Thursday, 17 June 2021

ज़ाफ़रानी ज़ालिमों की होंगी नस्ले ख़त्म।

अज़ीज़ नाज़रीन,

 भारत के हालात बेहद नाज़ुक और तशवीशनाक होते चले जा रहें हैं।   भारत में बावजूद इतनी तबाही, अमवातों, माशी पस्ती और ज़वाल के ज़ाफ़रानी ज़ालिमों की अक़्ल ठिकाने नहीं हुई।  मतलब साफ़ है अभी इनको अंगार और लगाना पड़ेगी।   आतिश जो स्वरा भास्कर जी को लिखी हुई हिंदी कविता में लगाई थी उसके बाद तो जैसे आतिशबाज़ी की लाइन लग गई थी।   अब फिर से अंगार के लिए तैयार रहो संघी, बीजेपी, शिद्दत पसंद काफिरों, ख़ाकी दहशतगर्द और भारतीय दहशतगर्द फ़ोर्स (इंडियन आर्मी).  इंडियन आर्मी का नाम सुन कर  भारतीय अवाम और जुम्मन ख़ौफ़ ज़दा और मायूस ना हों, क्योंकि होगा वही जो होना है चाहे जुम्मन साथ आएं या ना आएं.  चाहे जुम्मन या भारतीय अवाम (सेक्युलर) कितना ही भारत की भक्ति कर लें जो हिन्द की तक़दीर में लिख दिया है वोह तो हो कर रहेगा।  

"आज तक" के अड्डे की ज़हन फ़रोश ख़ातून ज़ेहन फ़रोशी कर के अवाम के ज़ेहन को वसवसों और शक शुकूक में मुब्तेला कर के ज़ाफ़रानी तंज़ीम के हक़ में दलाली कर रही थी.  उसको फेसबुक पर आज बरोज़ जुमेरात तारीख़ १७ जून २०२१ को सुब ७ बज कर ३० मिनिट पर माक़ूल जवाब दिया गया है. 

Khan Ahmed Zuber

5tSaposhhnsorend  · 

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        Media police administration have come forward to protect the prestige of BJP. Police have twisted         the case in such manner that will not dent the image of saffron Yes Saffron hardliners we also want         you to come in power in UP and center in 2023. Be ready for third and final war. I have specifically         given this statement in my office in front of my 4 friends. India have not destroyed fully. Let BJP             come to power even to cross 400 mark no problem, they can't do anything without the pemission         of Allaha. Whatever BJP promised since after 2014 how much they completed. Right from tripple             talaq to CAA NRC every matter is hanging in between. BJP itself can not say task completed 👌💯            %. Like this major very firmly said after every task and killing of Kafir radicals. Like 11 killed                  yesterday in Guj for the revange of this episode. #Burmacompleted #Israelinprogress #Indiaisfinal

जैसे जिस्म फ़रोश अपने जिस्म के सौदे के लिए हर ख़ासो आम की तवज्जो चाहती है वैसे ही आज कल तो सहाफत में ख़ास किस्म की ख़ातूने जिस्मफरोशी से भी ज़्यादा घिनोना अमल ज़हन फरोशी कर रही हैं.  इनको ज़ाफ़रानी रूपये पैसे दे कर अपनी मर्ज़ी का कर रहें हैं.  

नाज़रीन जो कुछ भी उस मुस्लिम ज़ईफ़ के साथ हुआ उसके ऊपर ज़ाफ़रानी ना इन्साफ जो बेपरवाही का कफ़न डाल कर मुद्दे के साथ तोड़ मरोड़ कर उसको ग़लत तरीक़े से उठाना चाहतें हैं वही इन्साफ की जो देवी है उसके साथ ज़िना करना होता है.  जो असली हिन्दू दहशतगर्द हैं उनको तो छोड़ दिया और मुस्लिम बच्चों को गिरफ्तार कर लिया गया.  इन ख़ाकी दहशतगर्दों को इसकी सज़ा मिलेगी।  शायद विकास को शुमाल के ख़ाकी दहशतगर्द भूल गए.  अकेले ने १२ को जहन्नुम वासिल कर दिया था.  लाशें इधर उधर बिखरी पड़ी थी.  तैयार रहो ख़ाकी दहशतगर्दों बड़े पैमाने पर तुम्हारे अपने और तुम मारे जाओगे।

