Sunday, 17 January 2021

भारतीय जनखा पार्टी का “लव जिहाद” से ले कर “वेक्सीन जिहाद” तक, आवाम को बड़े पैमाने पर हलाक करने की साजिश।

 अज़ीज़ नाज़रीन,

आलमी बरादरी और भारत के अवाम के ख़िलाफ़ जनखा पार्टी ने जिहाद की शुरुआत कर दी है।  भारत की वेक्सीन कुछ नहीं, बल्कि भारत का तमाम आलम में और हिन्द के अवाम के ख़िलाफ़ वेक्सीन जिहाद है। इस टीके के मुज़िर असारत अब नज़र आने लगें हैं। नर्वे में फ़ाइज़र कंपनी का वेक्सीन लेने के फ़ौरन बाद २९ अफ़राद की मौत हो गई है।  आलमी बरादरी को फ़ौरन भारत पर हमला कर देना चाहिए और भारत के वेक्सीन जिहाद के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानून पास करना चाहिए। 

क्या वजह है की सबसे पहले इस वेक्सीन को मोदी, अमित, योगी या किसी और जनखा पार्टी के सरबराह ने नहीं लिया है।  बल्कि आवाम को लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।   यहाँ तक की मोदी का एक वज़ीर बड़े ही जोश खरोश से वेक्सीन लेने का अज़्म कर के शिफा ख़ाने (हॉस्पिटल) पंहुचा था, फ़ौरन मोदी की सख़्त हिदायत आ गई, उसके बाद उसने अपना फैसला तब्दील कर दिया और टीका लेने का ख़याल मुल्तवी कर दिया।   ऐसी बातों से क्या समझा जाए, जो अवाम बढ़ चढ़ कर वेक्सीन ले रहें हैं वोह मोदी की मोहब्बत में लव जिहाद कर रहें हैं और जो उसको नहीं ले रहे वोह वेक्सीन जिहाद।   अल गरज़ मोदी के मवाफ़िक़ों के दोनों हाथों में लड्डू है।    

जनखा पार्टी की यह एक ऐसी जंग है जिसमे मोदी अपने खुद के कुछ सिपाहियों और आला ओहदेदारों को वेक्सीन लेने पर मजबूर करेगा और जब वोह ले लेंगें तो तमाम अवाम को ज़बरदस्ती ठूसाई जाएगी।   अलबत्ता दोनों ही सूरतों में मौत तो वाक़े होगी।   जो मोदी मोहब्बत में वेक्सीन ले कर मारे जायेगें वोह "लव जिहादी" कहलायेगें और जो ग़फ़लत और ख़ौफ़ के चलते वेक्सीन ले कर मरेगें वोह "वेक्सीन जिहादी"। 

 मोदी, जनखा पार्टी बड़े पैमाने पर आलमी अवाम को हलाक करना चाहता है।   फिर जो कोई भी बचेगें वोह उसके मुवाफ़िक़ ही बचेगें।   क्योंकि उसके अपने तो वेक्सीन ले नहीं रहें हैं।  

आलमी बरादरी को इस साजिश के तेह तक जाना होगा और भारत की जितनी कंपनियां हैं फ़ाइज़र, सिप्ला या कोई और जिन्होंने वेक्सीन बनाई है उनकी मोदी, जनखा पार्टी या हूकूमते हिन्द से सांठ गाँठ का पर्दा फाश करना होगा।  साजिश के तहत मोदी इंतेज़ामिया बड़े पैमाने पर इंसानियत को हलाक करना चाहता है तो ऐसी सूरत में भारत के ऊपर हमला कर देना चाहिए।   और ऐसी कंपनी के मालकों की गर्दन क़लम या फ़ासी देना चाहिए जो मोदी की इस साजिश में मुलव्विस थे, और अवाम की हलाकत के ज़िम्मेदार।  

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