आला शख़्सियत अतीक अहमद और अशरफ को शहीद करने वाले तीन हिन्दू दहशतगर्दों में से एक लवलेश तिवारी के घर पर जब मीडिया पहुंची तो मीडिया को देख कर उसके बाप यज्ञ कुमार की घिघी बन गई। और वोह दोनों हाथों को मुँह पर रख कर रोने लगा। उसने फ़र्ज़ी बातें बताना शुरू कर दी कि उसे टीवी के ज़रिये पता चला कि अतीक और अशरफ को गोली मारने वाले तीन आतंकवादिओं में उसका गन्दा ख़ून भी शामिल है।
लेकिन जब उसने देखा की मीडिया में हमारे ही ज़ाफ़रानी आतंकियों के ग़ुलाम मौजूद तो उसके जान में जान आई। फिर उसने झूठ पर झूट बोला शुरू किया और फ़र्ज़ी कहानियां घडता गया। उसने कहा कि उन्हें लवलेश से कोई लेना-देना नहीं है. वो कब घर आता है, कब जाता है, कुछ पता नहीं. ५ से ६ दिन पहले ही वह घर आया था. यज्ञ कुमार ने कहा, ''हमारी लवलेश से सालों से बातचीत बंद है. वह कोई काम धंधा नहीं करता. बस दिन भर नशा करता है. इसलिए काफी पहले से ही घर के सभी लोगों ने उससे बात चीत बंद कर दी है।
सब बकवास बात है। घर आता था ना।
मतलब घर वालों को उसके किरदार और चाल चलन के बारे में पता था। सब को अंदर करो बाप माँ बेहेन बेहनोई भांजी
उसका शोहर चाचा चाची अगर लुगाई है तो उसको इसके बेटों को भाई है तो उसको जो इसके क्राइम
सिंडिकेट में साथी थे। यह कैसे मुमकिन है की
बेटा ४ रोज़ पहले ही घर आया हो और बाप को उसके चाल चलन का पता नहीं हो। फिर क्या बाप ने यह सारी बातें जो अब बता रहा है
पुलिस को बताई थी। की हमें हमारे बेटे के चाल
चलन पर शक है वोह किसी जुर्म की दुनियां में जा चूका है आप सी.आई.डी. से उसकी तहक़ीक़
करवाइए
अगर पुलिस में वक़्त रहते नहीं बताया और अब बता रहा है मतलब साफ़ ज़ाहिर हो रहा है की अपने आपको बचा रहा है, तुमको सब मालूम था। जब गले में फंदा फंसने लगा तो हाथ झटक रहे हो। मीडिया के सामने बकवास कर रहे हो। अगर वोह आदतन नशाखोर था तो पैसे किधर
से आते थे। किसी नशा मुक्ति तंज़ीम से राब्ता
किया था। मेरे बेटे को नशे की आदत है उसको
छुड़ाना है। हुकूमत तो ऐसे बिगड़ैल दहशतगर्दों
को सुधारने और मेंन स्ट्रीम में लाने की फ़िराक में रहती है। पुलिस और इन्तेज़ामियाँ का क्या काम है वही काम भी
है। तुम ने कुछ नहीं किया बल्कि उसके गुनाह
के हिस्सेदार थे। अब हाथ झटक रहे हो तुमको
सब मालूम था और उस साजिश में तुम भी शामिल थे।
यह तमाम बातें अब अपने मवाफ़िक़ मिडिया के सामने बता रहे हो जब बेटा आतंकी वारदात को अंजाम दे चूका जिसमे दो बाशिंदों की हलाकत हुई साफ़ ज़ाहिर हो रहा है की फ़र्ज़ी कहानियां बना रहे हो तुमको सब मालूम था और उस साजिश जुर्म में तुम भी शामिल थे।
अपडेट १२:२४ दोपहर
आतंकी तवारी की माँ आशा देवी से बात करने पर दूसरी ही कहानी निकल कर सामने आई। माँ बेटे को बोहोत ही शाहिस्ता और मज़हबी बता रही है। वोह बोलती है मेरा बेटा सबकी मदद करता था बोहोत ही मज़हबी था, अपने भगवान का भक्त था। अपने भगवान् की इबादत करे बग़ैर खाना तक नहीं खाता था। वोह कैसे जुर्म की दुनियां में पहुंच गया हमें नहीं पता। फिर वोह दोनों हाथों को मुँह पर रख कर फुट फुट कर रोने लगी।
बकवास है तुमको सब मालूम था।
पूजा पाठ नहीं बल्कि लंगूर का भक्त था। बजरंगदल से ताल्लुक़ था। तेरी और तेरे पती मतलब तिवारी के बाप की बातों में बोहोत विरोधाभास है। स्टोरी एक जैसी नहीं है। बाप तो उसको बिगड़ैल ठीकरा नशाखोर आवारा बता रहा है। घर महीनों नहीं आता था जेल जा चूका है और तुम कुछ और ही स्टोरी बता रही हो। ज़ाहिर हो रहा है गृह कार्य बराबर नहीं किया। सब इस आतंकी वारदात में शामिल हैं। सब को अंदर करो अपने आप पूरा सच सामने आएगा
सहाफ़ी ज़ुबेर
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