Monday, 12 June 2023

भारत और लंगूरों के लिए हर रोज़ नई मुसीबत अब जिलावतन करने का हुकुम।

अज़ीज़ नाज़रीन,

२०१४ के ग़ुलाम भारत में हर रोज़ कोई नई मुसीबत का आगाज़ हो रहा है।  अब भारत के ज़ाफ़रानी चिड़ियाघर के ख़ूँख़ार जानवर लंगूर-लँगूरनियों के ऊपर उनकी हरामख़ोरी, बेहयाई, बदमाशी, पेशावारना बदअमली और ग़द्दारी की वजह से शदीद रूसवाई और ज़लालत का सामना करना पड़ रहा है। 

नाज़रीन जिस हिसाब से यह ख़ूँख़ार जानवर लंगूर लँगूरनियाँ हर मुद्दे पर ना सिर्फ अपने पड़ोसी पाकिस्तान, चीन, नेपाल, श्रीलंका के ख़िलाफ़ ज़हर अंगेशी करते थे उससे भारत और चीन के बीच शदीद इन्तेशार पैदा हो गया है।   जिस तरह की ज़हरीली जुबांन यह लंगूर और लँगूरनियाँ भारत के मुक़ाबले दुसरे मुमालिकों के लिए इस्तेमाल करते थे उससे अभी तो उसकी आतिश चीन में लंगूरों तक पहुंच गई है.

हर मुद्दे पर अपने मुफ़लिस, फ़क़ीर, मुल्क भारत को सबसे अज़ीम तसव्वुर करना मोदी को दुनियां का सबसे अज़ीम मक़बूल सियसतदाँ बोल कर पेश करना।  यहाँ तक की अमेरिका के बाइडेन मोदी से मिलने के लिए बेकरार थे।  अगर इतना ही मोदी मक़बूल है तो बाइडेन की शर्तों पर भारत काहे को सजदा रेज़ हो गया।  काहे को मोदी बाइडेन की हर बात मानने पर मजबूर हो गया। 

झूठी फ़रेबी ख़बरों को शाया करना और सच्ची ख़बर को पोशीदा करना ऐसी हिमाक़त का असर अब दिखने लगा है। पड़ोसी मुल्क चीन में मौजूद एक भारतीय ज़ाफ़रानी लंगूर को ३० जून तक वतन छोड़कर जाने का हुकुम दे दिया है. बीते कुछ महीनों में चीन ने कई भारतीय ज़ाफ़रानी लंगूर लँगूरनियों को ज़लील कर के चीन से हकाल दिया और बहार का रास्ता दिखाया है. 

नाज़रीन आपको याद है ब्लफ मास्टर तिहाड़ जेल का क़ैदी और ज़ी न्यूज़ से ज़लील कर के हकाला गया सुधीर तिहाड़ी और टॉनिक वाली बाई।  इन दोनों को दुबाई में दाख़िल होने पर पाबन्दी लगा दी थी।  संघी दहशतगर्दों ने दुबाई में हिन्दू दहशत की फैक्टरी और दुर्गा वाहिनी की ब्रीडिंग प्लेस की इफ़्तेताह पर सुधीर तिहाड़ी को मदू किया था।  दुबाई की शहज़ादी ने वीज़ा देने से साफ़ अलफ़ाज़ इंकार कर दिया था।  सुधीर की झूटी फ़रेबी ख़बरों को फैलाने की आदत है जो इस्लाम मुखालिफ होती हैं।  वोह झूट और फ़रेब फ़ैलाने वाला अददतन मुजरिम है और ऐसे इंसान को हम हमरे मुल्क की फ़िज़ा को खराब करने के लिए वीसा नहीं दे सकते। 

चीन हुकूमत ने "प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया" (PTI) के एक लंगूर (सहाफ़ी) को वतन छोड़कर जाने का फ़रमान सुनाया है. चीन ने PTI के सहाफ़ी का वीजा रिन्यू करने से साफ़ इनकार कर दिया और ३० जून तक चीन छोड़ भारत लौट जाने को कह दिया. 

२०२३ की शुरुआत में भारत के चिड़ियाघर के चार ख़ूँख़ार जानवर ज़ाफ़रानी लंगूर चीन में मौजूद थे और वहां से झूठी फ़रेबी भारत के लिए जासूसी और चीन मुखालिफ ख़बरे भारत भेजते थे।  लेकिन इस साल अप्रैल में भारत के ऐसे दो ग़द्दार जानवरों का वीजा फ्रीज कर उन्हें भारत लौटने को कह दिया गया था. ग़द्दार इसलिए की यह ज़ाफ़रानी कीड़े जिस देश में रहते हैं जिस देश का खाते हैं भारत की मोहब्बत में उसके साथ ही ग़द्दारी करते हैं।  जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करतें हैं।  बाकी बचे दो भारतीय ज़ाफ़रानी खूंखार लंगूरों में से एक भारतीय लंगूर ने ११ जून को चीन छोड़ दिया था और अब आखिरी भारतीय लंगूर को जून के आख़िर तक चीन छोड़ने को कहा गया है. PTI के सहाफ़ी  के चीन छोड़ने के साथ ही अब चीन में भारत का एक भी लंगूर नहीं होगा.  और ना ही झूटी ख़बरे अब मीडिया की सुर्खियां बनेगी की चीन में मस्जिद को ढहा दिया और मुस्लिम अवाम पर चीन ज़ुल्म कर रहा है, तब भी आलमी बरादरी कियों खामोश है। 

वोह ख़बर मेने किसी भी आलमी ख़बरनामे में नहीं देखी थी।  उस ख़बर पर लंगूरों को बोहोत सख़्त जवाब दिया था।  और उस झूटी ख़बर की एक कॉपी चीन की हुकूमत को भेज दी थी।  अगर मेरा कमेंट मेहफ़ूज़ होगा तो मीडिया देख सकता है।  मेने यही लिखा था "चीन ज़िंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद, हम चीन के साथ हैं भारत को तबाह कर देंगें चीन का साथ देंगें"

नाज़रीन याद है अभी हाल ही में इमरान खान की अहलिया पर भारत के इन ज़ाफ़रानी लंगूरों ने कैसे झूठे इलज़ाम लगाए थे।  एक नकाबपोश दोशीज़ा के ऊपर झूठे इलज़ाम की वोह जादूगर है, काला जादू करती है, टोना टोटका करती है।  तुम एक नक़ाबपोश ख़ातून को सिर्फ इसलिए बदनाम कर रहे हो कियोंके उनके शोहर ने भारत को अक़वामे मुत्तहिदा में ज़लील कर दिया और भारत को इमरान खान की क़ियादत में सिफारती शाकिस्त का सामना करना पड़ा था।  मोदी इमरान खान के सामने हर महाज़ पर बोना साबित हुआ।  तो तुम उस शख़्स के घर की इज़्ज़त को झूट फ़रेब की बुनयाद पर बदनाम करोगे।  तो उसकी सज़ा तो तुमको भी मिलेगी।  अब जो बदनामी भारत की हो रही है। 

मौलाना साद पर इन लंगूरों ने उधम मचा दिया था।  उसकी सज़ा मिली।  अब दूसरी क़िस्त तैयार हो चुकी है।  

सहाफ़ी ज़ुबेर

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