Monday, 8 August 2022

भारत पर आसमानी क़ेहर, ७२ हूरों का जवाब बाक़ी है।

नज़रिने गिरामी,

संघी दहशतगर्द, शिद्दत पसंद काफ़िर और बीजेपी वाले भलें ही अपने आपको भारत का सबसे बड़ा वफादार ज़ाहिर करते रहें लेकिन उनका अमल और किरदार वतन के ग़द्दारों वाला है।  दिखावा ज़्यादा करना और काम कम करना।  इनका अमल  हर दम भारत को तबाह, बर्बाद और तोड़ने जैसा होता है।  यह माफ़ी तंज़ीम अंग्रेज़ों के ग़ुलाम भलें ही आज तिरंगे की अज़मत दिखावे के लिए करते रहें अपने आप को हुकूमत पर क़ाबिज़ रहने के लिए भारत का वफादार कहलवाते रहें लेकिन हक़ीक़त तो यह है की जितनी तबाही और बर्बादी बीजेपी के आने के बाद भारत में हुई है उतनी तो अंग्रेज़ी हुकूमत में और आज़ादी के बाद से २०१४ तक कभी नहीं हुई। 

फिर अगर असल मुद्दों पर किसी वतन परास्त ने सवाल कर लिया तो उसको ग़द्दार बोल दो, पाकिस्तानी या हिन्दू मुस्लिम में अटका दो।  आज कल एक आम रुझान हो गया है।  मुसलमानों, पाकिस्तान कश्मीर को हदफ़ (टारगेट) करो वोट बैंक और तस्कीन (तुष्टिगुण) की सियासत करो।  पी.ऑफ.आई. के ऊपर दहशतगर्दाना वारदातों में शामिल होने के इलज़ाम लगतें हैं।  लंगूर-लँगूरनियाँ बड़े बड़े कवरेज देतें हैं।लेकिन जो असल शिद्दतपसन्द काफ़िर दरिंदे, संघी दहशतगर्द और बीजेपी वाले हैं उनके बारे कुछ नहीं बोला जाता।  हुकूमत जब ख़ुद ही नाइंसाफी के काम करेगी कावड़ियों पर फूल बरसाएगी और नमाज़ियों पर लाठियां तो शिद्दतपसन्द कौन हुआ।  अमन पसंद मुज़ाहेरा करते हुए अवाम के घरों को बिल्डोज करना और कावड़ियों ने पुलिस चौकी में घूस कर हूकूमती दस्तावेज़ को अंगार लगा दी पुलिस की जीप तोड़ डाली पुलिस वालों को पीटा कोई एक्शन नहीं।  वहीँ किसी मुसलमान के शोहर के ख़िलाफ़ कुछ सबूत मिलते हैं तो उसकी एहलिया के घर को तोड़ दिया जाता है।  जबकी उस घर की ज़मीन ना तो शोहर ने दी थी और ना ही उसकी तामीर वग़ैरा में उसका कुछ शिराकत थी।    

यह तो सारासार ज़ुल्म है और अवाम के एक हिस्से को मुसलमान होने की सज़ा हुकूमत दे रही है।  लेकिन इस नाइंसाफी का बराबर बदला मेरा रब ले रहा है।  और हर रोज़ काफ़िर शिद्दत पसंद, संघी, बीजेपी वाले मारे जा रहें है।  आहिस्ता आहिस्ता तमाम काफ़िर शिद्दत पसंद, संघी, बीजेपी वाले मारे जायेगें।  जैसा की हमने कई बार ख़बरनामों के मुबाहिसे में हर काफिर शिद्दतपसंदों, संघी दहशतगर्दों, और हर बीजेपी वालों के लिए बोला है यह लोग ज़िंदा जला भी दिए जायेगें और ज़िंदा दफना भी दिए जायेगें।  और ऐसा हो भी रहा है।  ज़िंदा जल भी रहें हैं और दफ़न भी हो रहें हैं।  अभी तो भारत बनेगा पाकिस्तान।  कोई दो राये नहीं है। 

