अज़ीज़ नाज़रीन
भारत के ऊपर दोहरी मार पढ़ी है और साहब हैं की दौरे के
ऊपर दूसरा दौरा कर रहें हैं। हाल ही में ओर्रिसा
के नज़दीक ३ ट्रेनों की आपस में ज़बरदस्त टक्कर
हो गई जिसकी वजह से कुछ ३०० के क़रीब लोग जहां बाक़ हुए फिर "बिपरजॉय" तूफ़ान
से पूरा गुजरात, राजिस्थान तबाह हो गया लेकिन साहब हैं की चले गुलछर्रे उड़ाने अमेरिका। इतना ही नहीं अभी और सुनिए। अमेरिका का दौरा इक्तेदाम को पहुंचा की सीधा अमेरिका
से जा पहुंच मिस्र।
साहब को बोहोत ही गन्दी आदत है एक दौरा ख़तम होता है की
उनको किसी की भी शादी याद आ जाती है और बिन बुलाये मेहमान के जैसे दवात उड़ाने पहुंच
जातें हैं। डैडी यह आपके गेस्ट हैं। यह तो तिफ़्ले मकतब है यह यहाँ क्या कर रहा है। आप रूकिये में बात करता हूँ। “३-इडियट”.
अबे गुलछर्रे उड़ाने के लिए अपना पैसा नहीं लगता, देश के
पैसे पर उड़ाए जाते हैं। बस तू हवाई जहाज़ उस जगह
उतार दे जहाँ दवात हो रही हो।
अब मिस्र का दौरा पहले से ते शुदा तो नहीं था। फिर साहब को पाकिस्तान के जैसे क्या याद आ गया जो
सीधा अपने वालिद का जहाज़ समझ कर मिस्र की जानिब घूमा दिया। हाँ भाई हुकूमत से मिली हुई गाडी और लाड़ी है। गाडी को जब चाहा जहाँ चाहा घूमा दिया और लाड़ी को
जब चाहा जहां चाहा ……… कर दिया।
साहब की बोहोत ही गन्दी आदत है बिन बुलाये किसी भी दुसरे
के घरों में घुसने की। हाँ याद आया यह वही
साहब हैं जो माननीय मनमोहन सिंह जी के बाथ रूम में झांका ताकी करते हुए पकडे गए थे। फिर मेने उस मुद्दे पर बोहोत ही खिचाई की थी। मनमोहन सिंह जी बाथरूम में बरसाती पहन कर नहाएं या
या कच्छे में नहाएं तुम काहे को किसी की निजी ज़िन्दगी में झांका ताकी कर रहे हो।
ऑस्ट्रेलिया ने दौरा मंसूख किया फिर भी ऑस्ट्रेलिया पहुंचे और बीच रस्ते में ही फिजी याद आ गया वहां उतर गया।
ख़ैर साहब की गन्दी और ओछी ज़ेहनियत की वजह से अब सभी ने
अपने बाथरूम में ऐसी कारगरदेगी की है अगर किसी गलीज़ ज़ेहनियत ने झांका ताकी करने की
जुर्रत की के उसकी आँख ही बहार आ जाएगी। दूसरी
बात बिन बुलाये इस मेहमान से अब तो आलमी बरादरी तंग आ चुकी है। अब कभी भी यह दौरे पर जाता है तो सभी मुल्क अपने
अपने रेडार सिस्टम को एक्टिव मोड पर कर देतें हैं कब आ धमकेगा बिन बुलाया मेहमान।
सहाफ़ी ज़ुबेर
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