Thursday, 4 March 2021

मुस्लिमों पर हमले, गद्दारी के बढ़ते मामले……..भारत हुआ ग़ुलाम

अभी अभी ताज़ा खबर: गोली मारो चालू है, उत्तर प्रदेश की वाज़ारतख़ाना लखनऊ के विधान सभा गेट नंबर ७ के बाहर एक दारोग़ा इंस्पेक्टर निर्मल चौबे ने अपनी कनपटी पर सर्विस रिवाल्वर रख कर गोली चला दी: मौत 

अज़ीज़ नाज़रीन,

३ दिन पहले एक मज़मून में इस सहाफी ने लिखा था की अभी और बोहोत सी ख़ुशख़बरों के लिए तैयार रहें, मज़लूम, दहशतगर्दों के साताये, मज़हबी तास्सुब का शिकार मुस्लिम, दलित उसके बाद आहिस्ता आहिस्ता खुशखबरियाँ आने लगी।   इस ज़िम्न में ताज़ा तरीन खुशखबरी है उस थिंक टैंक की निस्बत से है जिसने भारत की हैसियत (औक़ात) रैंकिंग फ्रीडम (आज़ाद) से घटा कर ग़ुलाम वाली कर दी है। 

दरअसल अमेरिका के वाशिंगटन में मौजूद थिंक टैंक ने हिन्द की फ्रीडम स्कोर को पस्ती की जानिब धकेल दिया है।  फ्रीडम हाउस रैंकिंग में पहले भारत 'आज़ाद' क़िस्म के मुमालिकों की फेहरिस्त में था, लेकिन अब भारत की रैंकिंग को घटाकर 'जसवी तौर पर आज़ाद' (partly free) किस्म में डाल दिया है। 

तंज़ीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है की साल २०१४ में जब से भारत में नरेंद्र मोदी की हुकूमत आई है भारत के अवाम की हक़तल्फ़ी हो रही है।  इस रिपोर्ट में ग़द्दारी के केस लादना, मुस्लिमों का क़त्ले आम और उन पर हमले, दौरान ताला बंदी पाबंदियों का ज़िक्र किया गया है। 

नई रिपोर्ट में इंडिया का स्कोर ७१ से घटकर ६७ रह गया है।  १०० के स्कोर पर आज़ाद मुमालिकों को रखा गया है।   रिपोर्ट में मज़ीद कहा गया है की वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी की हिन्दू  क़ौम परस्त बीजेपी की हुकूमत मुत्तासिब रवैया इख़्तियार की हुई है।   इस दौरान सख़्त तरीन तशद्दुत बढ़ी है और मुस्लिम आबादी बड़े पैमाने पर इससे मुत्तासिर हुई है।     

रिपोर्ट में मज़ीद कहा गया है की इस हुकूमत में इंसानी हुक़ूक़ की तंज़ीमे, सहाफियों और मुसन्निफ़ों को ख़ौफ़ज़दा किया जा रहा है डराया जा रहा है।  शिद्दतपसंदों से मरूब हो कर हमले किये जा रहें हैं, जिसमे हूजूमी दहशत भी शामिल है और इसका निशाना बड़े पैमाने पर मुस्लिम बन रहें हैं।  

रिपोर्ट में कहा गया है गैर हुकूमती तंज़ीमों और हुकूमत के दीगर नक़दीनों को हरासा किया जा रहा है।  मुस्लिम, दलित अवाम माशी और समाजी तोर पर हिन्दू शिद्दत पसंदों के हाशिये पर हैं। 

६७ के स्कोर के बाद अब भारत एकवोडोर और डोमिनिक रिपब्लिक के क़तार में आ गया है।  जो ग़ुलामी का एक पैगाम देती है।   तमाम आलम में २० फीसद अवाम आज़ाद मुमालिकों में मुक़ीम हैं। 

इस रिपोर्ट में फ़रवरी साल २०२० में हुए दिल्ली भयानक फ़िरक़ावारना दहशत और हमले का भी ज़िक्र है।  जिसमे ५० से ज़ाइद मुस्लिम अफ़राद हलाक हुए थे।   रिपोर्ट में यह भी कहा गया है की यह अवाम हुकूमत की जानिब से एक तरफा शहरियत क़ानून और मुतस्सिब रवैये के खिलाफ पुर अमन एहतेजाज कर रहे थे, जब उनके ऊपर हमला हुआ।  

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