हाल ही में
हुई साधुओ की गिरफ्तारी और गोशालाओ में अनियमित्ता और संसाधनों की आभाव में गायो की
अकाल म्रुत्यु से दो बाते सिद्ध होती हे. एक मोदी राज में न तो मनुष्य (महिलाए) सुरक्षित
हे और न जानवर (गाये). मोदी सरकार लाख दावे कर ले बेटी पढ़ाव बेटी बचाव और लाख कानून
बना लें लेकिन उनके दावे की और कानून की धज्जिया उनके खुदके भक्त ही उड़ाते हे और प्रशासन
को दीमक की तरह खोकला करते हे.
एक महिला देवालय या आश्रम में ये आस्था ले के जाती हे की उसकी परेशानी का समाधान होगा और उसको मरण उपरान्त मोक्ष की प्राप्ति होगी. और गाय को गोशाला में रखा जाता हे ताके उसकी सेवा हो सके. लेकिन न ही देवालय सुरक्षित हे और न ही गोशालय. अब तो आस्था का स्थान मंदिरो तथा आश्रमों में भी महिलाओ के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हे तथा गोशालयो में गायो को मार डाला जाता हे.
मोदी सरकार दावा करती हे बेटी बचाव बेटी पढ़ाव लेकिन खुद बेटी पे वार करती हे. चुनाव से पहले बीजेपी ने नारा दिया था बोहोत हुआ नारी पे वार अबकी बार मोदी सरकार. लेकिन कुछ घटनाएं जो मोदी सरकार के आने के बाद महिलाओ पे हुई हे समूची विवस्था को झंजोड़ कर रख देती हे और ऐसी घटनाओ ने मोदी सरकार को शर्मसार किया हे.
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था अपने न्यूनतम स्तर पे हे. इसी वर्ष जुलाई २०१७ के महीने में एक मुस्लिम परिवार की चार महिलाओ के साथ यमुना एक्सप्रेस हाईवे पे कुछ गुंडों ने सामूहिक बलात्कार किया था. ये महिलाये अपने परिवार के साथ प्रवास कर रही थी. फिर जब परिवार के एक पुरुष सदस्य ने विरोध किया तो उसको गोली मार के हत्या कर दी. जिन महिलाओ पे बलात्कार किया उनमे से कुछ ५० वर्ष के ऊपर थी. उन महिलाओ ने आग्रह भी किया बेटा हम तुम्हारी माँ समान हे फिर भी बलत्कारिओ पे एक असर नहीं हुआ. उस घटना को हिन्दू बनाम मुस्लिम के एंगल से देख सकते हे क्योकि बलात्कार करते समय गुंडे कह रहे थे के तुम मुस्लिम हो और गाय का गोश्त खाते हे तुमको जीने का हक़ नहीं हे. और योगी सरकार एक्शन लेने में समर्थ रही.
एक महिला देवालय या आश्रम में ये आस्था ले के जाती हे की उसकी परेशानी का समाधान होगा और उसको मरण उपरान्त मोक्ष की प्राप्ति होगी. और गाय को गोशाला में रखा जाता हे ताके उसकी सेवा हो सके. लेकिन न ही देवालय सुरक्षित हे और न ही गोशालय. अब तो आस्था का स्थान मंदिरो तथा आश्रमों में भी महिलाओ के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हे तथा गोशालयो में गायो को मार डाला जाता हे.
मोदी सरकार दावा करती हे बेटी बचाव बेटी पढ़ाव लेकिन खुद बेटी पे वार करती हे. चुनाव से पहले बीजेपी ने नारा दिया था बोहोत हुआ नारी पे वार अबकी बार मोदी सरकार. लेकिन कुछ घटनाएं जो मोदी सरकार के आने के बाद महिलाओ पे हुई हे समूची विवस्था को झंजोड़ कर रख देती हे और ऐसी घटनाओ ने मोदी सरकार को शर्मसार किया हे.
