अज़ीज़ नाज़रीन
ग़ुज़िश्ता कुछ रोज़ से आप हज़रात के ख़िदमत में कोई भी मज़मून ले कर हाज़िर नहीं हुआ थोड़ा सा मसरूफ़ था। कुछ मुबारक बाद का सिलसिला शुरू हुआ तो फिर से हाज़िर हुआ हूँ। नाज़रीन मुस्लिम मुजाहिदों और शेरों अतीक़ और भाई अशरफ़ को साजिश, धोखे से शहीद करने के बाद ज़ाफ़रानी दरिंदों पर हर रोज़ क़ेहर ऐ इलाही से जान जा रही है। छोटे मोटे बीजेपी के सियसतदाँ तो ढेर हो ही रहे थे लेकिन अब एक बड़ी मछली को दिफ़ाई फ़ौजिओं ने ढेर किया है। मुनाफ़िक़ तारिक भी चलता बना। उसका वजूद जला कर राख कर दिया। सूना है उसको किसी भी क़ब्रस्तान में जगह नहीं दी गई। जलने के लिए लकड़ियाँ तैयार थी सो वही मिली।
उत्तराखंड का कैबिनेट वज़ीर चन्दन राम दास का कलेजा फाड़ कर दिफ़ाई फ़ौजिओं ने बड़ी ही बेरहमी से हलाक कर दिया। उसका दिल फट गया मतलब हार्ट अटैक आया और हॉस्पिटल में ही ज़ाफ़रानी दरिंदा ढेर हो गया। इस हलाकत से तमाम ज़ाफ़रानी ख़ौफ़ज़दा हैं और भौचक्के हो गए। उनको यक़ीन ही नहीं हो रहा है एक के बाद एक सभी बड़े दरिंदे शैतान मारे जा रहें हैं। बक़ौल कैलाश विजयवर्गीय कृष्णा ने कहा है जब कोई राक्षस मारा जाता है तो धरती का बोझ कम होता है।
वहीँ दिफ़ाई सरबराह ने अजय सिंह बिष्ट उर्फ़ योगी आदित्यनाथ को इंतेबाह की है अजय सिंह बिष्ट तेरे को हम मार डालेगें। और उनकी इनतेबह के बाद घबराया योगी अपने निवास की हिफ़ाज़ती घेरे को मज़ीद बढ़ा दिया है। अब वोह दिन में से तीन ज़ाफ़रानी लूँगी बदल रहा है। गीली जल्दी हो रही हैं।
दिफ़ाई सरबराह ने कहा है तू कितना भी अपना हिफ़ाज़ती घेरा बढ़ा ले तेरे को मरना होगा। वैसे भी हुकूमत ने शेरों को मारने पर पाबन्दी लगाई हुई है और तूने दो शेरों को शहीद किया तेरे को तो मरना ही पडेगा। फिर तेरी फौज के सरबराह सी डी सी विपिन राऊत उससे ज़्यादा तहफूज़ तुझे नहीं मिलता होगा जब बिपिन को हलाक कर दिया तो तू किस खेत की नस्ल है तेरे को तो कही भी दबोच डालेगें।
दिफ़ाई
सरबराह का यह अज़्म देख और माज़ी में ज़ाफ़रानी दरिंदों की हलाकत देख मौजूदा दौर के तमाम
दरिंदे बेहद डरे हुए हैं। कोई अपने पख़ाने से
ही नहीं निकल रहा है तो कोई अपने चारो जानिब गनर लगा कर ले कर घूम रहें हैं। योगी को रात में पेशाब खूब निकल रही है। अब वोह दौरे पर नहीं जा रहा है बिल फ़र्ज़ दौरा करना
होता है तो अपने साथ एक बोतल रखता है और बजाये गाड़ी से उतर कर खतरा मौत लेने के गाडी
में ही कर देता है।
सहाफ़ी ज़ुबेर की पेशकश।
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