में जौर्नालिस्ट जुबेर कल बरोज़ ८ जनवरी २०२० को दीगर ट्रेड यूनियन के भारत बंद का पूरी तरह समर्थन करता हूँ. मे भी रहूँगा भारत बंद का हिस्सा. इस बंद में मेरा विरोध हुकूमत से विद्यार्थिओं पे
जो हमले हो रहें हैं उसके खिलाफ रहेगा. ख़ास
गर्ल्स विद्यार्थिओं पे जो हमले हैं उसकी सख़्त अलफ़ाज़ में मज़्ज़मत करता है ये पत्रकार.
पहले जामिया फिर अलीगढ़ उसके बाद तो हद इस दर्जे की बढ़ गई की जे एन यूं
में आतंकी हमला हो गया. इस हमले में इलज़ाम खाकी आतंक और और ऐ.बी.वी.पी, के गुंडे शामिल होने के लगे हैं. इस
हमले में छात्र नेता और छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष जो की एक महिला हैं उनको ज़बर्दस्त
तरीके से पीटा और उनके सर पर गभीर चोटें आई हैं.
ऐसी साजिशी हमले की सिर्फ कड़ी निंदा काफी नहीं है. मोदी जी तो नैपोलियन हो चूकें हैं जब रोम जल रहा
था तब वो सुरीली बांसुरी बजा रहा था और मीठी नींद सो रहा था.
अब जंग की आग आपके अपने बच्चो के मुस्तक़बिल तक आ पहुंची है. जैसा की हर वक़्त ये सहाफी कहता था अब जंग हिन्दू
बनाम मुस्लिम नहीं रही. अब जंग कश्मीर बनाम
भारत नहीं रही अब जंग हिन्दू बनाम हिन्दू ही हो गई है. जो कुछ भी जे.एन.यूं. में हुआ
वो सख़्त निंदनीय है. अब अगर नहीं जागे तो फिर
कभी नाही उठ पाओगे.
में पत्रकार जुबेर और मेरी यूनियन ऑटोनोमस जौर्नालिस्ट इस बंद का हिस्सा
रहेंगे. और में तमाम तालीमी अफ्ता समाज, माता
पीता और स्टूडेंट्स यूनियन से अपील करूंगा की बंद का हिस्सा बने. और हर रोज़ के विद्यार्थीयों पे होने वाले हमलो के
खिलाफ हुकूमत को उनके सुरक्षा की और ध्यान दिलवाएं.
ये जवान खून और छात्र कल के भारत का मुस्तक़बिल हैं. अगर दौरान तालीम उनको इस तरीके से दबाया गया डराया
गया मारा पीटा गया तो वो भविष्य में हर समय डरे डरे ही रहेगें.
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