श्रीनगर
कश्मीर
में दफा ३७० मंसूख करने के बाद हालात मज़ीद बदतरीन होते चले जा रहे हैं। मोदी इन्तेज़ामियाँ हर उस मुद्दे पे ज़बरदस्त तरीक़े
से नाकाम साबित हुई जिसको उसने अपनी अना और विक़ार का मसला तस्लीम किया था। ट्रिपल तलाक़, कश्मीर, पाकिस्तान, बेरुन मुल्क ताल्लुक़ात वग़ैरा।
मोदी इन्तेज़ामियाँ हर जानिब बुरी तरह फ्लॉप रही है माशी हालात बद से बत्तर होते चले जा रहे हैं, इसलिए कुछ मासूम अवाम को हलाक कर दो और हालात से अवाम की तवज्जो हटा दो.
हाल ही
में कश्मीर में ६ मज़दूरों को गोली मार के हलाक कर दिया गया। अभी तक ये साबित नहीं हो पाया
है की ये क़त्ले आम या तो भारतीय दहशतगर्द फ़ोर्स (इंडियन आर्मेड आर्म्ड फ़ोर्स) या कश्मीरी
जंगजू किस तंज़ीम का किया हुआ है, लेकिन ज़ाफ़रानी
मिडिया ने अपने खबरनामे के तमाम मज़मूनों को इस अंदाज़ में पेश करना शुरू कर दिया जिससे
शक ख़ास मज़हब के नुमाइंदों पे जाए की ये क़त्ले आम किसी ख़ास तंज़ीम का किया हुआ है। यहाँ तक की एक नामचीन ज़ाफ़रानी ख़बरनामे ने अपनी सूर्खिओं में यहाँ तक
लिख दिया की "कश्मीर में आतंकियों का नरसंहारः लाइन में खड़े किए 6 मजदूर, फिर
बरसा दीं गोलियां" अब यहाँ पर सवाल ये
उठता है की जब सभी मर गए तो ये बात किस बिना लिखी जा रही है की सभी मज़दूरों को एक क़तार
में खड़ा कर के गोली मार दी गई। अगर किसी चश्मदीद ने देखा है तो
उसकी बात को कौन तस्दीक़ करेगा की जो कहा जा रहा है वो सही है। और ये बयान भारतीय फौज या इन्तेज़ामियाँ के दबाव में नहीं दिया गया बल्कि
बिला ख़ौफ़ और दहशत के दिया गया है।
मक़तूलों में कोई भी हिन्दू नहीं हैं जाहंबाक होने वालों के नाम हैं शेख मुरसलीन, कमरुद्दीन, मोहम्मद रफीक, निजामुद्दीन और रफीक-उल शेख हैं। शदीद ज़ख़्मी हुए मज़दूर का नाम है जहूरुद्दीन। यहाँ पर भी क़त्ल की हिकमत पे शक हो रहा है, जब ६ मज़दूरों को एक क़तार में खड़ा कर को गोली मारी गई तो वाहिद को कैसे ज़ख़्मी हालात में छोड़ दिया। ज़ख़्मी को जान बूझ कर छोड़ा गया है ताके वो तमाम वाक़िया बयान कर सके, और उसको मौत का खौफ दिखा कर संघ के हिन्दू दहशतगर्द अपने मुआफ़िक बयान दिलवा सके और कश्मीर के नाम पे मज़ीद ख़ौफ़, दहशत का माहौल क़ायम रख सके।
जहाँ तक इस सहाफी की ज़हानत और दूरंदेशी है वो इस बात की तरफ इशारा कर रही है की ये क़त्ले आम संघ के दहशतगर्दों ने किया है. जो फौज की वर्दी में थे. बाद में ज़ख़्मियों को जान का ख़ौफ़ दिखा कर बयान दिलवाया गया है. क्योंकि जितने भी मक़तूल हैं वो सभी मुस्लिम हैं. और जिस अंदाज़ में क़त्ले आम किया गया है वो संघ के हिन्दू दहशतगर्दों की जानिब इशारा कर रहा है. क्योंकि हिन्दू दहशतगर्द ज़ालिमाना हिकमत इख्तियार कर के मासूम मुस्लिम अवाम का क़त्ले आम करने में माहिर हैं. दूसरी बात संघ के दहशतगर्द ये बिलकुल नहीं चाहेंगे की दफा ३७० मंसूख करने के बाद मुस्लिम अक्सरियत कश्मीर में बड़े. मोदी इन्तेज़ामियाँ कश्मीर में गुजरात मोडल इख्तियार कर रहा है. जिस तरीक़े से गुजरात में मुस्लिम अवाम के हाथ पैर काट के आतिशे नार कर दिया गया था. हामेला ख़वातीनों के शिकम (पेट) चाक कर के भ्रूण के टुकड़े टुकड़े कर के आतिशे नार कर दिया था वही सब ये हिन्दू दहशतगर्द कश्मीर में कर रहे हैं. मोदी इन्तेज़ामियाँ ने जिस तरह से ३ दिन का वक़्फ़ा गुजरात में हिन्दू दहशतगर्दों को दिया था की कर लो जो दिल में आये उसने दफा ३७० मंसूख करने के बाद ३ माह का वक़्फ़ा हिन्दू दहशतगर्दों को दिया है.
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