Wednesday, 21 November 2018

पीड़ादायक हिन्दू धार्मिक कूप्रथाएँ

बीजेपी, संघी आतंकिओ और कट्टरपंथी हिन्दुओं के लिए मोदी भले ही राम, कृष्णा और भगवान् हो सकते हैं, परन्तु  साधारण जनता के सामने मोदी की सच्चाई खुल के सामने गई है के वो भगवान् के रूप में राक्षस, रावण और शैतान हैं. मोदी जी कहतें हैं वो समाज से कुरीतियों का खात्मा करने आये हैं, जिसका बीजेपी के राजनैतिक जोकर और संघी आतंकी हाँ में हाँ मिलाते है. किसी में इतना साहस नहीं की मोदी जैसे हिटलर रुपी राजा से सवाल कर सकेसभी नंदी बैल के आगे सर हिलाते है गुबू गुबू गुबू. मुझे राजनैतिक फायदा होगा गुबू गुबू गुबू ट्रिपल तलाक़ बिल पास होगा गुबू गुबू गुबूपरन्तु उनके खुद के धर्म में जो कुरीतियां है और महिला उत्पीड़न है उसको ख़त्म करने में कोई योगदान नहीं देतेमोदी भी मंदिरों के उन पंडितों और पाखंडिओं की तरह है जो महिला को सिर्फ भोग विलास और आनंद की वस्तु मात्र समझते है.

हिन्दू धर्म में मंदिरों में अत्यधिक कष्टदायक कुरीतियांनियोग” औरदेवदासी” प्रथा जिसके तहत एक महिला का मान सम्मान का हर दूसरे रोज़ बलात्कार होता है; ऐसी कुरीतिओं और प्रथाओं पे कट्टरपंथी, बीजेपी, संघी आतंकी और खुद मोदी काहे को खामोशी इख्तियार किये है.  नियोग प्रथा की ये हरकतें देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे,देखे विडियो|


मोदी सरकार, बीजेपी, संघी आतंकी और कट्टरपंथी हिन्दू; मुनाफ़िक़ों के ज़रिये इस्लाम मज़हब को झूट और फरेब के आधार पर बदनाम करने की कोशिश करते है.  कभी उत्तर प्रदेश के किसी मुनाफ़िक़ जिसको खुद शिया समुदाय ने धर्म निकाला कर दिया है द्वारा फरेबी फिल्म बना कर और कभी बरेली की उस महिला द्वारा न्यायपालिका में झूठे केस दर्ज करवा कर जो कहती है में इस्लामिक कानून और शरीयत को नहीं मानती हूँ.   परन्तु अपने खुदके मज़हब की कुरीतिओं पे खामोश हैं  

भारत में देवदासी प्रथा भाग -

आचार्य चंद्रास्वामी, स्वामी नित्यानंद, इच्छाधारी भीमानंद, स्वामी कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी महाराज, आसाराम, ॐ साईं, रामपाल, राम रहीम जैसे पाखंडिओं की लम्बी क़तार है.  जिसमे कम से कम २०० से ज़्यादा पाखंडी महंत और मंदिरों के पुजारी महिला और अपने भक्तो का शोषण करते हुए गिरफ्तार किये गए. हर एक मंदिर का महंत और बड़े ओहदेदार पुजारी बलात्कारी तथा महिला भोगी होता है. 

भारत में देवदासी प्रथा भाग -  

देवदासी प्रथा तकरीबन भारत के हर राज्य में खूब फल फूल रही है.  केरला का वो साधू गंगेशानंदा तीर्थपादा, उर्फ़ हरिस्वामी जिसके लिंग को एक २२ साल की युवती ने अपनी अस्मत बचाते हुए काट डाला था शयद ही कोई भूल पायेगा.  उसके ऊपर इलज़ाम था की उसने न बालिग अवस्था से लेकर यौवन तक उक्त युवती का देवदासी प्रथा के तहत शारीरिक शोषण किया था. ये प्रथा केरला, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजिस्थान, उत्तरप्रदेश, हरयाणा, ओडिसा जैसे राज्यों में खूब परवान चढ़ रही है. वृन्दावन में ऐसी हज़ारो देवदासियां आश्रमों में अपने जीवन का अंत देखने और वृद्ध अवस्था में अमानुष अवस्था में पड़ी है जिनका कोई भी वारिस या देखने वाला नहीं है.   मज़े की बात तो ये है की केरल, कर्नाटक और ओडिसा को छोड़ कर सभी राज्यों में महिला सम्मान की बात करने वाली बीजेपी शासन में है.

