Thursday, 16 February 2023

दीफ़ाई फ़ौजिओं की आलमी ख़ला को क़ब्ज़े की जद्दो जेहद।

अज़ीज़ नाज़रीन,

भारत की फ़िज़ाओं को क़ैद करने के बाद अब दीफ़ाई फौजी आलमी हवा पर क़ाबिज़ होने की कगार पर हैं।  अमेरिका का एक आला जदीद तकनीक वाला जंगी जेट हवाई जहाज़ हवा में ही मार गिराया।  २ पाइलट की मौत।  भारत में तो अब जब भी जंगी जहाज़ उड़ेगा उसको मार गिराया जाएगा। 


अमेरिका के सूबे अलबामा में यूएस फौजी तय्यारा ब्लैक हॉक हादसे का शिकार हो गया, ये हादसा बरोज़ बुध की दोपहर करीब तीन बजे अलबामा के हंट्सविले के पास बर्वेल रोड और नेशनल हाईवे-53 पर हुआ.  बक़ौल फॉक्स ५४ ख़बरनामे के इस हादसे में कम से कम दो लोग मारे गए हैं।  जो इत्तेलात मसूल हुई है उससे पता चाला है की उस हेलीकाप्टर में २५-३० फौजी अफसरान और आला अराकीन सवारे थे जिसमे से कोई भी मेहफ़ूज़ नहीं बचा और सब मारे गए है। 

इससे क़ब्ल गुजिश्ता साल जुलाई में मेक्सिको के सिनालोआ में ब्लैक हॉक हादसे का शिकार हो गया था, जिसमें 14 फ़ौजिओं की मौत हो गई थी. उस वक़्त हेलीकॉप्टर पर १५ अफ़राद सवार थे। 

नाज़रीन जहाँ एक जानिब भारत के लंगूर-लँगूरनियाँ सदा ही पाकिस्तान के सबर में लौटते रहतें हैं जब्की उनके खुद के वतन की कड़ी पतली पर पतली होती चली जा रहीं हैं लेकिन अपने मुल्क के ग़द्दार हाकिमों के ख़िलाफ़ लिखने के बजाये पाकिस्तान के बारे में झूट फ़रेब लिखते रहो ताके अवाम बाग़ी ना हो जाए और उसको अपने ज़ख्मों की शिद्दत और दर्द का एहसास ही ना रहे।  कियोंके अब्दुल का फ़र्ज़न्द जो दुखी है, जब्की वोह बात सरा सर झूठी है।   फिर कैसे बचेगा भारत।  हारेगा हर हाल में हारेगा।  टुकड़े।  हम आटा जिहाद, मेहगाई जिहाद, त्राही त्राही जिहाद कर रहें हैं।  तुम्हारे लिए पोशीदा दुनियां के लिए ज़ाहिर।

कुछ काफ़िर शिद्दतपसन्द तुर्की को ढाल बना कर पेश कर रहें हैं।  ३२ हज़ार की मौत पर बोल रहें हैं की इस्लाम ख़तम हुआ।  ऐसे दिमाग़ी मुफ़लिसों पर हसी आती है।  ऐसे हादसे तो १४०० साल से कई बार आये जब अवाम को लगा की अब मुस्लिम क़ौम ख़तम हो जाएगी लेकिन आज दुनियां का दूसरा सबसे ज़्यादा पनपने वाला मज़हब बन गया।  वहीँ सनातनी हिन्दू तो जब से दुनियां क़ायम हुई तब से थे।  तमाम मिस्र, तुरकीय, सऊदी, इराक, यमन, ईरान, अफ़ग़ानिस्तान पाकिस्तान बंगलादेश और चीन और आधी दुनियां हिन्दू थे।  आज सिर्फ भारत के ही कुछ हिस्सों में सुकुड़ कर रह गए। 

हिन्दू इनके ख़ुद के वतन भारत में आज ख़ौफ़ से मरे जा रहें हैं हिन्दू ख़तरे में आ जाएगा अक़लियत हो जाएगा।  ऊल जलूल क़ानून बना रहें हैं।  वोह क्या है सिर्फ और सिर्फ डर।  हिन्दू मज़हब इस्लाम, अब्दुल या डिसूज़ा के फ़र्ज़न्द की वजह से ख़तरे में नहीं आएगा बल्कि हिन्दू मज़हब के खात्मे का राज़ है तुम्हारी बेईमानी, हक़ तल्फ़ी और नाइंसाफी। 

जिस मुल्क में हिन्दू साधू, संतों की ज़ुबान ज़हरीली हो जाए और वोह क़त्ले आम की ज़ुबान बोलने लगें।   इस्लाम और मुसलमानों के ख़िलाफ़ बदगुमानी झूट फ़ैलाने लगें।  तो फिर ऐसे मुल्क के अक्सरियत अवाम को यह समझने में देर नहीं करनी चाहिए की अब उनका ज़वाल जल्द आने वाला है।  मुसलमानों ने कभी किसी भी मज़हब के ख़िलाफ़ ना ही साजिश की और ना ही झूट फैलाया।  किसी भी मुस्लिम आलिम, वली या सूफी ने कभी भी हिन्दू, क्रिस्टी, बोध या कोई और मज़हब के ख़िलाफ़ कोई भी झूठी बात ना ही कही है और ना ही बदगुमानी फैलाई है।  इस्लाम मज़हब ही रियवातों की पासदारी वाला मज़हब है और तोहमपरस्ती के सख़्त ख़िलाफ़ है।  तो उसके आलिम और दानिश्वर किसी भी मज़हब के ख़िलाफ़ बदगुमानी या झूट कैसे फ़ैला सकतें हैं।   

