Friday, 9 November 2018

कश्मीरियों को क्यों शांत और खामोश नहीं रहना चाहिए।

बीजेपी शासित भारतीय प्रशासन में लोगों ने कई चीजों में अपना विश्वास खो दिया है। यहां मैं कई मुद्दों में से केवल तीन की चर्चा करूंगा और सरकार की दोहरी मानक नीति का पर्दाफाश करूंगा।

१.  कश्मीर समस्या:  

भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा कश्मीर में उच्चतम स्तर के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है, भारतीय सेना की मौजूदगी की वजह से कश्मीर में स्थिति युद्ध क्षेत्र में बदल गई है। कश्मीर का अवाम भारतीय फौज द्वारा सामूहिक हत्या, उत्पीड़न, महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन के रूप में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का सामना करने के बाद भी भारतीय प्रशासन घाटी के लोगों से भारतीय सेना को फूल पेश करने और प्रशंसा करने की उम्मीद कर रहा है। आम तौर पर, आम जनता के सामने आने वाली खबरों को भारतीय प्रशासन और सरकार द्वारा संपादित किया जाता है, और भारतीय मीडिया जनता को वही समाचार दिखा रहे हैं जिन्हें उन्हें दिखाने के  लिए कहा जाता है। मीडिया द्वारा आम धारणा ऐसी बनती है कश्मीर में भारीतय फौज  मज़लूम है और जिहादी ज़ालिम.  जबकि जिहादी, पाक घुसपैठियों के नाम पर भारतीय सेना कश्मीर में मासूम नागरिकों की हत्या कर रही है.  तथा झूटी और प्रायोजित समाचार फैला दिया जाता है की जिहादी या पाक घुसपठिये मारे गए और विशेष रूप से ऐसी झूटी और निर्मित समाचार फैलाने के लिए भारतीय मिडिया प्रसिद्ध है। भारतीय सेना आम तौर पर आतंकवादियों या पाक घुसपैठियों के झूठे टैग के तहत कश्मीर के निर्दोष मूल निवासिओं की हत्या कर रही है। असल में कश्मीरी नागरिकों को दोहरे हमले का सामना करना पड़ रहा है, एक उनका जेहादियों के नाम पर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सफाया किया जा रहा है, दूसरा कश्मीरी मुस्लिम पुलिस अधिकारी, सेना के जवानों और जनता को हिन्दू आतंकवादियों द्वारा जेहादियों द्वारा मारे गए टैग के पीछे मारा जा रहा है। इस पत्रकार द्वारा कई वीडियो और न्यूजफीड प्राप्त किए गए जब से उन्होंने लेखन के छेत्र में प्रवेश किया है, कितनी बुरी तरह बेदर्दी से भारतीय सेना और हिंदू आतंकवादियों ने कश्मीरी नागरिकों की हत्या कर दी। हाल ही में एक निर्दोष नागरिक को आतंकवादी का नाम दे कर सेना द्वारा उसकी हत्या कर दी गई। वह अपने परिवार के लालन पालन के लिए और उन्हें खिलाने के लिए ईमानदारी से कमा रहा था।  रिपोर्ट देखें।


श्रीमान मोदी और भारतीय प्रशासन अफगान समस्या को हल करने और  इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए तालिबान के साथ चर्चा में मेज पर बैठने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं।  कितनी शर्मिंदगी की बात है मोदी पर जिन्होंने अपने घर को नजर अंदाज कर अपने परिवार को एकांत में छोड़ कर नष्ट कर दिया तथा  अंतरराष्ट्रीय समस्या को हल करने के लिए दुनिया भर में घूम रहा है। उनका अपना देश भारत जल रहा है लेकिन वह विदेशी देशों की आग बुझाने में व्यस्त है। मोदी के चाल चरित्र ने उसकी विदेश नीति पर गंभीर सवालिया निशान लगाए है और संदेह खड़े किये है। एक तरफ वह हुर्रियत, पाक से अपनी समस्या पर बात नहीं करना चाहता है और दूसरी तरफ वह तालिका में सबसे बड़ी जेहादी तत्व तालिबान के सामने बैठने के लिए तैयार है।