अदलिया में जो भी जज थे जिन्होंने इन्साफ का साथ दिया और मज़लूम बेगुनाहों को बरी किया, उनको बड़े इनाम से नवाज़ा जाएगा।  चाहे वोह उमर खालिद और पिंजरा तोड़ों तंज़ीम की उन मासूम हिन्दू बच्चिओं की रिहाई हो या सफूरा ज़रगार की रिहाई हो, या उत्तर प्रदेश में उस मुस्लिम नौजवान को ख़ाकी दहशतगर्दों ने बग़ैर तहक़ीक़ात के लव जिहाद की दफाओं में गिरफ्तार कर लिया था लेकिन हाई कोर्ट के जज का इन्साफ पसद फैसला की उसकी औरत आज कई सालों से उसके साथ मज़हब तब्दील कर के रह रही थी. बच्चे भी हो गए फिर जैसे ही इस तरह के क़ानून का उसको इल्म हुआ उसने पुलिस में  शिकायत कर दी.  उससे साफ़ ज़ाहिर होता है की यह सियासी हिकमते अमली के सबब किया हुआ केस है.   ऐसे तमाम जजेस की एक फेहरिस्त तैयार है जिनको इन्साफ कुन फैसला देने पर इनाम वा इज़्ज़ाताफज़ाई से नवाज़ा जाएगा और जो इन्साफ की पैरवी करते करते दहशतगर्दों के हाथों शहीद कर दिए गए उनको और उनकी अगली साथ पीड़ी के साथ इन्साफ होगा उनके तमाम इख़राजात हुकूमत की सर परस्ती में  होंगे. 

वहीँ जिन जजेस ने मुत्तसिब फैसले दिए थे हुकूमत से मरऊब हो कर या अपनी जान जाने के ख़ौफ़ से दहशतगर्दों के हाथों इन्साफ की देवी के साथ ज़िना किया उनका सर क़लम किया जाएगा।  और यह सज़ा हर खासों आम की मौजूदगी में होगी। सज़ा देने का मक़सद अपना गर्द  ग़ुबार निकालना नहीं है बल्कि इनको भारत के उस क़ानून और इन्साफ की याद दिहानी करवाना है जिसकी इनको पैरवी करना थी.  जितने भी  मुत्तसिब फैसले हुए उसमे भारत का क़ानून और दस्तूर कुछ और ही बोलता है और फैसला कुछ और ही हो गया.  

भारत में अभी तो बोहोत कुछ होना बाक़ी है, जब जब इन्साफ का क़त्ल होगा मज़लूम पर ज़ुल्म होगा और इक़्तेदार में बैठे हुए हाकिम बजाये अपनी गलती तस्लीम करने के उसके ऊपर लफ़्फ़ाज़ी का कफ़न डालने की कोशिश करेगें तो तबाही तो आएगी।  

हमारे ऊपर के तमाम कर्ज़े उतार दिए जायेगे, और हर इंसान से उसके क़र्ज़ की वसूली की जाएगी।  क़र्ज़ देते वक़्त थोड़ा ज़्यादा चला जाएगा तो कोई हर्ज नहीं होगा लेकिन वसूल करते वक़्त कोई रियायत नहीं होगी.  हर इंसान को अपने अपने जुर्म का हिसाब रखना होगा, तुम नहीं रखोगे तो हम तो रख ही रहें हैं.  वक़्त पर हर इंसान को उसका कफ़्फ़ारा देना होगा। वसूली बोहोत सख्त होगी।  कोई भी ऐसा नहीं सोच बैठे की हम तो बच जायेगें।  मुनाफ़िक़ों की पहले शामत आएगी।

