जब से मोदी ऐवान के ऊपर झूट, फरेब और जालसाज़ी कर के काबिज़ हुआ है तब से
हिन्दुस्तान एक के बाद एक हर मरहले में पीछे की जानिब तेज़ी से गामज़न है. जल्द ही भारत की बर्बादी के जिस अज़ीम अमल को मुकम्मल
करने का बीड़ा मोदी ने उठाया उसको वो पूरा कर के ही दम लेगा. सिवाए २०१४ से लेकर २०१९ पार्लिअमान इंतेखाबात में
बीजेपी और महाज़ को झूट और जालसाज़ी की बुनयाद पे
जीत दिलवाने के आलावा कोई भी काम मोदी ने अपनी कुव्वत, ताक़त और मक़बूलियत की
वजह से नहीं किया है.
हिंदुस्तान की
किस्मत में बर्बादी की लिखी जाने वाली इस इबारत में जहाँ एक जानिब हिंदुस्तानी चांद
पर जाने की तवक़्क़ो कर रहे थे वो मोहीम नाकाम रही वहीँ दूसरी जानिब एक्सपैट इनसाइडर
के एक जायज़े ने भारत को दुनिया का पांचवां सबसे ज़्यादा खौफनाक और खतरनाक मुल्क बता
दिया है. यह जायज़ा हिन्दुस्तान छोड़कर बेरुन मुल्क मुक़ीम होने वाले या वहां काम करने
वाले अवाम से एक मुज़ाकरात के ऊपर मुन्नसर है.
इस फेहरिस्त में भारत में बढ़ते हुए क़त्ल और ग़ारत ख़ाना जंगी (सिविल वार) इंसानी हुक़ूक़ की खिलाफ़वर्ज़ी
और इंसानी जान के तहफ़्फ़ुज़ में हुकूमत के लचर रव्वैये के चलते भारत सबसे खतरनाक मुमालिकों
की फेहरिस्त पे पांचवे पायदान पे आ पहुंचा है.
इस फेहरिस्त में भारत के अलावा कई और मुख्तलिफ मुल्कों के नाम हैं. इसमें पहली
पायदान पे है ब्राजील है जबकि दूसरे पे जुनूबी अफ्रीका तीसरे पे नाइजीरिया चौथे पे अर्जेंटीना है. इन मुल्कों के बाद पांचवें
पायदान पर भारत है.
यहाँ तक पाकिस्तान,
अफ़ग़ानिस्तान, बंगलादेश और श्रींलंका को भी भारत ने पीछे छोड़ दिया है. यह जायज़ा दुनिया
के ६४ मुमालिकों के हिजरत करने वाले अवाम पर किया गया है. यानी अपना वतन छोड़कर ६४
मुख़्तलिफ़ मुमालिकों में मुक़ीम और काम करने वाले अफ़राद से नज़दीक पहुंच के ये सर्वे किया
गया है. सर्वे में हिस्सा लेने वाले अफ़रादों ने इन मशकूक जगहों से हिजरत करने के पीछे
की सबसे बड़ी वजह अपनी और अपने एहले ख़ाना की जान का तहफ़्फ़ुज़ और सिक्योरिटी को बताया है.
जायज़े से ये पता
लगा की इन मशकूक और खतरनाक मुल्कों से हिजरत कर दुसरे मुल्कों में उनके मुक़ीम होने
की सबसे एहम वजह अवाम ने अपनी जान की अमान और दिल में पनप रहे अनजाने ख़ौफ़ को बताया. भारतीय मुहाजिरों से पूछे गए सवालात को तीन हिस्सों
में तक़सीम किया गया था जो अमन, ज़ाती तहफ़्फ़ुज़ और सयासी हिकमते अमली पर मुन्नासिर थे.
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