Friday, 28 January 2022

ख़ाकी दहशतगर्दों के बाद अब नस्लों की बारी।

अज़ीज़ नाज़रीन,

हमारी वालेदा एक कहावत कहती थी जैसा करोगे, वैसा भरोगे। ख़ाकी दहशतगर्दों ने ज़ाफ़रानी हुकूमत के ज़हर की खेती के हामी बन कर मुस्लिम अवाम और नौजवानों को शहीद कर दिया अब उसका बदला मालिके कायनात ले रहा है।  चुन चुन के एक एक ज़ालिम को उसकी ही ज़ुबान में जवाब दिया जा रहा है।  

मुद्दा मध्यप्रदेश के इंदौर से है। जहाँ लसूड़ियाँ थाना हलके में काम करने वाला ख़ाकी दहशतगर्द अस.आई. के फ़रज़न्द प्रवीण तोगड़िया ओह्ह्ह सोरी २१ साला  शुक्ल प्रवीण शुक्ल ने खुद को अपने वालिद की सर्विस रिवॉल्वर से कनपट्टी पर रख कर गोली मार ली है और हलाक हो गया।   उस दहशतगर्द के फ़रज़न्द ने तहारतख़ाने में जा कर अपने आपको गोली मारी जहाँ पर शैतानों और ख़बीसों का घर होता है।   

मारा गया दहशतगर्द का फ़रज़न्द बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) फाइनल ईयर का तालिबे इल्म था. लसुड़िया थाना के सरबराह  इंद्रमणि पटेल ने बताया कि प्रवीण फाइनल इयर की इम्तेहान में नकल करते हुए धरा गया था।  इस बात से वोह परेशान था।  नाज़रीन यहाँ यह बात फिर साबित हो गई जो इस सहाफी ने अपने तमाम गुजिश्ता मज़मूनों में लिखी है और तब्सिरों में कही है।  हिन्दू दहशतगर्दों के लड़के पढ़ाई लिखाई तो करते नहीं हैं और नक़ल कर के पास हो जातें हैं।  यही बात यूनिवर्सिटीज में दहशत के किसान और तालिब ऐ.बी.वी.पी. के बारे में कही है।  यह ऐ.बी.वी.पी. के दहशतगर्द कॉलेजेस में सिर्फ और सिर्फ लड़की बाज़ी करने जातें हैं।  कौन हिन्दू लड़की किस से बात कर रही है कौन हिन्दू लड़की किस को अपने नोट्स दे रही है।  इतना ही नहीं फिर अपनी क्लास मेट्स और कॉलेज आने जाने वाले रस्ते, गली नुक्कड़, चौराहों पर खड़े हो कर फ़िक़रे कसना, आते जाते उनके साथ ढिल्लम ठिल्ली करना उनको परेशान करना यह इन हिन्दू दहशत के तालिबे इल्म और यूनिवर्सिटीज में ज़हर की पैदावार करने वाले इन किसानों का एक आम रव्वैया है।

नाज़रीन भोपाल कुछ याद आया, जी याद कीजिये नहीं तो हम याद दिलाएं।  जी हाँ यह वही भोपाल है जहाँ पर ५ मुस्लिम मासूम नौजवानों को सिमी का आतंकी बोल कर ज़ाफ़रानी दहशतगर्द शिव राज ने पकड़ा था।  फिर जिस रोज़ उनको बैल मिलने वाली थी तब हालात ऐसे किये की उनको शूट कर दिया और बोल दिया जेल तोड़ कर भाग रहे थे पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया।   ज़ालिम आतंकी छक्के शिव राज सिंह चौहान उर्फ पृथ्वी राज चौहान तू भूल गया होगा हम हरगिज़ नहीं भूले और बदला लिए बग़ैर ना तो तेरे को छोड़ेगी और ना ही तेरे कारिंदों को छोड़ेगे।  

तेरा हर ज़ुल्म २० साल तक याद रखा जाएगा,

ज़ालिम का जब तक नामों निशाँ नहीं मिट जाता

जंग का नक़्क़ारा बजता रहेगा।

जुबेर   

भाइयों और बहनों उनका गोली मारो नारे का मतलब है

G से जालिम

O से ऑरेंज

L से लाश

I से इनकी  

नाज़रीन वहीँ हिन्दू दहशत की पनाह गाह और खूंखार ज़मीन जहाँ कोई भी इंसान मेहफ़ूज़ नहीं है गुजरात के एहमदबाद में एक २१ साला दहशतगर्द किशन भारवाड़ मारा गया है।  उसको तीन नावाक़िफ़ अफ़राद ने गोली मार के हलाक कर दिया है।  बताया गया है की यह किशन भारवाड़ सोशल मीडिया पर खूब ज़हर की काश्त करता था और नावाक़िफ़ बयानों से सुर्खिओं में बना रहता था।   इसका ताल्लुक़ हिन्दू दहशतगर्द तंज़ीम विहिपी से भी बताया गया है। 

तीसरा वाक़िया भी ज़ाफ़रानी हुकूमत में से है, जहाँ योगी के ज़ेरे क़यादत चलने वाले सूबे उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में एक आला ज़ात हिन्दू कुशल दुबे ने फांसी लगा ली है।   इस हादसे से तमाम अफ़राद सन्न हैं और गाँव में मातम पसरा हुआ है। 

बताया गया है की गाँव के ही तीन अफ़राद भुल्लन, बिट्टी और धुन्नू परिहार मोबाइल पर कुशल दुबे को धमकी देते थे, उसकी बेहेन, दीगर मस्तूरातों के बारे में गन्दी बातें लिखते थे गाली गलौच करते थे।  जिससे आजिज़ आ कर उसने यह क़दम उठाया। 

UP में KABA

Zuber

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