लंगूर विपक्ष के हर उस बयान को बड़ा चढ़ा के
प्रायोजित करते है जिससे बीजेपी को फायदा पहुंचे. हाल ही में अमित हैदराबाद के दौरे
पे था और उसने वहां से बीजपी के लिए चुनावी सफर का आगाज़ किया. लेकिन पहली ही सभा में अपशगुन हो गया जब अमित जैसे
दिग्गज और राष्ट्रिय अध्यक्ष को इस पत्रकार ने धो डाला. एक सभा में अमित बोलता है हमें
२०१९ में एक मौका और दीजिये हम हर एक घुसपैठिये को घसीट घसीट के बहार करेंगे. जिसके ऊपर ये पत्रकार पहले ही अमित को धो चूका है
अमित जी २०१९ का महूर्त है क्या, काल करे सो आज कर आज करे सो अब. अच्छे काम के लिये २०१९ का इंतेज़ार क्यो. इससे दो बाते समझ मे आती है अगर घोसपेठीये देश मे है ओर आप फिर भी 2019 का इंतेज़ार कर रहे हो या तो आप देश हित के बारे मे नही सौचते हो या फिर ए आपका सिर्फ जुमला है. ओर अगर 2019 से पेहले इन घुसपैठीयों ने कुछ ऐसा कर दिया जिसकी आप कल्पना भी नही कर रहे होंगे तो क्या होगा. फिर जनता आपसे ही सवाल करेगी आप तो केंद्रीय नेतृत्व में पूर्ण बहुमत में थे फिर भी आपने एक्शन नहीं लिया और हमारे ऊपर ये विपदा आ गई. उस हिसाब से तो आपका २०१९ में आने का सपना चूर चूर हो जाएगा. और विपक्ष तथा मीडिया आपकी खाल उतार लेगा. जवाब देते नहीं बनेगी.
Journalist
Zuber Ahmed Khan
Journalist
Zuber Ahmed Khan-10 days ago
अमित जी २०१९ का महूर्त है क्या, काल करे सो आज कर आज करे सो अब. अच्छे काम के लिये २०१९ का इंतेज़ार क्यो. इससे दो बाते समझ मे आती है अगर घोसपेठीये देश मे है ओर आप फिर भी 2019 का इंतेज़ार कर रहे हो या तो आप देश हित के बारे मे नही सौचते हो या फिर ए आपका सिर्फ जुमला है. ओर अगर 2019 से पेहले इन घुसपैठीयों ने कुछ ऐसा कर दिया जिसकी आप कल्पना भी नही कर रहे होंगे तो क्या होगा. फिर जनता आपसे ही सवाल करेगी आप तो केंद्रीय नेतृत्व में पूर्ण बहुमत में थे फिर भी आपने एक्शन नहीं लिया और हमारे ऊपर ये विपदा आ गई. उस हिसाब से तो आपका २०१९ में आने का सपना चूर चूर हो जाएगा. और विपक्ष तथा मीडिया आपकी खाल उतार लेगा. जवाब देते नहीं बनेगी.
लंगूरों के आतंक की वजह से बीजपी २०१४ में
सत्ता के गलियारों पे काबिज़ हुई थी. जिसके
बाद मुतावातिर ये पत्रकार लंगूरों को अपने हाशिये पे लेता रहा. और समय समय पे लंगूरो की दोगली निति और बिकाऊ मानसिता
के ऊपर कटाक्ष करता रहा.
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा
चुनाव के लिए मतदान में अब कुछ ही दिन बचे हैं.
वोटिंग से पहले बीजपी को हर तरफ से आलोचानाओं का सामना करना बोहोत ही बड़ी चूनौती
साबित हो रहा है. इस पत्रकार की अमित शाह की धुलाई के बाद अब बारी थी AIMIM प्रमुख
असदुद्दीन ओवैसी की जिन्होंने अमित के एक बयान पे ज़ोरदार हमला बोला. अमित तिलिंगाना
में अपनी चुनावी सभा में साम्प्रदाइक कार्ड खेल रहा था और वोटों का विभाजन साम्प्रदाइक
आधार पे कर के हिन्दू ध्रूवीकरण करना चाहता था.