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था अपने न्यूनतम स्तर पे हे. इसी वर्ष जुलाई २०१७ के महीने में एक मुस्लिम परिवार की चार महिलाओ के साथ यमुना एक्सप्रेस हाईवे पे कुछ गुंडों ने सामूहिक बलात्कार किया था. ये महिलाये अपने परिवार के साथ प्रवास कर रही थी. फिर जब परिवार के एक पुरुष सदस्य ने विरोध किया तो उसको गोली मार के हत्या कर दी. जिन महिलाओ पे बलात्कार किया उनमे से कुछ ५० वर्ष के ऊपर थी. उन महिलाओ ने आग्रह भी किया बेटा हम तुम्हारी माँ समान हे फिर भी बलत्कारिओ पे एक असर नहीं हुआ. उस घटना को हिन्दू बनाम मुस्लिम के एंगल से देख सकते हे क्योकि बलात्कार करते समय गुंडे कह रहे थे के तुम मुस्लिम हो और गाय का गोश्त खाते हे तुमको जीने का हक़ नहीं हे. और योगी सरकार एक्शन लेने में समर्थ रही.
लेकिन बनारस
हिंदू विश्वविद्यालय की घटना तो कही से कही तक हिन्दू बनाम मुस्लिम वाली नहीं लगती. यहाँ तो बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के परिसर
में गुंडा गर्दी और छेड़खानी के खिलाफ सुरक्षा को लेकर छात्राओं की मांग थी. जिसके ऊपर पुलिस ने बर्बरता दिखाई और लाठीचार्ज
कर दिया. इस खाकी हमले में बहुतेक छात्राय गभीर रूप से घायल हो गई. बोहोत सी छात्राओं
को लहू लुहान हालत में हॉस्पिटल रिफर किया गया. फिर किसी का हाथ टूटा तो किसी का पैर. अब मोदी और योगी सरकार जवाब दे ये केसी महिला सुरक्षा
हे. जो छात्राये विश्वविद्यालय परिसर में गुंडा
गर्दी और छेड़खानी के खिलाफ सुरक्षा की मांग कर रही थी उसको सुन्ना तो दूर उनके ऊपर
लाठीओ की बौछार. मोदी जी सिर्फ स्मुर्ती ईरानी
को कैबिनेट में जगह देने से आप महिलावादी नहीं बन जाओगे. आपके अंदर वो दर्द होना चाहिए जो एक महिला को होता
हे जब उसके साथ कोई गुंडा छेड़ खानी करता हे. आपके अपने मकसद होंगे स्मुर्ती ईरानी को
केबिनेट में जगह देने के ऊपर वो आपका और स्मुर्ती ईरानी का व्यक्तिगत मामला हे. लेकिन कॉलेज, स्कूल और सवर्जनिक जगहों पे महिलाओ
को सुरक्षा प्रदान करना एक सरकार की ज़िम्मेदारी होती हे. और आपकी सरकार उसमे बिलकुल
विफल रही हे.
हाल ही में जुलाई २०१७ के महीने में बीजेपी के जिला प्रधान के लड़के ने एक १२वि कक्षा में पड़ने वाली लड़की का सरे आम रोड पे गाला रेत के हत्या कर दी थी. उक्त विद्यार्थी अपनी सहेली के साथ शाळा से घर जा रही थी. पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी के जिला प्रधान का लड़का उक्त लड़की से एक तरफ़ा प्यार करता था. और लड़की उसकी तरफ आकर्षित नहीं थी.
मानसून अधिवेशन से पहले मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री बयान देते हे के उनकी सरकार महिला सशक्तिकरण पे प्रतिबन्ध हे और वो रेप के ऊपर मानसून अधिवेशन में बिल लाएंगे जिसमे फ़ासी का प्रावधान होगा. उसके ऊपर पत्रकार जुबेर ने उनपे कटाक्ष किया था शिवराज जी पहले अपने पालतू ए.बी.वि.पि. के गुंडों को कण्ट्रोल कर लो फिर बिल की बात करना. अगर बीजपी के किसी नेता ने लड़की का बलात्कार किया तो फिर भी आप फ़ासी की सिफारिश करोगे. पत्रकार जुबेर ने कहा था बिल बनाना महत्वपूर्ण नहीं हे बल्कि उसकी निष्पक्ष तरीके से अमलबाजवणी महत्वपूर्ण हे.
