अफ़ग़ानिस्तान में नई सरकार बनने के पहले ही तालिबानी तर्जुमान ने बड़ा बयान, दिया है। सुहैल शाहीन ने भारत में रह रहे अकलियतों को ले कर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा अगर आप अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे अकलियतों के हुक़ूक़ की आवाज़ उठाते है तो भारत में रह रहे अकलियतों मुस्लिमों के लिए आवाज़ उठाने का हक़ हमको भी मिलना चाहिए।
मज़ीद
सुहैल शाहीन ने कहा की में किसी फौजी हिकमते अमली की बात नहीं कर रहा हूँ। हमारे पास एजेंडा नहीं है, और हम हमारी सरज़मीं
को किसी भी तरीक़े के दहशतगर्दाना चीज़ों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देंगें।
अफ़ग़ानिस्तान
में नई सरकार की क़ियादत मुल्ला उमर करेंगें।
अफ़ग़ानिस्तान में प्रेजिडेंट पैलेस और दीगर हूकूमति इमारतों को सजा दिया गया
है।
लंगूर-लँगूरनियों और ज़ाफ़रानी
दहशत के अरमानों पर फिरा पानी:
जहाँ
एक तरफ भारत की ज़ाफ़रानी हुकूमत को तालिबान ने मुस्लिम अवाम के लिए चूनौती दी है वही
दूसरी जानिब जिस तालिबान को लंगूर लँगूरनियाँ कमतर आंक रहे थे तालिबान इस्लामिक पैराहन
का मखौल उड़ाते थे वही तालिबान ने जंगी महाज़ के बाद एक बार फिर अमेरिका को बोना बना
दिया है। अमेरिकी फौजी जंग का इक़्तेदाम करने
के बाद तमाम असलहा और फ़िज़ाई तय्यारों को ब्लॉक कर गए थे। ताके वोह फिर से इस्तेमाल के क़ाबिल ना रहें। जिसके ऊपर लंगूर-लँगूरनियाँ और ज़ाफ़रानी दहशत खूब
खुशी से फूले नहीं समां रहें थे। अब अमेरिका
का यह दावं भी फेल हो गया, ब्लॉक किये गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को ठीक कर तालिबान ने
उड़ाया है।
अमेरिका
के छोड़े गए दो ब्लेक हाक हेलीकाप्टर को तालिबान ने अफ़ग़ान फौज की इंजिनीरिंग टीम से
मर्रम्मत करवा कर उड़ान भरने लायक कर लिया है।
अफ़ग़ान फौज की इंजीरिंग टीम ने दो ऐसे ब्लैक हाक हेलीकॉप्टरों को ठीक कर लिया
जिनको अमेरिका फौजी ब्लॉक कर के बर्बाद कर गए थे।
हिन्द के ज़ाफ़रानी दहशत पर क़ेहर
बन कर टूटेगी तालिबानी ताक़त।
भारत
से ७० सालों की गुलामी से अगर कश्मीर के लिए आज़ादी की जंग का आगाज़ होता है तो ज़ाफ़रानी
दहशत पर और भारतीय फौज पर तालिबान क़ेहर बन कर टूटेगा। जम्मू में ज़ाफ़रानी दहशतगर्द और भारतीय जनखा पार्टी
का एरिया कमेंडेन्ट बड़ी बड़ी बातें कर रहा था की अगर जम्मू कश्मीर की जानिब तालिबान
रूख करता था तो हमारी फौज उसको वही दफ़न कर देगी।
भारत के पास अज़ीम फौज है और बेहतर असलाह।
उस अक़्ल के अंधे और दिमाग़ी मुफ़लिस से यह सहाफी कहना चाहता है की अफ़ग़ानी जंगजू
दुनियां के दो अज़ीम सुपर पावर रूस और अमेरिका को धुल चटा चुकें हैं तो भारत की औक़ात
ही क्या और बिसात ही क्या? फिर अमेरिका के
साथ तो नाटो फौज में दुनियां के तमाम मुमालिक साथ थे ब्रिटेन, जेर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया,
भारत वग़ैरा। फिर भी क्या हुआ। तो क्या यह समझा जाए की भारत की फौज तमाम आलम के
सुपर पावर की फौज से बेहतर है। क्या भारत
के पास ऐसे ऐसे हथियार हैं जो अमेरिका, जेर्मनी फ्रांस, और ब्रिटेन के पास ना थे। वैसे भी भारत को ज़ाफ़रानी दहशत के चलते कोई भी आलमी
मुमालिक असलाह नहीं दे रहा है। भारत अब अपने
तीसरे और चौथे दर्जों के देसी हथियारों के भरोसे है। और देसी कट्टों से जंगे नहीं जीती जाती, तो वोह
जो ज़ाफ़रानी दहशतगर्द बड़ी बड़ी बातें बोल रहा था उसको अपनी कही बातों का जवाब अगले ही
कुछ दिनों में मिल जाएगा। तालिबान जम्मू कश्मीर
में दफ़न होतें हैं या भारतीय फौज।
Zuber


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