Friday, 16 June 2023

मी औरग़ज़ेब, ओरंगराये माझा: सहाफ़ी ज़ुबेर

अज़ीज़ नाज़रीन

आज का मज़मून ३ हिस्सों पर मुश्तमिल है। 

१.           दरिंदे फडणवीस के मुँह से ख़ारिज गंदगी का जवाब

२.          नये एवांन में मुताहिदा भारत का नक़्शा

३.          बेपोरजॉय से दहशत की ज़मीन गुजरात तबाह पाकिस्तान मेहफ़ूज़ 

१.       नाज़रीन गुजिश्ता हफ़्ते हिन्दू शिद्दत के ज़ेरे इंतज़ाम महाराष्ट्र के कोलहापुर को आतिशे नार करने की ज़ाफ़रानी तंज़ीम की हस्बे रिवायत ग़लीज़ और गन्दी सियासत देखने को मिली।  वजह इलज़ाम था मजलिस के रकूनों ने आलमगीर हज़रत सूफ़ी रूहानी ताक़त औरंगज़ेब रेहमतुल्लाह अलैहे की तस्वीर शाया की थी और उनकी शान में क़सीदे वाला स्टेट्स रखा था।  उसके ऊपर ज़ाफ़रानी दरिंदा ग़लीज़ ज़ुबान देवेंद्र फडणवीस फ़ौरन अमल पेरा हो गया।  देवेंद्र फडणवीस बोलता है महाराष्ट्र में यह ओरग़ज़ेब की इतनी ओलादे कैसे पैदा हो गयी।  इसकी तहक़ीक़ करेगें।  अबे ज़न्खे अभी तक २००८ में जो कसाब के नाम के पीछे बहादुर हेमंत करकरे को शहीद किया था उसकी तहक़ीक़ तू पूरी नहीं कर सका तो औरग़ज़ेब की औलादों की क्या तहक़ीक़ करेगा।    पुलवामा किस की सियासत का नतीजा था उसकी तहक़ीक़ नहीं कर पाया और मुँह से गंदी गर्म हवा छोड़ रहा है।  देवेंद्र फडणवीस में रखता हूँ औरग़ज़ेब की तस्वीर अपनी डीपी बना कर उनके शान में क़सीदे लिखता हूँ कर क्या करता है मेरा।  निकाल मेरी तहक़ीक़।  फिर औरंगज़ेब ज़ालिम थे।  एक आम फरेब और झूट है की उन्होंने १० हज़ार हिन्दू रोज़ मारे दूसरा उन्होंने २ लाख जैनो को रोज़ जालाया ऐसा कर के उनको तस्कीन मिलती थी।  अगर इतने ज़ालिम थे औरग़ज़ेब तो दहशतगर्द फांसी पर लटकाया गया नाथूराम की औलादें कैसे ज़िंदा बच गई।  उस हिसाब से तो काफ़िर शिद्दत की नस्ल ख़तम हो जानी चाहिए थी।   

      याद रखो शिद्दत पसंद काफ़िरों, बीजेपी वालों, संघी दहशतगर्दों लंगूर और लँगूरनियों की टोली जितना झूट फैलाओगे उतना सच साबित होगा।  फ़िर जो तोहमत औरग़ज़ेब और मुग़लों के ऊपर लगाते हो की औरंगज़ेब ने १० हज़ार हिन्दू एक दिन में मारे थे और वोह बोहोत ज़ालिम थे तो वोह सब तुमको और तुम्हारी नस्लों को भोगना पड़ेगा।  हिन्दुस्तान तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह इंशाल्लाह अब हो रहें हैं टुकड़े तो भागे भागे फ़िर रहे हो।  फ़िर लव जिहाद पर झूट फैलाया तो अब खुद हिन्दू वाल्दैन मुस्लिम नौजवानों के साथ डंके की चोट पर अपनी दुख्तर का निकाह करवा रहें हैं।  शादी का कार्ड बाक़ायदा छपवा कर रिश्तेदारों को दिया जा रहा है।   

२.     नये एवान का इफ़्तेताह तानाशाह मोदी ने किया और उसमे वोह तमाम आशियात रखे गए जो मुस्तक़बिल में इस्लामिक ममलेकत के बनने में कारगर साबित होंगे।  नाज़रीन नये एवान में मुताहिदा भारत की ऐसी तस्वीर लगाई गई है जो दिवार में ही मौजूद है उसको अगर निकालने की हाजत हुए तो पूरी दिवार को तोड़ना पड़ेगा।  इससे मोदी की ज़ेहनियत का इल्म हुआ की कितनी ख़बासत और ज़हर उसके ज़हन में भरा हुआ है।  आज़ाद रियासतों को वोह जंग कर के भारत में शामिल करना चाहता है।  हाँ हम भी यही चाहते हैं की भारत मुत्तहिद रियासत बने लेकिन भारत पाकिस्तान, बंगलदेश और अफ़ग़ानिस्तान को मिला कर एक जो रियासत बनेगी वोह "हिन्दुराष्ट्र" नहीं होगी बल्कि वोह मुताहिदा इस्लामिक ममलेकत  बनेगी।

३.     तूफ़ान बोपरजॉय का आग़ाज़ हुआ था और ज़ाफ़रानी लंगूर लँगूरनियों के ज़हन में गंदा कीड़ा कुलबुलाने लगा था।  उनके हिसाब से पाकिस्तान में ज़्यादा तबाही आएगी और गुजरात बच जाएगा।  फिर तूफ़ान का आग़ाज़ भी नहीं हुआ था की पाकिस्तानी हुकूमत पर लतीफ़े और पाकिस्तानी अवाम को गाये बैल के ऊपर अपनी जान बचाते हुए हंसी मज़ाक का आग़ाज़ हो गया था।  ख़बरनामे पर एक संघी बोलता है पाकिस्तान तो तबाह हो जाएगा पहले ही गरीबी ऊपर से आटा गीला आगे लिखता है "बेपुरजोय तुम आगे बड़ों हम तुम्हारे साथ हैं।"  मेने उसी वक़्त अल्लाह से दुआ की या अल्लाह ऐसा कुछ कर दे की पाकिस्तान तो बच जाए और गुजरात तबाह हो जाए।  वही हुआ पाकिस्तान से इतना दूर रहा तूफ़ान की उसकी हवा तक नहीं पहुंची।      

बोलो शैतानों के वारिस बागेश्वर वाले महाराज तुमने तो खूब कोशिश की लेकिन तुम्हारी हर कोशिश नाकाम साबित हुई।  कियोंके जो काम शैतान तबाही का कर सकता है उसको अल्लाह रेहमत में बदल देता है।   यह पहली बार नहीं जब पाकिस्तान के ऊपर आने वाली तकलीफ पर संघी कट्टरपंथी काफ़िर लंगूर लँगूरनियाँ खुशियां बनाते थे वोह सब भारत के ऊपर लौट आई थी बल्कि ऐसा कई बार हुआ है और आगे भी होगा।     

याद रखो काफ़िर कट्टरपंथियों, संघी दहशतगर्दों, बीजेपी वालों लंगूर लँगूरनियों तुम्हारे ही मज़हबी अक़ीदे के हिसाब से पाकिस्तान प्रहलाद है और भारत होलिका।  हिरण्यकश्यप भारत का ज़ालिम तरीन मग़रूर और अकड़ू राजा मोदी है।  तो जब जब तुम पाकिस्तान का बुरा चाहोगे ख़ुद जल कर राख हो जाओगे।  बर्बाद हो जाओगे तबाह हो जाओगे। 


सहाफ़ी ज़ुबेर

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