Saturday, 5 February 2022

सूबे शुमाल में ख़ाकी दहशतगर्दों के ख़ात्मे का आगाज़।

अज़ीज़ नाज़रीन,

कश्मीर की सफ़ेद वादियों से होते हुए दीफ़ाई फौजी ज़ाफ़रानी गड में दाख़िल हो चुके हैं और जैसा की गुजिश्ता तमाम मज़मूनों में वादा किया जा चूका है की एक एक ज़ालिम को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा जिसमे ख़ाकी दहशतगर्दों का नाम सरे फेहरिस्त था।  पहली क़िस्त एकम फ़रवरी बरोज़ मंगल गुलाबी दिन (Pink day) को चुकाई गई थी।   जब गाज़ी पुर थाना के ज़ेरे इंतज़ाम शेखपुर गांव में नेशनल हाई वे ४ लेन पर सूबे शुमाल के SHO की गाडी घने कोहरे के सबब सामने से आ रही ट्रक से टकरा गई।  टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी की ७ लोग मारे गए जिसमे SHO ख़ाकी देवेंद्र सिंह शदीद ज़ख़्मी हो गया था।  आखिर खबर मिलने तक वोह ज़िन्दगी और मौत की जंग लड़ रहा था।  मज़ीद इस हादसे में जो अवाम मारे गए उनके नाम हैं मिंटू सिंह सरिता, सुशीला, निशा, नीतू।   

नाज़रीन दूसरी क़िस्त हाज़िर है।  सूबे शुमाल के उन्नाव में एक ज़बरदस्त सड़क हादसे में ४ ख़ाकी दहशतगर्द मौत की आग़ोश में चले गए। मारे गए ख़ाकी दहशतगर्दों में २ दहशतगर्द और २ ज़नाना दहशतगर्द शामिल हैं।   नाज़रीन १ फ़रवरी ख़ाकी पर क़ेहर की पहली क़िस्त को भी हमने गुलाबी पहना था और दूसरी क़िस्त को आज भी गुलाबी पहना था। 

ज़राये इत्तेला मालूम हुआ है की सड़क के किनारे पुलिस की PVR गाडी पर एक ट्रक पलट गया।  ट्रक के पलटने से PVR में मौजूद तमाम ख़ाकी दहशतगर्द ज़िंदा दफ़न हो गए या कुचल गए ।  जिसकी वजह से ४ ख़ाकी दहशतगर्द मौत की आग़ोश में चले गए। 

नाज़रीन नट मिश्र अपने बन्दुओं से साधू के लिए वोट की दरख़्वास्त अपने अंदाज़ में करता है।  "यूं पी में जो कबहू नहीं हुआ वोह अब बा" नेशनल हाईवे के बारे में क़सीदे कसता हुआ देखा जा सकता है।  लेकिन यह बात गौर करने वाली है की गुजिश्ता कुछ अर्से से सूबे शुमाल में हादसात की आंधी आ गई है।  अभी परसों महोबा में एक सड़क हादसे में ४ अफ़राद की मौत हो गई थी।

नाज़रीन इस बात को पहले ही कही जा चुकी है की सूबे शुमाल में हर ज़ालिम को अपने अंजाम तक पहुंचा कर रहेगें।   फिर इस बात का भी ज़िक्र किया जा चूका है कश्मीर से फ्री होने दीजिये फिर बारी सूबे शुमाल की ही होगी उसके बाद तमाम हिन्द की होगी।  

जो हज़रात हमें वीडियो भेजते हैं उनसे गुज़ारिश है की वीडियो में ज़ालिम का चेहरा साफ़ दिखाई देना चाहिए या उसका नाम ज़ाहिर होना चाहिए तभी हम उस से नाइंसाफी का बदला ले सकतें हैं। 

Zuber

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