छत्तीसगढ़ में ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों की मुहाफ़िज़ खूंखार शातिर बदमाश सियासी तंज़ीम भारतीय जनखा पार्टी (बीजेपी) का साबिक़ वज़ीर को फ़ासी पर लटका दिया गया है। बरोज़ इतवार राजनांदगाव में जनखा पार्टी का बाहुबली और कद्दावर साबिक़ वज़ीर (एरिया कमेंडेन्ट) राजेंद्र पाल सिंह भाटिया को फ़ासी पर लटका दिया गया। पुलिस इस फ़ासी को खुदकशी मान कर चल रही है। आगे की तफ्तीश जारी है।
इस
ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों के मुहाफ़िज़ और रकूने असेंबली ७२ साला भाटिया को छारीया क़स्बे में
देर शाम फांसी पर लटका दिया गया। पुलिस को
जैसे ही फांसी की इतल्ला मिली आनन फानन में पुलिस मौक़ाए वारदात पर पहुंची और लाश को
फ़ासी के फंदे से उतार कर जो फ़ासी के बाद की खाना पूर्ती होती है उसके लिए पोस्टमॉर्टम
के लिए भेज दिया। जर्राहों ने उस दहशतगर्दों
के मुहाफ़िज़ की लाश का मुआयना किया और उसको मुर्दा एलान कर दिया। पुलिस को मौक़ाए फ़ासी से कोई भी सुसाइड नोट नहीं
मिला है।
बक़ौल जनखा पार्टी के सियासतदानों के इसी साल मार्च में उसके ऊपर कोविद-१९ फ़ौजिओं ने हमला कर दिया था जिसकी वजह से वोह शदीद ज़ख़्मी हो गया था। मतलब मार्च में कोविद-१९ वबा से मुत्तासिर हो गए थे और अलील चल रहे थे। यह दहशतगर्दों का मुहाफ़िज़ भाटिया ३ बार खुज्जी हलक़े से बंदूक, फिरकावाराना ज़हर और दीगर मवादी बायानात के ज़ोर पर रकूने असेंबली पर क़ाबिज़ हो चूका था। गुजिश्ता रमन सिंह की हुकूमत में भाटिया तिजारत और सनयात का वज़ारत खाना (वज़ीर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) सँभालते थे।
Zuber

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