सही बात है गैरों पे करम अपनों पे सितम जाने वफ़ा ये ज़ुल्म कर. मोदी जी का हर काम उल्टा होता है समझ नहीं आता के उलटे लोगों को सत्ता की चाबी कैसे मिल जाती है.नोटेबंदी की लेकिन उसकी मार ना तो पूँजीपतिओं को झेलना पड़ी और ना ही आतंकवाद को बल्कि उसकी मार आम जनता ने झेली. जी अस टी की मार छोटे और मझोले करोबारिओं को झेलना पड़ी जिनके कारोबार तकरीबन ठप्प हो गए. बड़े उधोगपति तो शान से जी रहे है. मिनिमम बैलेंस पे बैंको ने डाका डाला गरीब, मज़दूर वर्ग के ऊपर और बड़े पूंजीपति तो शान से बैंकों में पैसे जमा कर रहे है. अरे भाई अब जिसके पास रूपये नहीं होंगे वही तो मिनिमम बैलेंस मेन्टेन नहीं कर पायेगा, उधोगपति और पूंजीपति तो करोडो का धन बैंक में रखते है. उसी हिसाब से विदशो में शांति बहाल कर रहे है मोदी जी ये तो वही बात हुई पंडित अपने खुद के घर को आग लगा के मंदिर को रोशन कर रहा है. इससे ये बात भी साबित हो गई मोदी जी विदेशो में ज़्यादा रहते है और घर में कम तो उनको विदेशी जनता की परेशानी मालूम पड़ती है परन्तु अपने खुद के घर की नहीं.
२.  गौ हत्या:

मोदी के दोहरे मानक ने उन्हें अपने राजवंश के पूर्वज का संदिग्ध बना दिया। न केवल कश्मीर समस्या बल्कि लोगों के कल्याण और भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित हर समस्या में मोदी का लचर, बेशर्म रवैया और कार्रवाई देखने को मिलती है। गौ हत्या बंदी पर भी मोदी और भारतीय प्रशासन का पाखंड और दोहरी नीति और चाल चरित्र खुल के सामने आ गए जिसके ऊपर इस पत्रकार ने कई लेखों में उल्लेख किया है। यदि गाय पवित्र पशु है तो जैनी, मारवाड़ी और हिंदू उसको कैसे क्रूरता से हत्या कर रहे हैं। 
 ३.  भारत को रैपिस्तान में बदलना

भाजपा के सत्ता में आने के बाद भारत में बलात्कार के मामलों में भी वृद्धि हुई है और ९६% बलात्कारी हिंदू हैं और बीजेपी या संघ के सदस्य हैं। लेकिन बीजेपी ने बलात्कार के मामलों की बढ़ती संख्या पर आंखे मूँद राखी है क्योंकि अपराधी हिंदू हैं और बीजेपी या संघ से जुड़े हुए हैं। हाल ही में वाराणसी में एक साधु मंदिर में नाबालिग के बलात्कार के जुर्म में गिरफ्तार किया गया, यह तथ्य नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म देने के बाद प्रकाश में आया है। रिपोर्ट देखें।


फिर भी मोदी प्रशासन शांत रहने की उम्मीद कर रहा है और न केवल जनता बल्कि मीडिया के लोगों से पूर्ण चुप्पी बनाए रखने की उम्मीद करता है। और उम्मीद करता है मीडिया उनसे सवाल न करें। यही कारण है कि बीजेपी विपक्षी मुक्त भारत चाहता है। बीजेपी एक ऐसे देश की तलाश में है जहां विपक्ष का नाम मौजूद नहीं होना चाहिए, फिर भी हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में जाने जाएंगे। विपक्ष के बिना लोकतंत्र, इस प्रकार के लोकतंत्र को हिटलर रुपी प्रजातंत्र के रूप में माना जा सकता है। यही वजह है भाजपा के सभी सदस्य तथा शीर्ष नेता सहित प्रधान मंत्री, एच.एम., वित्त मंत्री और पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष निम्नलिखित बिंदुओं पर काम कर रहे है।

१.     कांग्रेस मुक्त भारत
२.     ए.आई.एम.आई.एम. मुक्त तेलंगाना
३.     तृणमूल मुक्त पश्चिम बंगाल
४.     लेफ्ट मुक्त केरल और उत्तर पूर्व
५.     एस.पी. मुक्त यूपी।
६.     हुर्रियत मुक्त कश्मीर।

अब क्या बचता है यदि भारत का हर राज्य सत्ताधारी सरकार से मुक्त हो जाता है और भारत विपक्ष से मुक्त हो जाता है तो केवल बीजेपी देश पर शासन करेगी।

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