Wednesday, 17 March 2021

जंग की इब्तेदाह मई २०१९ में लंगूर लँगूरियों ने की थी भुगत भारत रहा है।

अज़ीज़ नाज़रीन,

इस बात को इससे पेश्तर कई बार यह सहाफी अपने मज़मून में लिख चूका है २०१९ में लंगूर और लँगूरनियों ने इंतेखाब को जंग का नाम दिया था।   फिर जब हक़ीक़ी जंग शुरू हुई तो हर रोज़ नए नए कारनामे देखने को मिल रहें हैं।  

वैसे तो भारतीय फ़िज़ाई फौज के कई तय्यारे २०१९ के बाद फ़िज़ाओं में ही तबाह और बर्बाद किये जा चुके हैं।  इस ज़िम्न भारतीय फ़िज़ाई फौज का एक और मिग-२१ बाइसन तय्यारा आज सुब दीफाई फौजियों ने मार गिराया है।  

ग्वालियर एयरबेस में यह फौजी जंगी तय्यारा मार गिराया गया जिसमे आई ए एफ का ग्रुप कैप्टेन ए गुप्ता भी मारा गया है।    

भारतीय फ़िज़ाई फौज इस को हादसा बता रही है जिसने एक ट्वीट में कहा IAF ने ग्रुप कैप्टेन ए गुप्ता को खो दिया है।   IAF ताज़ियाती पैग़ाम पेश किया और कहा उनके एहले ख़ाना के साथ IAF पुर आज़म सख़्ती से खड़ा है।   

No comments:

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...