मोदी सरकार, बीजेपी, संघी आतंकी तथा कट्टरपंथी हिन्दू दुसरे मज़ाहिबों में मदाखलत करने से पीछे नहीं रहते, तथा अड़ोस पड़ोस में झाँका ताकि एक आम बात हैकभी महिला सशक्तिकरण के नाम पे ये बीजेपी के जोकर ट्रिपल तलाक़ पे पति द्वारा धन राशि देने का समर्थन करते थे और राजनैतिक लाभ लेने की द्रष्टि से किये हुए पाखंड और फरेब को अपनी राजनैतिक सभाओं में बखान करते नहीं थकते थेफिर अगर कोई राजनेता या पत्रकार (लंगूर नहीं) उनसे उनसे पूछ बैठे गौ आतंकी हमलों में मारे गए युवको की विधवाओं, या दंगो में मारे गए युवकों की विधवाओं या हिन्दू आतंकी हमलो में मारे गए मुस्लिम विधवाओं को गुज़ारे भत्ते की ज़िम्मेदारी क्या सरकार लेगी उस मद्दे पे ये बीजेपी के राजनैतिक जोकर पूर्ण चुप्पी धारण कर लेते थे. कभी पत्रकारो और राजनेताओं को टीवी डेबिट शुरू होने से पहले ही ताकीद की जाती थी के चुभते हुए और तीखे सवाल ना करे.


बीजेपी के राजनैतिक जोकरों, संघी आतंकिओं और कट्टरपंथी हिन्दू जनता का फरेब और दोहरा चरित्र भी मुस्लिम महिलाओं के सामने गया जिसको मोदी सरकार मुस्लिम महिला सशक्तिकरण का नाम दे रही है, एक विशेष वर्ग की महिलाओं का शोषण कर रही है असल में वो मदाखलत है, उनके मज़हबी एतेक़ाद पे डाका है क्योके अगर महिलाशक्तिकरण की बात है और गुज़ारा भत्ते की बात है तो फिर वही सिद्धांत बीजेपी, कट्टरपंथी हिन्दुओं द्वारा प्रायोजित दंगो में मारे जाने वाले मुस्लिम युवकों की विधवाओं के ऊपर लागू होना चाहिए२० साल से लेकर ३५ साल तक की महिलाये विधवा हो गई और उनके बच्चे यतीम.    इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश जिस धरती से ट्रिपल तलाक़ के खिलाफ संघ, बीजेपी की कठपुतली महिला ने न्यायपालिका में अर्ज़ी दी थी और योगी, बीजेपी ने मुस्लिम महिलाओं को अपनी भव्य जीत का हकदार माना था उसी उत्तर प्रदेश में मुज़्ज़फ़्फ़रपुर दंगो के मुख्य हिन्दू आतंकी बालियान और सोम के ऊपर से समूची भारतीय दंड संहिता की धाराएं हटा के उनको जेल से निकलवा लिया.

मोदी, बीजेपी और संघी आतंकिओं की हर नीति राष्ट्र हित के खिलाफ और धार्मिक द्वेष भड़काने के लिए मददगार साबित हो रही हैमोदी जी अफगान तालिबान से टेबल पे एक साथ बैठ कर बात चीत कर सकते है, जिससे राष्ट्र का कोई भी हित नहीं है परन्तु कश्मीर पे ना तो हुर्रियत से और ना ही पाक के साथ बात चीत का समर्थन करते है जो की राष्ट्र हित से जुड़ा हुआ और सबसे ज़्यादा विस्फोटक मुद्दा है, और अब भारत के लिए नासूर बन चूका है.


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Painful Hindu religious evils.

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