Sunday, 1 September 2019

इंसानियत हुई खतरे के निशान के पार.


भारत में इंसानी हुक़ूक़ की खिलाफ़वर्ज़ी खतरे के निशान के पार हो कर सुर्ख हो गई है.  मुस्लिम, क्रिस्टी, दलित और सिक्खों के इंसानी हुक़ूक़ की शदीद खिलाफ़वर्ज़ी के वाक़ियात एक आम बात हो गई है.  अवाम के बाद अब शिद्दत पसंदों ने मुस्लिम पुलिस अफसर और फौजी हज़रात को निशाना बना रहे हैं.  १३ जुलाई २०१९ को रोज़ एक मुस्लिम पुलिस अफसर अब्दुल गनी राजिस्थान के शिद्दत पसंद हिन्दू हुजुमी तशद्दुत के सबब हलाक़ हो गए थे.  वो हुकूमत की जानिब से दी गई ज़िम्मेदारी का फ़र्ज़ पूरा करने गए थे, लेकिन उसके बदले में उनको शहादत का इनाम मिला.   हाल ही में माह अगस्त २०१९ को गुजरात के बड़ोदा शहर में एक मुस्लिम पुलिस अफसर ज़बरदस्त तरीके से हिन्दू हुजूम शिद्दत का शकार हुए.  इसी हिसाब से बरोज़ २६ जुलाई २०१९ एक फौजी अफसर हुजुमी दहशत के ज़ेरे साये जांबाहक हुए.  उत्तर प्रदेश के इस फौजी अफसर को अपनी जान का नज़राना इन हिन्दू दहशतगर्दों को देना पड़ा क्योंकि वो मुसलमान हो कर भी हिंदुस्तान में रह रहे थे.  

दो ताज़ा तरीन वीडियो आपके दिमाग को लीच कर आपकी सोचने समझने की तासीर को कुंद कर देंगे.  आप सोचने पे मजबूर हो जाओगे की क्या आप एक मोहज़्ज़िब मुल्क़ में रह रहे हो या बिलकुल जंगली मुल्क़ में जहाँ जाहिल अवाम की भरमार है. एक मुसलमान पे कुछ १०० से ज़ाईद अफ़राद हूजूमी शिद्दत कर रहे हैं.  वीडियो देखिये.
दुसरे वीडियो में बेबस मुफ़लिस खातूनों को हुजूम ज़बरदस्त तरीके से मार रहा हैये अभी तक पता नहीं चल पाया है की ये वीडियो हिन्दुस्तान के किस हिस्से के हैं, लेकिन ये बात आईने के तरफ शफ़्फ़ाफ़ है की पब्लिक इस बेदर्दी से इन को इनके मज़हब की बुनयाद पे मार रही हैऑटोनोमस जर्नलिस्ट की तहक़ीक़ाती और ख़ुफ़िया टीम ने वीडियो पे अपना काम शुरू कर दिया है और जल्द ही अवाम को इन वीडियो से मुत्तालिक मालूमात दी जायेगी.
लेकिन ये बात एक दम वाज़े और साफ़ है जिस अंदाज़ में तानाशाह ज़ेहनियत ने नए भारत की तरक़्क़ी की है कुछ अर्से के बाद यहाँ तक की अक्सरियत तपके को भी इस माहोल में रहना दूभर हो जाएगा.

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