़ी की तो उसके ऊपर अक़वामे मुत्तहदा फौजी हिकमत कर के उस मुल्क को अपने क़रारदार पर अमल करने पर मजबूर कर देता है।  अक़वामे मुत्तहदा या उसकी किसी भी तंज़ीम में एक बार कोई क़रार नाफ़िज़ हो गया तो अब उसको मन्सूख़ करना इतना आसान नहीं होता है। 

नाज़रीन अक़वामे मुत्तहिदा की आलमी सेहत इदारे ने जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा तस्लीम किया है और अक्साई चिन को चीन का माना है।  अक़वामे मुत्तहिदा की आलमी सेहत इदारे ने अपनी वेबसाइट में ऐसा नक़्शा नाफ़िज़ किया है.     

सहाफ़ी ज़ुबैर के पास तमाम आलम की इत्तेलात पहले आ जाती हैं बाद में उनको अमली जामा पहनाया जाता है।  और हू बहू चीज़ें वैसी ही साबित होती है जैसा की इस सहाफ़ी को इत्तेला या मालूमात मिलती है।  नाज़रीन जिस जम्मू कश्मीर पर भारत आज़ादी के ७० साल से अपना हक़ जताता था और उसके ऊपर मुसल्लद हो रहा था अब वैसा नहीं होगा।  जम्मू कश्मीर पाकिस्तान को सुपुर्द कर दिया गया है और अक्साई चिन चाइना के साथ गया है।   उसका एहलाकारी (ऑफिसियल) एलान जल्द किया जाएगा।  

नाज़रीन २०१७ में अपने वेब पेज  https://autojourna.wordpress.com/  में जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान का बताया गया था. और तब तो बीजेपी और पीडीपी कश्मीर में हुकूमत चला रहे थे और किसी क़िस्म की कोई हलचल नहीं थी. इस सहाफ़ी ने अपने फेसबुक पेज जौर्नालिस्ट जुबेर पर जो नक़्शा लगाया था उसमे भारत के ५ टुकड़े दिखाए गए हैं.   

मज़ीद इस सहाफ़ी ने हिंदुस्तान की निस्बत से भी एक नक़्शा शाया किया हुआ है और अपने मज़मूनों  में इस बात का ज़िक्र भी किया है की भारत महज़ ५ हिस्सों तक महदूत रह जाएगा।  जम्मू कश्मीर में जो भारत की अताह फौज है उसको निकलने के लिए मेहफ़ूज़ रास्ता नहीं मिल रहा है. और कमो बेश ९ लाख से ज़ाइद फौज मौजूद है जिसको अपनी ज़िन्दगी और मौत का ख़ौफ़ सताये हुए है.  जैसा की हर संघी और शिद्दत पसंद हिन्दू पाकिस्तान को १९७१ की याद दिहानी करवा कर और ९३,००० फ़ौजिओं के हथियार डालने की हिकमत पर अपनी पीठ थपथपाते नहीं थकते थे.  २०१५ से कई तब्सिरों में यह बात कही है की जम्मू कश्मीर में हम हिसाब पूरा कर देंगें।  

नाज़रीन होगा वही जो होना है, चाहे कुछ भी कर लो आएगा तो हक़ ही.   चाहे यह ज़ाफ़रानी जोकर आसमान तक उछल जाएँ या ज़मीन पर टपा टप गिरें होगा वही जो होना है या जो मेरे रब ने हिंदुस्तान की तक़दीर में लिख दिया है. 

Zuber

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