Friday, 24 September 2021

पाकिस्तान में झूठा और फरेबी जबकी हिन्द की अदालत में सच्चा हिफ़ाज़ती ख़तरा

अज़ीज़ नाज़रीन,

ऐसा हर वक़्त देखा गया है जब जब संघी दहशत, शिद्दत पसंद हिन्दू, बीजेपी वाले फरेबी कामों में मुलव्विस हो कर पाकिस्तान, कश्मीर, मुसलमान और इस्लाम को बदनाम करतें हैं फ़ौरन मालिके कायनात उनके गंदे और गलीज़ मुँह पर ज़ोरदार तमाचा मारता है।   ५ रोज़ क़ब्ल एक भारीतय संघी सुनील मिश्रा ने पाकिस्तान में मौजूद नूज़ीलैण्ड की क्रिकेट टीम को फरेबी और झूटी थ्रेट दी थी जिस की वजह से नूज़ीलैण्ड और बरतानिया की क्रिकेट टीम ने अपना पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था। 

उस संघी सुनील मिश्रा का झूटी सिक्योरिटी थ्रेट देने के पीछे की हिकमते अमली महज़ पाकिस्तान की बदनामी और इमरान खान की बढ़ती हुई मक़बूलियत को कमतर करना था।   उन दौरों के रद्द होते ही ज़ाफ़रानी मीडिया के लंगूर और लँगूरनियों ने मोर्चा संभाल लिया और लगे इमरान खान और पाकिस्तान पर नुक़्ता चीनी करने और पाकिस्तान को बदनाम करने।   लेकिन उस झूटी और फरेबी थ्रेट पर मालिके कायनात ने हिन्द को सबक़ सीखा दिया जहाँ अदालत के सामने मरकज़ के वज़ीरे दाखला के ज़ेरे निगरानी काम करने वाली दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में ही एक आतंकवादी को गोली मार दी जाती है।  बाद में दो आतंकवादिओं को पुलिस हलाक कर देती है।  

जिस अंदाज़ में पाकिस्तान को झूठा बदनाम किया था उसके ऊपर ना तो भारत की हुकूमत और ना ही वज़ीरे आज़म के दफ्तर से माफीनामा जारी हुआ और ना ही उस संघी दहशतगर्द को गिरफ्तार करने की कोई हिकमते अमली की गई।   पाकिस्तान को झूठा बदनाम किया और मालिके कायनात ने हिन्द को सच्चा बदनाम कर दिया।  हिन्द की दारुल खिलाफा दिल्ली के रोहणी कोर्ट में खूब गोली बारी हुई, जिससे अब अदालतों में सिक्योरिटी पर सवालिया निशान लग रहें हैं।  अब कोई भी दावेदार अदालत के बहार किसी काले कोट वाले वकील पर भी भरोसा करने से सिक्योरिटी थ्रेट महसूस करेगें।  

बरोज़ जुमे को रोहणी कोर्ट में एक दहशतगर्द जीतेन्द्र गोगी को दो दहशतगर्दों ने घात लगा कर अदालत के सामने पुलिस की मौजूदगी में गोली मार दी।   बाद में पुलिस ने उन दोनों को भी गोली मार दी।   लेकिन इस गोली बारी और गेंग वार में अदालत  और हिन्द में हिफाज़ती अमले पर काफी बदनामी हो चुकी थी।   अब तो नेवजीलैंड और इंग्लैंड की टीम के जैसे अदालत को और वकीलों को भी भारत का दौरा रद्द कर देना चाहिए।  पाकिस्तान में झूठी और फरेबी हिफ़ाज़ती थ्रेट पर भारत में सच्ची सिक्योरिटी थ्रेट है जहाँ ३ दहशतगर्द मारे जातें हैं। 

जीतेन्द्र गूगी को मारने के लिए दो दहशतगर्द वकील बन कर काला कोट पहन कर आये थे।

नाज़रीन यह महज़ इत्तेफ़ाक़ नहीं हो सकता, इत्तेफ़ाक़, सही वक़्त पर सही जगह पर मालिके कायनात इन संघी दहशतगर्दों को जवाब दे ही देता है।   और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बल्कि जब जब इन संघी दहशतगर्दों ने पाकिस्तान, मुसलमान, इस्लाम के खिलाफ खाने की जगह से हगना शुरू किया है और झूट फरेब फैलाया है मालिके मुतलक़ ने फ़ौरन उसका माक़ूल जवाब दिया है।   इस सहाफी के पास तमाम ऐसे झूठे और फरेबी बातों का कच्चा चीठ्ठा है जहाँ पर इन संघी दहशतगर्दों को उनके फैलाये हुए झूट की वजह से मुँह की खानी पड़ी है।    

अब तो ज़ाफ़रानी लंगूर-लँगूरनियों और बीजेपी वालों को भी तस्लीम करना होगा असली ख़तरा पकिस्तान में नहीं बल्कि उनके खुद के भारत में  है। 

Zuber

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