खूंखार दहशतगर्दों की सियासी तंज़ीम और मुहाफ़िज़ भारतीय जनता पार्टी का
साबिक़ रकूने पार्लियमान और उम्र दराज़ सहाफी अश्विनी कुमार चोपड़ा हलाक हो गया है. अश्विनी
कुमार तवील वक्त से कैंसर से जूझ रहा था. बरोज़ हफ्ते (सनीचर) १८ जनवरी २०२० को गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में उसकी ज़िन्दगी का आखिर दिन
साबित हुआ जब उसकी साँसे ख़त्म हुई और उसने आखिर सांस ली. ये दहशतगर्द महज़ ६३ साल का
था और ये वक़्त उसकी मौत का तो हरगिज़ ना था.
लेकिन जैसा की इस सहाफी की हर संघी और शिद्दतपसंद को बददुआ है, की जिस जिस ने
नबी सल्लम, क़ुरान, इस्लाम की शान में बद कलामी की है वो कैंसर की मौत मारे जायेगें. अब बारी कुत्तों की तरह रोड पर मरने की है. ख़ाकी और मोदी सैनिकों की आएगी वैसी ही बारी.
ये शख़्स सहाफत से जुड़ा हुआ था और एक जाने-पहचाने नाम से पहचाना जाता था. ज़ाराये इत्तेला मालूमात के हिसाब से ये शख्स अश्विनी
कैंसर से मुत्तासिर था. ६ जनवरी के रोज़ उसकी
मज़ीद तबियत बिगड़ने पर उसको मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसकी मौत पर खूंखार
हिन्दू दहशतगर्दों की मुहाफ़िज़ और सियासी तंज़ीम भाजपा के साबिक़ सदर और वज़ीरे दिफ़ा जनाब
राजनाथ सिंह, कांग्रेस की आरज़ी सदर सोनिया गांधी ने ताज़ियत पैग़ाम दिया है.
वज़ीरे दिफ़ा जनाब राजनाथ सिंह ने अपने ताज़ियाती पैग़ाम में कहा पंजाब केसरी के एहम एडिटर और साबिक़ रकूने पार्लियमान अश्विनीन कुमार चोपड़ा की हलाकत से मुझे अज़हद सदमा पंहुचा है. वोह एक निडर सहाफी थे जो बड़ी बेबाकी से मुख्तलिफ मसाइल, वतन परस्ती और सामाजि मुद्दों पर अपनी बात रखते थे. उनके ताऊन के लिए उन्हें हमशा याद रखा जाएगा.
उधर जम्मू कश्मीर में
एक फौजी पुलिस के जवान ने अपनी खुद की बंदूक से अपने आपको गोली मार के खुदकशी कर ली
है. उसने बरोज़ जुमे को जम्मू कश्मीर के उधमपुर
फौजी दहशतगर्द अड्डे (केम्प) में अपने आपको गोली मार ली और मर गया. मरा हुआ मोदी सैनिक (दहशतगर्द) मोदी फौज में सिपाही
की हैसियत से काम करता था. जो मरने के बाद काफी देर
तक रोड पर पड़ा रहा. मरे हुए दहशतगर्द (सिपाई)
की पहचान २५ साला प्रिंस कुमार के रूप में हुई है, जो की होशियारपुर पंजाब का रहने
वाला था. इससे वेस्ट बंगाल के हिन्दू दहशतगर्द
की बात भी सच्ची साबित हो गई की हम कुत्तों की तरह रोड पर मारेगें. अब तो इन दहशतगर्दों का रोड पर मरना ही महज़ बाक़ी
रह गया है.
बक़ौल उधमपुर ज़िल्हे का
दहशतगर्द चीफ अस अस पी राजीव पण्डे के "ये वाक़िया बरोज़ जुमे को दर पेश आया. दहशतगर्द ने मज़ीद आगे कहा की मक़तूल ११२ टेरीटोरियल
आर्मी में काम करता था, और वोह गार्ड ओन ड्यूटी पर था, उसने अपने आपको सर्विस बंदूक
से गोली मार ली.
