Wednesday, 3 March 2021

गोली मारो सालों को।

अज़ीज़ नाज़रीन,

                        ताज़ा खबर गुजरात के बड़ोदा में एक ही घर के ६ अफ़राद ने ज़हर पी 

                         कर खुदकशी कर ली है.  ३ हलाक ३ की हालात नाज़ुक। यह लोग माशी 

                         मुफलिसी और ग़ुरबत से परेशान थे. 

जम्मू कश्मीर में एक भारतीय आतंकी फ़ोर्स (इंडियन आर्मी) के एक ऑफिसर ने खुद को गोली मार कर अपना ही एनकाउंटर कर लिया है।   यह इत्तेला दहशतगर्दों (फौज) के एक आला कमेंडेर (अफसर) ने इस खबर की तस्दीक़ की है, और उसने बताया की एक आर्मी अफसर ने खुद को गोली मार कर खुदकशी कर ली है।  

मामला श्रीनगर का है जो सरे दस्त पकिस्तान के ज़ेरे इंतज़ाम है।  मारा गया दहशतगर्द का नाम सुदीप भगत सिंह है।  जम्मू कश्मीर के खाँमोह इलाक़े में बरोज़ बुध अल सुबह फौजी डेपो में दहशतगर्द सुदीप भगत ने खुद को गोली मार कर हलाक कर लिया, जिससे वोह मौक़े पर ही ढेर हो गया और उसको तड़पने का मौक़ा भी नहीं मिला।

खूँखार दहशतगर्द और ज़ालिम तरीन काफिर दहशतगर्दों ने दिल्ली में नारा दिया था "गोली मारो सालों को"।   उस नारे के बाद बराबर यह सहाफी फ़ॉलोअप कर रहा था की कितने साले ग़द्दार मारे जातें हैं।   १ साल के बाद तमाम कुफ्रिस्तान में कमो बेश १५०० से २००० काफिर शिद्दत पसंद और संघी दहशतगर्द या दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरयाणा, राजिस्थान के खाकी आतंकिओं को गोली मार कर हलाक कर दिया गया या खुद ही अपने आप को गोली मार कर खुदकशी कर ली है।   

जब हर रोज़ दो तीन ऐसी गोली मार कर अवाम की या खाकी दहशत के लोगों की हलाकत होने लगी तो इस सहाफी ने तंज़ भी कसे थे, भाइयों और बहनों ये जो हर रोज़ खुदकशी कर रहें हैं उनके मौत से आप उनकी ग़द्दारी को पहचान सकतें हैं।   गोली मारो सालों को बोल कर दशहतगर्द पचता रहे होंगे, अब कभी भूल कर ऐसी बात नहीं बोलेंगे जो इनके अपनों को मौत की नींद सूला दे।  

नाज़रीन ख़ौफ़ में वही खुदकशी करता है जो माज़ी में कुछ तो गलत कर बैठा होता है।  दिल्ली पुलिस के फरवरी २०२० के हिन्दू दहशतगर्द हमले में शामिल होने के सुबूत और सुराग मिलते ही ख़ुदकशी बेहद बढ़ गई थी जो आज तक थमने का नाम नहीं ले रही है।  

बरोज़ सनीचर दिल्ली पुलिस के एक ऐ अस आई ने खुद को गोली मार के ख़ुदकशी कर ली है।   ऐ अस आई जखीरा फ्लाई ओवर के पास तैनात था, और उसने पीसीआर वेन में खुद की ५६ इंची छाती पर गोली चला दी और जगह पर ही लुढ़क गया मतलत ढेर हो गया।   मारा गया ऐ अस आई का नाम तेजपाल है।   जिसको मोतीनगर शिफ़ाख़ाने में लाया गया था लेकिन उसको जर्राह ने मुर्दा ज़ाहिर कर दिया। 

सहाफी जुबेर का अपनी फौज के जवानों से सवाल अरे वोह हिन्दू कसाई, जल्लाद, डाकू कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और सामूहिक रंडी रागिनी तिवारी कहाँ हैं।   नहीं वैसे ही पुछा।   ज़रा खबर रखो, दिल्ली में जिन ख़ाकी दहशतगर्दों ने मुस्लिम अवाम पर ज़ुल्म किया था उन तमाम के खात्मे के बाद इनका नंबर लगना चाहिए।   

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