गौ हत्या पे छत्तीसगड़ के मुख्य मंत्री कहते हे उनकी सरकार में कोई भी अगर गौ हत्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करता हुआ पाया गया तो उसको मार के उल्टा लटका देंगे. फिर अगस्त के महीने में उन ही के पार्टी के एक कद्दावर नेता डाक्टर वर्मा ३०० गायो के हत्या में लिप्त पाए गए. उसके ऊपर फिर पत्रकार जुबेर ने उनपे कटाक्ष किया था श्रीमान रमन आप तो एक गाय के हत्यारे को मार के उल्टा लटकाने की बात कर रहे थे यहाँ तो ३०० गायो का हत्यारा आप ही की पार्टी का कद्दावर नेता हे अब उसको कब लटका रहे हो.
अभी तक न तो शिवराज ने और न ही रमन ने वर्त्तमान पत्र के माध्यम से मेरे सवाल का जवाब दिया और ख़ामोशी इख्तयार करने में ही भलाई समझी. क्योकि उनको और खुद मोदी सरकार को मालूम हे के अगर उन्होंने कुछ भी ऊट पटांग जवाब दिया तो अगला सवाल इस पत्रकार की तरफ से फिर से हाज़िर होगा. इससे ये भी साबित होता हे के जुर्म अगर बीजेपी वाले करेंगे तो महिला सशक्तिकरण, गोहत्या भी धरी की धरी रह जायेगी. और महिला सुरक्षा, गोसेवा में सेंध लग जायेगी.
हाल ही में जुलाई २०१७ के महीने में बीजेपी के जिला प्रधान के लड़के ने एक १२वि कक्षा में पड़ने वाली लड़की का सरे आम रोड पे गाला रेत के हत्या कर दी थी. उक्त विद्यार्थी अपनी सहेली के साथ शाळा से घर जा रही थी. पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी के जिला प्रधान का लड़का उक्त लड़की से एक तरफ़ा प्यार करता था. और लड़की उसकी तरफ आकर्षित नहीं थी.
मानसून अधिवेशन से पहले मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री बयान देते हे के उनकी सरकार महिला सशक्तिकरण पे प्रतिबन्ध हे और वो रेप के ऊपर मानसून अधिवेशन में बिल लाएंगे जिसमे फ़ासी का प्रावधान होगा. उसके ऊपर पत्रकार जुबेर ने उनपे कटाक्ष किया था शिवराज जी पहले अपने पालतू ए.बी.वि.पि. के गुंडों को कण्ट्रोल कर लो फिर बिल की बात करना. अगर बीजपी के किसी नेता ने लड़की का बलात्कार किया तो फिर भी आप फ़ासी की सिफारिश करोगे. पत्रकार जुबेर ने कहा था बिल बनाना महत्वपूर्ण नहीं हे बल्कि उसकी निष्पक्ष तरीके से अमलबाजवणी महत्वपूर्ण हे.
गौ हत्या पे छत्तीसगड़ के मुख्य मंत्री कहते हे उनकी सरकार में कोई भी अगर गौ हत्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करता हुआ पाया गया तो उसको मार के उल्टा लटका देंगे. फिर अगस्त के महीने में उन ही के पार्टी के एक कद्दावर नेता डाक्टर वर्मा ३०० गायो के हत्या में लिप्त पाए गए. उसके ऊपर फिर पत्रकार जुबेर ने उनपे कटाक्ष किया था श्रीमान रमन आप तो एक गाय के हत्यारे को मार के उल्टा लटकाने की बात कर रहे थे यहाँ तो ३०० गायो का हत्यारा आप ही की पार्टी का कद्दावर नेता हे अब उसको कब लटका रहे हो.
अभी तक न तो शिवराज ने और न ही रमन ने वर्त्तमान पत्र के माध्यम से मेरे सवाल का जवाब दिया और ख़ामोशी इख्तयार करने में ही भलाई समझी. क्योकि उनको और खुद मोदी सरकार को मालूम हे के अगर उन्होंने कुछ भी ऊट पटांग जवाब दिया तो अगला सवाल इस पत्रकार की तरफ से फिर से हाज़िर होगा. इससे ये भी साबित होता हे के जुर्म अगर बीजेपी वाले करेंगे तो महिला सशक्तिकरण, गोहत्या भी धरी की धरी रह जायेगी. और महिला सुरक्षा, गोसेवा में सेंध लग जायेगी.
जुबेर
एहमद खान
पत्रकार
No comments:
Post a Comment