तेलंगाना में चुनाव प्रचार के दौरान अमित ने ऐसा बयान दिया है, जिसकी हर ओर
निंदा हो रही है. उसने कहा हम AIMIM मुक्त तिलिंगना और कांग्रेस मुक्त भारत बनाना चाहते
हैं.
ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि
BJP भारत को मुस्लिम मुक्त बनाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में अल्पसंख्यकों
को डराने की कोशिश की जा रही है.
बुधवार को एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, ''अमित शाह आकर तेलंगाना
में बोले कि हैदराबाद को मजलिस से मुक्त करूंगा. कौन सा मुक्त करेंगे आप? कहां से मुक्त
करेंगे आप? आप मजलिस मुक्त नहीं आप भारत से मुसलमानों को मुक्त करना चाहते हैं.
भारत से मुसलमानों का अनाइअलेशन (सर्वनाश) करना चाहते हैं.''
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश से अलग होने
के बाद तेलंगाना में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं.
पत्रकार जुबेर का हलाते हाजरा पे आकलन
ये ही लंगूरों की दोगली नीति है, जो असदुद्दीन
के बयान को साम्प्रदाइक बना के मतदाताओं को भ्रमित करना चाहते है. क्या अमित शाह का
बयान बोहोत ही शालीन और शिष्टाचार भरा था. क्या उसके बयान में हिटलर मानसिकता की बू
नहीं आ रही है.
क्या गलत कहा ओवेसी जी ने; अमित, बीजेपी विपक्ष मुक्त हर राजनैतिक पार्टी मुक्त भारत बनाना चाहते है और चाहते है की भारत में विपक्ष नाम की चीज़ ही नहीं बचे. जब विपक्ष नहीं बचेगा तो वो हो जायेगी हिटलर रुपी प्रजातंत्र और यही बीजपी चाहती है. ये सबसे भयावह परिस्तिथि होगी. अगर बीजेपी AIMIM मुक्त तिलंगाना और विपक्ष मुक्त भारत चाहती है तो हम बीजेपी और कट्टरपन्ति हिन्दू मुक्त बटवारा चाहते है. एक और बटवारा भारत का बटवारा इस देश का बटवारा, संसाधनों का बटवारा, समाज का बटवारा, ज़मीन का बटवारा. बीजेपी को AIMIM से तिलंगाना मुक्त करना है, वेस्ट बंगाल को तृणमूल से मुक्त करना है, केरला को लेफ्ट मुक्त करना है. उत्तर प्रदेश को अस.पि. मुक्त करना है . जब सब कुछ मुक्त हो जाएगा तो भारत बनेगा भगवा अर्थात हिन्दू राष्ट्र और उसी की कवायत हो रही है और हिन्दू राष्ट्र को तोड़ के हम बनायेगे एक और इस्लामिक राष्ट्र अर्थात नखलिस्तान. जो होगा तो मुस्लिम बहुल राष्ट्र लेकिन वहां पे अकलियतों के हुकूक की हकतलफी हरगिज़ नहीं होगी. जल्द ही नख्लिस्तान का सविधान तैयार किया जाएगा.
फिर कुछ सालों बाद हिन्दू राष्ट्र अर्थात
राम राज और इस्लामिक राष्ट्र अर्थात नखलिस्तान के लोगो का तुलनात्मक व्याख्या की जायेगी
फिर पता चलेगा जिस तरह से पाक का अवाम हर उस बात में भारत से आगे है जिसमे २०१४ से
पहले कभी भारत हुआ करता था. फिर वही हाल हिन्दू
राष्ट्र का होगा और इस्लामिक राष्ट्र का अवाम हर उस मुद्दे और बात पे हिन्दू राष्ट्र
से आगे होगा जिसमे कभी आज का भारत हुआ करता था.
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