तंदूर गर्म हो चूका है बस खोलता हुआ पानी तैयार रखो.  नूह अलहये सलाम की क़ौम पर जब अज़ाब आया तो उनके फ़रज़न्द का भी यही सोचना था.  अल्लाह का अज़ाब अब्बा में तो पेड़ पर चढ़ जाऊंगा में तो पहाड़ पर चला जाऊंगा। आप सय्यदना नूह अलैहिसलाम ने कहा फ़रज़न्द यह अल्लाह का अज़ाब है कोई चीज़ इससे मेहफ़ूज़  नहीं रहेगी। सब डूब जाने वाले हैं तबाह होने वाले हैं बर्बाद होने वाले हैं.  जिसका ज़िक्र २०१५-१६ में अंग्रेज़ी उसके बाद हिंदी मज़मूनों में किया जा चूका है.   उस मज़मून में सय्यद ज़ादों की जो हुरमत मुनाफ़िक़ पामाल करतें हैं उनसे  निस्बत थी.  ख़ास शाहनवाज़ हुसैन, मुख्तार अब्बास, ज़फरुल इस्लाम यह सब ग़द्दारे मज़हब अपने नाम के आगे सय्यद लगा कर सय्यद ज़ादों की इज़्ज़त पामाल करतें हैं.  अभी एक नया नया मुल्ला और आया है मोहसिन मुनाफ़िक़ जो योगी, और बीजेपी की चाटता रहता है.  हर मुद्दे पर अपना अलग ही फलसफा, हर मुद्दे पर अपनी ही बोलता है और किसी की नहीं मानता है. यही वजह है की  सूबे शुमाल में पहली से ज़्यादा तबाही आमवात दूसरी लहर में हुई.  तीसरी में इससे भी ज़्यादा होंगी। 

हरयाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटका बेहद तबाही देखेगें।  सूबा मराठा मेहफ़ूज़ रहेगा, अलबत्ता बॉम्बे की तक़दीर का फैसला मालिके कायनात ने मेहफ़ूज़ रखा है की वोह मुम्बई रहेगी या बंबई बनेगी।  और यह बंदरगाह किस जानिब जाएगा उसका फैसला आते वक़्त में हो जाएगा।  हाँ अलबत्ता मराठा शिवाजी के जांनशीन शिव राये में यक़ीन रखने वाले हर शख़्स की तक़दीर बुलंद होगी। फैसला इन्साफ के पैमाने पर होगा ना की किसी दिल्ली सल्तनत के बादशाह के हुकुम और इशारों पर होगा।  अगर मरूब हुए ख़ौफ़ज़दा हुए मुत्तासिर हुए तो अपनी तक़दीर से हाथ धो बैठोगे।  

तीसरी लहर की तबाही और बर्बादी के बाद ते किया जाएगा की चौथी और पांचवी की हाजत है या नहीं।  हर संघी, हर शिद्दत पसंद काफ़िर, हर बीजेपी वाला मारा जाएगा।  इनकी नस्लों को कोई याद नहीं रखेगा।  इनका नाम तारीख़ के सफों में बदनुमा दाग़ जान कर अवाम याद करेगें।  

इससे पेश्तर  पुलवामा के बाद जब संघी दहशत ने हमें फेसबुक  ट्वीटर पर धमकी दी थी तेरी नस्ले बर्बाद कर देंगें।  तेरे बच्चे तेरे को कोसेंगे, उस  वक़्त भी एक मज़मून में यही बात लिखी थी, जो हमारी नस्लों को बर्बाद करने की ख़्वाहिश रखते हैं ज़रा  इस्लामिक तारीख़ पड़े, सऊदी में अबू जेहल अबू लहब और दीगर ज़ालिम तरीन लोगों का मुताला करें।  आज उनका कोई वली वारिस नहीं बचा, कोई उनकी नस्लों से नहीं बचा.  यही हाल संघी दहशत, बीजेपी, शिद्दत पसंद हिन्दू अवाम का होने वाला है.  

हम पहुंच रहें हैं भारत तैयार रहो, तुम्हारी ना फौज काम आएगी ना शिद्दत, ना दहशत और ना ही तुम्हारी सियासत। सब धरी रह जाएगी। तुम सोचते ही रह जाओगे और काम हम कर जायेगें। 

बोहोत बेदर्दी से मारे जायेगें इनकी तमाम नस्लें ख़तम हो जायेगीं।   

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