Monday, 5 June 2023

ज़ाफ़रानी, ख़ाकी दहशत और फिल्म भी मोहब्बत को नहीं रोक पाई।

अज़ीज़ नाज़रीन,

अपनी मोहब्बत को पाने के लिए एक हिन्दू खातून ने मिसाल पेश की और दुनियां की ज़ालिम तरीन खूंखार ज़ाफ़रानी और ख़ाकी दशहतगर्द के दबाव के बावजूद अपने आशिक़ यूसुफ़ से शादी कर ली।  

मोहब्बत की दास्ताँन ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों के क़ब्ज़े वाले सूबे दरमियान (मध्य प्रदेश) की है।  जहाँ नर्सिग की तालीम हासिल करने वाली एक हिन्दू तालिबे इल्म को दशहतगर्द और खूंखार ज़ालिम लेडी डॉन भोपाल की बीजेपी की प्रज्ञा ठाकुर ने उसको झूट पर मबनी प्रपोगंडा फिल्म "केरल स्टोरी" दिखाई और उनके आशिक़ यूसुफ से दूर रहने की धमकी दी।  लेकिन ख़ातून ने अपनी मोहब्बत को नहीं ठुकराया और बिल आख़िर तमाम तर तक़लीफ़ों अज़ीयतों मुख़ालेफ़त के अपनी मोहब्बत को पा लिया और यूसुफ़ से निकाह (शादी) कर लिया।  

ख़ाकी दहशतगर्दों (पुलिस) ने ख़ातून के सामने यूसुफ़ की किरदार कूशी की और उसके किरदार का क़तल किया की वोह एक मुजरिम सोच वाला शख़्स है लेकिन जिसको माशूक़ से मोहब्बत होती है वोह उसको पा ही लेते हैं। 

मामला सूबे दरमियान की दारुल ख़िलाफ़त भोपाल से है।  जहाँ पर नया बसेरा इलाक़े में रहने वाली हिन्दू तालिबे इल्म के वाल्दैन ने झूठा इलज़ाम लगाया की पड़ोस में रहने वाला यूसुफ़ उनकी १९ साल की दुःखतार बेहला फुसला कर ले गया है।  जब पुलिस ने मामले की तहक़ीक़ की तो कुछ और ही बात निकल कर सामने आई।  जिस मोहब्बत को बदनाम कर के हिन्दुत्वादी लव जिहाद का ज़ाविया तलाश रहे थे।  दहशत की सुपरखा प्रज्ञा ठाकुर लड़की को धमका रही थी पुलिस के सामने उसने कहा की वोह अपनी मर्ज़ी से अपने शोहर के साथ गई थी और वोह यूसुफ़ के साथ रहना चाहती है और बालिग़ है। 

लड़की ने अपने बालिग़ होने के तमाम सबूत पुलिस को फ़राहम किये और शादी की रजिस्टरड एग्रीमेंट।  अब पुलिस को कुछ एक्शन लेने के लिए कुछ भी सबूत नहीं मिले तो उसने यूसुफ़ के किरदार का क़तल करना शुरू कर दिया की वोह आदतन मुजरिम है और उसके किरदार में जुर्म पोशीदा है वग़ैरा।  लड़की के वाल्दैन उसको अपने साथ ले जाने की बात कर रहे थे लेकिन लड़की की हिम्मत और हौसले और अपने शोहर के साथ रहने के पुख्ता आज़म के आगे सभी क्या इन्तेज़ामियाँ, क्या दहशत की सरगना प्रज्ञा ठाकुर क्या फिल्म की हिकमत क्या वाल्दैन की गुज़ारिश क्या डरा कर लड़की को ज़बरदस्ती हिन्दू वाल्दैन को सौपने की हिकमत सब धरी की धरी रह गई। 

नाज़रीन अभी २ जून को सूबे दरमियान के दमोह में हिन्दू तालिबे इल्मों के इम्तेहान में कामयाब होने वाले फोटों में उन्होंने अपना फोटों हिजाब वाला दिया था।  उसके ऊपर हिन्दू ज़ाफ़रानी कीड़ों ने बवाल काटा था और कलेक्टर को दरख्वास्त दे कर एक्शन लेने की बात कही थी।  कलेक्टर को जब पता चला की हिन्दू तुलबा ने अपनी मर्ज़ी से हिजाब वाला फोटो दिया है तो उन्होंने उस मामले में स्कूल को क्लीन चिट दी तो वज़ीर ए दरिंदा शिवराज उचक कर आया और उसने कलेक्टर के हुकुम पर नाराज़गी दिखाई थी।  यह तो कोरी हिटलर शाही है।  मतलब अब कलेक्टर कमिशनर फौज तमाम हूकूमती नुमाइंदे सच पर अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकते बल्कि जो दहशतगर्दों की मर्ज़ी है उसके हिसाब से काम करें और एक्शन भी लें।

ऐसे तमाम दरिंदा सिफ़त जल्लाद दहशतगर्दों को एक पैग़ाम देना है।  हिन्दुत्वादिओं तुम्हारे ऊपर यह एक बद्दुआ है, जितना बवाल करोगे उतना बर्बाद और सिकुड़ते जाओगे। कश्मीर पर भी ऐसा ही बवाल किया था। ख़ास लँगूरनियाँ बोहोत फुदकती थी यहाँ भी आज़ादी के नारे लगे वहां भी आज़ादी के नारे लगे। कश्मीर के हर मसले पर मनफ़ी अक्स पेश करना।  क्या हुआ गया हाथ से। भारत की पूरी हवा हमारे क़ब्ज़े में है।  बेहतर है की तुम हिन्दुत्वादी लंगूर लँगूरनियों को मिला कर ओर्रिसा का जो हिस्सा ज़ाफ़रानी दिखाया है वहां चले जाओ। नहीं तो जो मिल रहा है उससे भी हाथ धो बैठोगे।

पूरा कश्मीर चाहिए इसकी ज़िद्द करते करते थे वोह भी गवा दिया। फिर हवा को क़ब्ज़े में करने की जंग कश्मीर से शुरू हुई थी जो आज पूरे भारत की हवा हमारे क़ब्ज़ में है। अभी जमीनी जंग कश्मीर से शुरू है जो पूरे भारत की ज़मीन सड़क को क़ब्ज़े में ले कर ख़त्म होगी। जितना बन्दर नाच करोगे उतना हम डुगडुगी बजा कर तुम को और .तुम्हारे लंगूर लँगूरनियों को नचायेगें।

सहाफ़ी ज़ुबेर

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