अज़ीज़ नाज़रीन,
आज दो अहम ख़बरों के ले कर आप हज़रात के सामने हाज़िर हुआ हूँ। पहली ख़बर दिल्ली में ज़ाफ़रानी दहशतगर्द को मौत के घाट उतारा और टिकैत के ज़ाफ़रानी दहशत तंज़ीम के साथ सांठ गांठ के चलते और ओवेसी पर नुक़्ता चीनी से वोटों का बिखराव।
पहली ख़बर: दिल्ली में ज़ाफ़रानी दहशतगर्द
की खूंखार शातिर बदमाश सियासी तंज़ीम भारतीय जनखा पार्टी (बीजेपी) के आतंकी को दीफ़ाई
फ़ौजिओं ने मौत के घाट उतार दिया है। ख़बर बाहरी दिल्ली के नजफगढ़ इलाक़े से आ रही है। जहाँ पर दीफ़ाई फ़ौजिओं ने एक दहशतगर्द को एक एनकाउंटर
में मार गिराया. दहशतगर्द को दीफ़ाई फ़ौजिओं
ने घेर कर गोलियों से भून डाला। उस दहशतगर्द
को इतनी गोलियों से छलनी किया की आगे और पीछे के सूराख़ भी नज़र नहीं आ रहे थ।
सब एक जैसे हो गए थे। जिससे तमाम
इलाक़ा गोलियों की आवाज़ों से गूँज उठा था।
दिचाऊ मंडल दीफ़ाई फ़ौजिओं के हाथों मारा गया दहशतगर्द की पहचान दिचाऊ मंडल में
बीजेपी का महामंत्री अमित शौकीन के रूप में हुई है।
दीफ़ाई फ़ौजिओं और आतंकवादी शौकीन के बीच एनकाउटर नजफगढ़ के अजय पार्क में हुई। जहाँ पर दीफ़ाई फ़ौजिओं को टिप मिली थी की ३५ साला दहशतगर्द अमित शौक़ीन अपनी माशूका के साथ मौज मस्ती करने अजय पार्क में आ रहा है। उसके लिए दीफ़ाई फौजियों ने जाल बिछाया और रात ८ बजे दहशतगर्द अपने दो साथिओं के साथ पार्क में पंहुचा। आतंकी अमित की कार को दीफ़ाई फौजियों के काले रंग की वर्ना कार ने ओवर टेक किया और उसकी गाडी के आगे गाडी लगा कर उसका शिकार किया। इस एनकाउटर में बीजेपी का खूंखार आतंकी अमित मौत की आगोश में चला गया। जबकि उसके दोनों साथी ज़नख़ों की जमात के पीठ दिखा कर भाग खड़े हुए।
आतंकी अमित को मौत के घाट उतारने के लिए उस एनकाउटर में जांबाज़ और वतन परास्त दीफ़ाई फ़ौजिओं को १५ से २० राउंड गोलियों का इस्तेमाल करना पड़ा है। और तक़रीबन १२ से १४ गोलियां आतंकवादी के अंदर छेद करती चली गई। Almost all the bullets pumped into terrorist.
दूसरी ख़बर: नाज़रीन जिस अंदाज़ में शुमाली सूबे में सियासी पारा ऊपर चढ़ने लगा है उसी हिसाब से सियासी बयान बाज़ी भी तेज़ हो गई है। लेकिन इन सब से अलहदा राकेश टिकैत जो किसान एहतेजाज में एक अहम हिस्सा थे और उनका एहतेजाज खूब परवान चढ़ रहा था। लेकिन महज़ उनका एक बयान खुद ही पोरस का हाथी साबित हो रहा है। ऐसे ही ऊल जलूल बयानों से इन्तेख़ाब में वोटों की तक़सीम होगी। जिस किसान एहतेजाज को ओवेसी और उनकी तंज़ीम ने कभी भी फरामोश नहीं किया और ना ही वोह कभी किसान से अलहदा हुकूमत की हाँ में हाँ मिलाते हुए नज़र आये। लेकिन राकेश टिकैत के बयान से दो बातें साबित हो गयी। एक आ रे शेर मुझे खा और दूसरा बीजेपी की बोली बोलने वाले।
नाज़रीन जो बेहूदा ज़ुबान उस भगवा जल्लाद, भगवा क़साई, भगवा दहशतगर्द, भगवा ज़ालिम, भगवा गुंडा, भगवा मुजरिम अदित नाथ ठाकुर ने बोली अगर राकेश टिकैत उसी ज़ुबान को तोड़ मरोड़ कर बोल रहें हैं तो इससे साबित होता है की वोह बीजेपी के लिए काम कर रहें हैं। और अपने ही मुहाफ़िज़ अपने ही हमदर्दों की पीठ में खंजर घोपने का काम कर रहें हैं।
नाज़रीन राकेश टिकैत दुसरे पोरस के हाथी साबित हो रहें हैं। पोरस हिन्दू राजा था और सिकंदर महान ने जब हिन्द पर हमला किया तो पोरस की अज़ीम फौज ने मुक़ाबले के लिए बेहद हाथियों का लश्कर भेजा। लेकिन जंग का मैदान देख कर पोरस के हाथी पागल हो गए पलट कर अपनी ही फौज को कुचल डाला नतीजा यह हुआ की पोरस हिन्दू राजा गिरफ्तार हुआ और सिकंदर महान की अज़ीम जीत हुई। जिस हिसाब से टिकैत ने असदुद्दीन पर हमला बोला है वोह ग़ैर ज़रूरी था। असद उद्दीन कभी भी टिकैत और किसान एहतेजाज के मुखालिफ नहीं थे, बल्कि वोह हुकूमत के क़ानून के खिलाफ थे और किसानों के साथ। लेकिन टिकैत ने अपने ही मुहाफ़िज़ हमदर्द को चोट पहुंचाई तो इससे साबित भी यह हो रहा है की कौन बीजेपी के लिए काम कर रहा है और कौन हक़ के लिए। कियोंकी अगर बीजेपी को किसी तंज़ीम से सबसे ज़्यादा खतरा है तो वोह है मजलिस, और उसकी बढ़ती हुए मक़बूलियत से बीजेपी खौफ ज़दा है। लेकिन ऐसी बयान बाज़ी से नहेल टिकैत खुद अपने मुद्दे किसान एहतेजाज को कमज़ोर कर रहें हैं। रहा सवाल असद उद्दीन का तो वोह एक आंधी हैं और मजलिस का तूफ़ान तिनकों को ले उड़ेगा। ऐसी ओछी बयान बाज़ी २०१४ से खूब हो रही थी बीजेपी की बी टीम सी टीम लेकिन अब अवाम को इस बात का शऊर और इल्म हो चूका है। और उनकी आँखों से ग़फ़लत का चश्मा हट चूका है। अब अगर कांग्रेस, सपा, बसपा, टिकैत या कोई और तंज़ीम मजलिस और असद पर बी टीम सी टीम होने का इलज़ाम लगाती है तो अवाम उसका पूरा ऑपरेशन कर के इलज़ाम लगाने वाली तंज़ीम और बीजेपी को इंतेखाब में बराबर जवाब देगा।
Zuber
No comments:
Post a Comment