अभी तो जंग शुरू हुई है।  भारत में भारी तबाही, मौतें, लाशें बर्बादी होने वाली है।  शिद्दत पसंद काफ़िरों, संघी दहशतगर्दों और बीजेपी वालों सब्ज़ नक़्शे में जो ज़ाफ़रानी जगह है वहां हिजरत करना शुरू कर दो इससे पहले की तुम्हारी लाशें गिरना शुरू हों।  ज़िंदा जला भी दिए जाओगे और ज़िंदा दफना भी दिए जाओगे।   सब की बारी आएगी जिस जिस काफिर शिद्दत पसंद ने बीजेपी वाले ने या संघी दहशत ने इस्लाम और नबी का मज़ाक़ बनाया था और अल ऐलानियाँ माफ़ी नहीं मांगी सब मारे जायेगें। ७२ हूरों के पास हमको पहुंचाते थे अब तुम लोग जहन्नुम में पहुंचोगे।  अभी तो तड़प और जलने की अंगार बाक़ी है।  बोहोत तड़प तड़प के जान निकलेगी तुम काफिर शिद्दत पसंदों की संघी आतंकिओं की और बीजेपी वालों की।

कल देर शाम सूबे दरमियान (मध्य प्रदेश) में मालिके कायनात का आसमानी बिजली का क़ेहर टूटा  जिसकी वजह से खेतों में काम कर रहें किसान जहांबाक़ हो गए।  आसमानी किताब बोल कर मखौल उड़ाते थे संघी दहशतगर्द, शिद्दतपंसद काफ़िर और बीजेपी वाले। अब हर जगह इन काफ़िरों पर आसमानी बिजली का क़ेहर टूट रहा है।  अभी तक २०१६-१७ के बाद आसमानी क़ेहर (बिजली) टूटने से लाखों भारतीय मारे गए होंगे।  ७२ हूरों का जवाब देना बाक़ी है। 

हालात ऐसे हो गए की बिहार में ग़द्दारी कर के भाजपा के साथ हुकूमत बनाने वाले नितीश की रियाया क़ुदरत की ऐसी मार बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और बिहार से हिजरत करने को मजबूर है।  भारत का जो नक्शा ५ जून को हमने जारी किया है उसमे जहाँ जहाँ सब्ज़ रंग है वहां से काफ़िर शिद्दतपसन्द, बीजेपी वाले और संघी दहशतगर्द हिजरत कर लें।  नहीं तो अपनी मौत का इंतज़ार करें।  मरेगा और हर काफिर शिद्दतपसन्द मरेगा हर संघी दहशतगर्द हर बीजेपी वाला मरेगा।  बीजेपी के इन मरने वालों में वोह मुनाफ़िक़ भी शामिल हैं जो मुसलमान थे लेकिन बोली हर वक़्त कुफ्र की करते थे।  गाये का गोश्त खाने को अगर मुसलमान मरा जा रहा है तो यहाँ नहीं मिलेगा अरेबिया या पकिस्तान जाए।  वोह मुनाफ़िक़ जो औरग़ज़ेब रेहमतुल्लाह की शान में वारिस पठान के सामने मुँह से हगता है ७२ हूर के पास भेजेगा।  तेरी चर्बी तो काफिरों के सर तन से जुदा होते देख कर ही पिघल जाएगी।

नाज़रीन अभी तो बोहोत कुछ टूटेगा।  बिल आख़िर कॉमन वेल्थ गेम्स के इक़्तेदाम पर भारत ५ वे नंबर है।  ५ का अदद भारत के लिए मनहूस है।  सन २०१५-१६ या १६-१७ में हमने भारत के ७ टुकड़े का तबसिरे में हिंदुस्तान टाइम्स, टाइम्स ऑफ़ इंडिया और नव भारत हिंदी ख़बरनामे में किया था।  उसके बाद उसको ६ का किया बिल आखिर २०२० में ५ टुकड़ों वाले भारत के ऊपर एक मज़मून लिखा और नक़्शा जारी किया। २०२० से हर बार ५ के फिगर का ज़िक्र करते रहे।  अभी हाल ही में जून २०२२ में फिर से वही नक्शा जारी किया और ५ टुकड़ों का ज़िक्र किया।  अब देख लो हालात वैसे ही हो रहे हैं।  भारत पहले नंबर पर जाना चाहता था ताके एक भारत रहे लेकिन मालिके कायनात क्या चाहता है ज़ाहिर हो गया।

कूल मिला कर यह नतीजा अख़ाज़ किया जा सकता है की मोदी, अमित, योगी और संघ, बीजेपी ने भारत को बर्बाद कर दिया, तबाह कर दिया।  इनमे से इंसान हैं और दो तंज़ीम।जिस बीजेपी के आने के बाद शिद्दतपसन्द खुशी से झूम रहें थे वही इनकी बर्बादी की तारीख़ लिखेगी। 

Zuber

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