हिन्दू
आतंकवादीओ के मुखपत्र
ज़ी न्यूज़, आज
तक और इण्डिया
न्यूज़ के भगवा
धारी पत्रकारों ने
हिन्दू आतंकिओ और अपने
आकाओ को बचाने
की मुहिम चलाई
हे ज़ी न्यूज़
का भगवा आतंकी
समर्थित पत्रकार खुल के
हिन्दू आतंकिओ का बचाव
कर रहा हे.
ये कह के
की गौरी लंकेश
का क़त्ल हिन्दू
आतंकवाद का हिस्सा
नहीं हो सकता.
पत्रकार जुबेर ने भगवा
धारी पत्रकारों से
किये सवाल. हर
वो जौर्नालिस्ट का
क़त्ल क्यों हो
रहा हे जो
आज़ाद सोच रखता
हे और हिन्दू
आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ उठाता हे. फिर एक भी पत्रकार
ऐसा
नहीं
जो
आतंकवाद
मुखपत्र
आज
तक,
ज़ी
न्यूज़
और
इण्डिया
न्यूस
से
जुड़ा
हो
और
मारा
गया
हो.
ये
एक
साजिश
हे
आज़ाद
सोच
को
दबाने
की
और
राष्ट्रवाद
के
नाम
पे
आतंक
और
भगवा
ज़हर
फैलाने
की.
बिल्कुल
एक ख़ास विचार
को दबाया जा
रहा हे जो
विचार हिन्दू आतंकवाद
और मोदी के
पाखंड और आतंकवाद
को बेनकाब करते
है उसको दबा
दिया जाय या
मार डाला जाय.
अगर गाये हिन्दू
धार्मिक मुद्दा है और
आस्था का विषय
हे तो गोवा
में बीजेपी की
सरकार होते हुए
कैसे गोवध चालू
हे. और अगर
कोई पत्रकार ऐसी
चुबती हुई बातो
पे सवाल करता
हे तो संघी
आतंकवाद उसका दुश्मन
हो जाता हे.
दिल्ली
में जे.एन.यूं. में
कन्हैया एपिसोड के बाद
किस तरह से
काले कोट वाले
गुंडों ने पटियाला
हाउस कोर्ट में
आतंक और उत्पात
मचाया था और
शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों
और पत्रकारों के
साथ देश भक्ति,
राष्ट्रवाद और देश
प्रेम के नाम
पे मार पीट
की थी. बाद
में कुछ काले
कोट वाले गुंडों
के खिलाफ न्यायलय
ने सख्त एक्शन
लिया और उनकी
सनद ज़ब्त की
और उनका न्यायिक
स्टेटस छीन लिया.
यहाँ ये बताने
की कतई ज़रुरत
नहीं के ये
सभी काले गुंडे
बीजेपी या संघी
आतंकवाद समर्थित थे. इनकी
रगो में खून
की बजाय संघी
और बीजेपी का
फैलाया हुआ ज़ेहर
दौड़ रहा था.
फिर
अगर कोई पत्रकार
इस तरह की
गुंडा गर्दी और
आतंक के खिलाफ
आवाज़ उठता हे
तो वो हिन्दू
आतंकवादीओ और अमित
शाह जैसे आतंकिओ
के हाशिये पे
आ जाता हे.
जुबेर
अहमद खान
पत्रकार
पत्रकार
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