Saturday, 18 February 2023

दुबाई में दिफ़ाई फ़ौजिओं ने संभाला मोर्चा।

अज़ीज़ नाज़रीन 

मुत्तहिदा अरब अमीरात UAE में दिफ़ाई फ़ौजिओं ने साजिश, कुफ्र, मुनाफ़ेक़त की नब्ज़ को काटने के लिए मोर्चा संभाल लिया है।   जिस तरह अरतरगुल ग़ाज़ी ने पहले अपने क़बीले से कुर्तुगुलू जैसे ग़द्दारों और मुनाफ़िक़ों की गर्दन क़लम करने के बाद हलफ़ का रूख किया था।  कियोंके हलफ़ में मुस्लिम हाकिमे वक़्त पर सख़्त पहरे लगा रखे थे और वहां का जो वज़ीर बादशाह का ख़ास मुशीर वोह मुनाफ़िक़ था।  इस्लाम मुस्लिम दुश्मन।  फिर हलफ़ को ग़द्दारों, साजिशियों, मुनाफ़िक़ों से पाक किया और उस मुशीर को क़ैद कर के क़बीले काई में ला कर उसकी गर्दन इब्नुल अरबी के सामने क़लम की।  दर हक़ीक़त क़बीले काई  के मुजाहिदों को रूहानी ताक़त और क़ुव्वत इबुनल अरबी से मिल रही थी।


दिफ़ाई फ़ौजिओं के दुबाई पहुंचते ही मुवाफ़िक़ नताईज मिलने लगे हैं।  और पहला काफ़िर शिद्दत पसंद और इस्लाम दुशमन संघी दहशतगर्द निकेश कुमार वल्द बीरेश सिंह मारा गया।   सूबे शुमाल के गोरखपुर गोपालगंज सुंदरपट्टी गांव का रहने वाला २२ साला निकेश कुमार एक धुरेंद्र सिंह के साथ मोदी के दुबाई के ऊपर हुकुम चलाने वाले फरमान के चलते साल २०१८ में मुत्तहिदा अरब अमीरात की दारुल ख़िलाफ़त अबू धाबी में रोजगार के नाम पर साजिश करने के लिए चला गया, जहां उसने गोदाम का मुहाफ़िज़ (स्टोर कीपर) की हैसियत से सिर्फ दिखावे के लिए काम करना शुरू कर दिया। अभी कुछ ही अर्से क़ब्ल वोह वापिस भारत लौटा था।  १७ फरवरी को उसकी लाश पुलिस को अल सुबह बजे गोरखपुर रेलवे ट्रैक के शुकुलवा गांव के पास कई टुकड़ों में बरामद हुई।   

नाज़रीन खबर है नेपाल से रवाना होते वक़्त दिफ़ाई सरबराह ने अपने फ़ौजिओं को दुबाई "मिशन कुफ्र से पाक" में काम आने वाली तमाम तर मालूमात फ़राहम की थी।

नाज़रीन खबर है की यूनिट के दिफ़ाई सरबराह की ख़ास हिदायत में नेपाल के अवाम को परेशान ना करने की हिदायत है बल्कि उन काफिरों के खिलाफ हिकमत की जाए जो शिद्दत पसंद हैं और संघ, बीजेपी से मुनसलिक हैं।  और ऐसे मुनाफ़िक़ों के खिलाफ हिकमत की जाए जो जो मुस्लिम चोला पहन कर इस्लाम से बग़ावत करतें हैं।  हर वक़्त कुफ्र की हिमायत करतें हैं।  मोदी, बीजेपी और संघ के लिए काम करतें हैं। जो साजिश करतें हैं।  कमाते मुस्लिम मुमालिकों से हैं और हिन्द में मुस्लिम अवाम के क़त्ले आम में वोह रूपये पैसा फ़राहम करतें हैं।    

नाज़रीन मालूमात हासिल हुई है की दिफ़ाई सरबारह ने कहा है इस शैतान मोदी का सर क़लम कर दो अपने आप तमाम छोटे मोठे सरकश शियातीन मर जायेगें।  इस शैतान ने अपनी जो जादूई दुनियां बसाई है अब जल्द ख़लास होने वाली है।  वोह नवजवान जो आलिमों, सूफियों और दरवेशों की ताक़त ले कर निकला है जल्द ही इसकी मसनूई दुनियां को तबाह कर देने वाला है।  एक बार बड़े शैतान का सर क़लम हुआ की तमाम छोटे सरकश शियातीन अपने आप मर जायेगें।  उनकी ताक़त ही इस बड़े शैतान के अंदर है।

उधर हिन्द में हिन्दू राष्ट्र पर घमासान मचा हुआ है।  मौलाना राबज़ी ने मुस्लिम अवाम से इल्तेजा की है की वोह धीरेन्द्र शास्त्री के बागेश्वर दरबार में ना जाया करें।  नहीं तो बाबा भारत को तोड़ देंगें।  उनको यह सहाफी बोलना चाहता है राबज़ी अपना काम से काम करो ना। तुमको क्या करना है अगर कोई बागेश्वर धाम में जाता है तो तुम काहे को उसको रोकते हो। बिलकुल बनेगा हिन्दू राष्ट्र।

बागेश्वर धाम सिर्फ वही मुसलमान जायेगें जिनको अल्लाह की जानिब से सच्ची हिदायत नहीं मिली है।  जिनको अल्लाह से हिदायत मिल गई है वोह दुनियां की बड़ी से बड़ी ताक़त आ जाए सांबरी की औलाद भी आ जाए तो वोह नहीं पलट सकते।  तुम सिर्फ अपने दीन की तब्लीग़ करो हक़ और ना हक़ में फ़र्क़ बताओ।  क्या करना है और क्या नहीं करना है वोह अल्लाह के ऊपर छोड़ दो।  होगा वही जो अल्लाह चाहता है।  चाहे कुछ भी कर लो टूटेगा तो इंडिया ही।  एक बार ४७ में टुकड़े हुए थे अब २०१४ की गुलामी के बाद की आज़ादी में होंगे। 

उधर छत्तीसगढ़ में नक्सली फौजियों का ज़बरदस्त हमला हुआ है।  पूरा पंचायत भवन IED धमाके से उड़ा दिया।  पंचायत में जाने के लिए बनी पुलिया को भी तबाह कर दिया।  इस हमले के बाद भारत की सबसे बड़ी पंचायत संसद के तहफ़्फ़ुज़ की मरकज़ी दहशत बल CRPF को फ़िक्र होने लगी है।   इससे क़ब्ल भी मरकज़ी पंचायत पर कई बार हमले हो चुके हैं।  मक़सद साफ़ है पंचायत से जो भी आदिवासी दमनकारी क़ानून बन रहे थे उसको और मरकज़ी दहशतगर्द बल को पंचायत भवन तक नहीं पहुंचने देना है।  १४ फ़रवरी से २२ फ़रवरी तक नक्सली सप्ताह बना रहें हैं।  इसमें किसी भी ऐसी अशियात को तबाह कर दिया जाएगा जो मरकज़ी हुकूमत के ज़ेरे इंतज़ाम काम कर रही होगी। 

सहाफ़ी जुबेर की रिपोर्ट

No comments:

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...