बल्कि जब उनकी करामात ज़ाहिर होना शुरू होती है तो अवाम अपने आप उस वली, दरवेश या सूफी का गिरविदा हो जाता है और मज़हब इस्लाम में दाख़िल हो जाता है।  ठीक है अगर सनातन धर्म में इतनी क़ुव्वत और ताक़त है तो बजाये इस्लाम पर झूट फ़रेब बांधने के मुस्लिम अवाम को बदनाम करने के दिखाओ करिश्मे।  ५ जगह पर एक ही इंसान बा एक वक़्त कैसे मौजूद रह सकता है। अब इसको क़ौम के दुश्मन शैतानी अमल कहें या करामात।  अल्लाह जिस मोमीन बन्दे को जो चाहे सिफ़त आता करे।  अब तुम अगर उसको शैतानी अमल बोल रहे हो मतलब अल्लाह की ताक़त पर तुमको यक़ीन नहीं है।  और तुम उसकी कारगरदेगी से मुनहरिफ़ हो रहे हो।

जो संत बोल रहें हैं की हमें हिन्दू राष्ट्र दे दो या बराबरी करने की ऐसी होड़ लगी है की अब सनातन बोर्ड की तामीर की बातें होने लगी।  सिर्फ और सिर्फ इन्तेख़ाब को मुत्तासिर करने की हिकमत है।  अब यह झुनझुना आते इन्तेख़ाब तक बजेगा।  इन्तेख़ाब ख़तम झून्झूने की आवाज़ बंद।  धीरेन्द्र शास्त्री के हिन्दू राष्ट्र के हम मुवाफ़ेक़त में हैं।  हर जगह ओवेसी ब्रद्रान का भारत से वफ़ादारी, मोहब्बत का फ़लसफ़ा नहीं चलेगा।  लेकिन धीरेन्द्र शास्त्री जी से पूछना चाहता हूँ की २५ करोड़ मुस्लिम, १५ करोड़ क्रिस्टी और १० करोड़ सिख अवाम किधर जायेगें।  फिर वोह हिन्दू किधर जायेगें जो हिन्दू राष्ट्र की मुवाफ़ेक़त में नहीं हैं।  उसका सिर्फ़ और सिर्फ़ वाहिद हल है भारत की एक और तक़सीम।  एक बने हिन्दू राष्ट्र दूसरा सेक्युलर इंडिया।  पाकिस्तान बना था मुसलमानों के लिए अब हिन्दू राष्ट्र बने हिन्दुओं के लिए।  लेकिन जो अवाम ना ही पाकिस्तान के साथ गए और जो ना ही हिन्दू राष्ट्र के साथ जाना चाहतें हैं उनके लिए भी तो एक मुल्क होना चाहिए तो वोह होगा सेक्युलर इंडिया।  

लेकिन उस सेक्युलर इंडिया में एक एक ऐसे ग़द्दारे क़ौम मुसलमानों को पीट पीट कर भगाना होगा जो बीजेपी के साथ उसकी बोली बोलते थे और संघ की मुवाफ़ेक़त करते थे।  जिनको बड़े के ज़बीहे से तकलीफ थी और बोलते थे यहाँ नहीं मिलेगा अरेबिया या पाकिस्तान जाओ।  जो नमाज़ पर तो तरग़ीब करते थे लेकिन बाबरी मस्जिद, काशी मस्जिद, ताज नगर की मुतनाज़आ इमारत और दिगर मसलों पर हर वक़्त वोह ज़ुबान बोलते थे जो अक्सरियत अवाम के हामी हो भले ही उसमे क़ानून की दस्तूर की धज्जियाँ उड़ जाएँ चलेगा।  उस सेक्युलर इंडिया में ऐसे ग़द्दार मौलाना भी नहीं रह सकेगें जो नूपुर शर्मा की मुँह से ग़लाज़त हगने पर नबी की अज़मत से ज़्यादा उस ख़ातून की गंदगी को तरजीह देता है और बोलता है की नूपुर शर्मा को माफ़ कर देना चाहिए एक इंसान के लिए पूरे देश को आतिशे नार नहीं करना चाहिए।जब उम्मत में ऐसे मुनाफ़िक़ाना सोच होगी तो उन लोगों को हिन्दू राष्ट्र में जा कर भजन कीर्तन करना होगा।

इस बार के बटवारे में एक एक ऐसे ज़हरीले संघी, बीजेपी वाले, शिद्दत हिन्दू हिन्दू और बीजेपी, संघ से जुड़े उन मुनाफ़िक़ मुस्लिम कीड़ों को निकाल बहार किया जाए जो सेक्युलर इंडिया के मीठे पानी को अपने मफ़ात के लिए ज़हरीला कर रहे थे। 

ज़ुबेर

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