सहाफी जुबेर का इस मुद्दे
पर क्या कहना है.
जैसा की में पहले ही
इशारा कर चूका हूँ जामिया, अलीगढ़ और उत्तर प्रदेश में बर्बरियत करने वालों को हिसाब
चुकाना पड़ेगा. पहले हिन्दू दहशतगर्द और शिद्दत
पसंद मारे जायेगे फिर ख़ाकी दहशतगर्द. जब से
उत्तर प्रदेश में ख़ाकी दहशतगर्द हमला हुआ है कुछ १५० के क़रीब हिन्दू शिद्दत पसंद और
हिन्दू दहशतगर्द मारे जा चुके हैं. उसके बाद
ऑपरेशन हिट टारगेट शुरू हुआ, और अभी तक उत्तर प्रदेश खाकी दहशतगर्द हमले के बाद कुछ
२० के क़रीब ख़ाकी दहशतगर्द मारे गए हैं. खाकी
दहशतगर्दों की हलाकत के बाद सयसतदाओं का नंबर लगेगा. ख़बरदार हम आ चुके हैं.
हर शख़्स को उत्तर प्रदेश,
अलीगढ़, और जामिया में की गई अपने हिस्से की बर्बरियत की क़ीमत चुकानी होगी. यहाँ वाज़े कर दूँ की मेने जे एन यूं का नाम नहीं
लिया है. क्योंकि वोह तो ऐ.बी.वी.पी. के दहशतगर्दों
का किया हुआ एक दहशतगर्द हमला ही था. जिसकी
क़ीमत शिद्दत पसंद पहले ही उत्तर प्रदेश हमले के बाद १५० मौतों के रूप में चूका चुके
हैं.
मेरी नज़रों ने वो तमाम ना इन्साफ, ख़ाकी और संघी दहशतगर्दों के चेहरे और अक्स
अपनी आँखों में नागिन के जैसे मेहफ़ूज़ कर लिए हैं. में उन सभी को यक़ीन दिलाना चाहता
हूँ की भले ही २० साल गुज़र जाए लेकिन तुमको मासूमों, तुलबा और मुसलमानों के इस खून
रेज़ी की क़ीमत चुकानी होगी.
One More
Police man down. One more wicket down.
An Army Police Soldier allegedly committed suicide by shooting
himself with his service rifle in a military camp in Jammu and Kashmir’s
Udhampur district on Friday 17 Jan 2020. Deceased was the Sepoy in Army Police and identified
as Prince Kumar, 25, was a resident of Hoshiarpur in Punjab.
Udhampur district police chief SSP Rajiv Pandey said, “the
incident occurred Friday evening. He was posted in 112 Territorial Army and was
on guard duty when he allegedly shot himself with
his service weapon”.
A case has
been registered and a preliminary investigation has been initiated under
section 174 Cr PC, he added.
Chinar camp where the incident occurred is in the Rehmbal area
of Udhampur district, where the Northern Command headquarters is located.
Journalist Zuber Say.
As I have already hinted after the brutal Khakee Terror attack
over Jamiya, Aligad and Uttar Pradesh that first Sanghi Terrorists and
Radicalised Hindus will be killed after that Khakee Terrorists have to pay the
value. Since after the Khakee Terror attack in UP somewhere 150 radicalised
Hindus down. After that the Operation Target Hit started and so far since after
the Uttar Pradesh Terror Attack some 20 Army and Khakee Terrorists down. After
Khakee Terror turn of Political leaders will come. Beware we have reached to
the destination.
Everyone have to pay the value of their share of brutality in
Uttar Pradesh, Aligad and Jamiya. Here I am not taking the name of JNU because
it was not Khakee Terrorist attack but indeed attacked by ABVP terrorists, who
already paid the value of 150 causalities, since after the attack of UP.
My eyes sketch and memorised the photographs of every unjust,
Khakee and Sanghi Terrorists. I am assuring to them all like Cobra, even after
20 years you will have to pay the value of your fatal acts on innocent students
and Muslims.
Zuber Ahmed
Khan
Journalist
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