Monday, 21 February 2022

ख़ूँख़ार हिन्दू बजरंगदल का दहशतगर्द ढेर।

दीफ़ाई फ़ौजिओं के हाथों ढेर हुआ खूंखार हिन्दू बजरंदल का दहशतगर्द

अज़ीज़ नाज़रीन

दीफ़ाई फ़ौजिओं को हर दुसरे रोज़ कामयाबी हाथ लग रही है।   इससे क़ब्ल दीफ़ाई फौज के सिपह सालार मेजर जुबेर पहले ही बोल चुकें हैं हमें कश्मीर से फ्री होने दीजिये फिर हम शुमाल की जानिब क़दम रखेगें।  उसके बाद तमाम हिन्द में ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों को सफाये हस्ती से मिटा दिया जाएगा।  

इस ज़िम्न में कर्णाटक में दीफ़ाई फ़ौजिओं को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है जब उन्होंने ख़ूँख़ार ज़ालिम, क़त्लो ग़ारत करने वाले, बेदर्दी से मुस्लिम अवाम को मौत देने में मशहूर हिन्दू दहशतगर्द बरजरगदल के आतंकी को मौत के घाट उतार दिया है।  उसकी गर्दन सरे आम पर दीफ़ाई फ़ौजिओं ने धड़ से अलग कर दी।  गुस्ताख़े इस्लाम की एक ही सज़ा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा। 

इस दहशतगर्द को उसके किये की सज़ा कर्नाटक के शिवमोगा में दी गयी।  जी नाज़रीन यह वही शिवमोगा है जहाँ पर मुस्लिम तुलबात को हिजाब के मसले पर हिन्दू दहशतगर्द बजरंगदल ने हरासा किया था।   तुलबात को ज़बरदस्ती शरे आम पर हिजाब उतरवाया गया था।  जिसमे वोह मुस्लिम खातून उस्ताद भी शामिल हैं जिनका रोड के ऊपर हिजाब उतारवाया।  इस ज़िल्लत की वजह से उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।  

कर्णाटक के शिवमोगा में बजरंगदल का २३ साला दहशतगर्द दीफ़ाई फ़ौजिओं के हाशिये पर आ गया।  फिर क्या था उसको गिरफ्तार कर के उसको चाकुओं से गोद कर पंचर कर दिया, जिसके सबब शिफ़ा ख़ाने पहुंचने से क़ब्ल ही वोह ढेर हो गया। 

शिवमोगा में भड़की इस जंग से हालात कशीदा हैं और ज़ाफ़रानी हाकिमों ने दफा १४४ नाफ़िज़ कर दी है।   दीफ़ाई फौजी पूरी मुस्तेहदी के साथ आगे बढ़ रहें हैं।  हर हाल में इस जंग में फतह हक़ की ही होगी।   इस जंग का आगाज़ ज़ाफ़रानी हाकिमों की जानिब से किया गया था जिसका ख़मयाज़ा अब उनको ही भोगना पड़ेगा।   मई २०१९ के इन्तेख़ाब को जंग का नाम दे कर ज़ाफ़रानी लंगूर और लँगूरनियों ने खूब बरहना रक़्स किया था।  उसके बाद अगस्त २०१९ में दहशतगर्द बाहुबली गुंडे अमित शाह और मोदी को इस सहाफी ने ललकारा था की या तो हुकूमत मुसलमानों के हाथों में दे दो या नहीं तो जंग करो।   लेकिन तुम यह जंग हर्गिज़ हर्गिज़ नहीं जीत पाओगे।  मोदी और हिन्दू दहशतगर्द ठहरे हिटलर ज़ेहनियत के कूड़ दिमाग़, उनको अपनी फौज की सलाहाहियत पर बोहोत ग़ुरूर था, जिसके ऊपर भी कई मज़मून शाया किये हैं।  तुम जिस फौज के ऊपर ग़ुरूर कर रहे हो जंग के वक़्त उनकी ज़हानत छीन ली जाएगी। 

दूसरी बात मोदी इन्तेज़ामियाँ को मसलाये कश्मीर हर वक़्त  हल करने की सिफारिश की थी, नहीं तो कश्मीर का नासूर तमाम हिन्द में फ़ैल जाएगा।  कश्मीर भारत का नहीं है या तो उसको पाक को दो या आज़ाद करो।  अब मोदी ठहरा चाय जीवी, उसके ऊपर उसका नहेल, जाहिल चनकिया उसने सब आलता का पालता कर दिया।  अब तो जंग का आग़ाज़ हो चूका है।   अभी तो बोहोत तबाही हिन्दू दहशत के नाम में लिखी है।

दो दिन में यह दूसरा बड़ा हिन्दू दहशतगर्द दीफ़ाई फ़ौजिओं के हाथों मारा गया है।  कल बरोज़ इतवार हाथरस में ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों की सियासी मुहाफ़िज़ भारतीय जनखा पार्टी (बीजेपी) युवा मोर्चा के महामंत्री  को गोली मार के हलाक कर दिया गया है।  दीफ़ाई फ़ौजिओं ने ज़ाफ़रानी दहशतगर्द को पोलिंग बूथ के नज़दीक गोली मार के उसके ही खून से ग़ुस्ल करवा दिया और जहन्नुम वासिल कर दिया।  अरतरगल ग़ाज़ी। 

दीफ़ाई फ़ौजिओं के हाथों ढेर हुआ भारतीय जनता युवा मोर्चा का दहशतगर्द कृष्णा यादव

दीफ़ाई फ़ौजिओं की गोली से मारा गया दहशतगर्द २५ साल का कृष्ण कुमार यादव था।  जो काफ़ी रोज़ से हलक़े में अपनी पैठ बनाये हुए था।   दीफ़ाई फ़ौजिओं को इसके पोलिंग बूथ में गड़बड़ फ़ैलाने की टिप मिली थी, इसको चरों जानिब से घेर कर गोलिओं से इसका जिस्म छलनी कर दिया गया।  ज़ाराये इत्तेला मालूम हुआ है की हिन्दू इंटर कॉलेज के नज़दीक ही ज़ाफ़रानी दहशतगर्द कृष्ण यादव का घर है।  जहाँ नज़दीक है इन्तेख़ाबी मर्कज़ बनाया गया था।  वही पर उसका क़तल किया गया है। 

इससे क़ब्ल शुमाल के ख़ाकी दहशत (पुलिस) पर दीफ़ाई फौजी करारा ज़र्ब दे चुके हैं जिसकी वजह से कई ख़ाकी दहशतगर्द जहन्नुम वासिल हो चुके हैं।  अब बारी ज़ाफ़रानी सियासतदानों की है।असली ज़हरीले कीड़े और ज़हर की काश्त करने वाले किसान हैं।  इनको चुन चुन के मौत के घाट उतार दिया तो मसला ही हल हो जाएगा।  फिर ना मुगाल याद आयेगें और ना ही लव जिहाद की ख़ुराफ़ात और ना गाये के ज़बीहे पर दहशत और ना ही मंदिर मस्जिद और ना ही ऐसी ज़हरीली ज़ेहनियत को फरोग मिलेगी जो मुल्क की गंगा जमुनी तहज़ीब पर मीठे पानी में ज़हर घोल कर अवाम को मौत की आग़ोश में भेजती है। 

गाली गलोच करने वाले संघी समाज को तोहफे।  और मिलेंगे, फिर मिलेंगे।  इधर कहो तुम उधर हम पूरा करेंगे।  यह वादा है तुम्हारा साथ नहीं छोड़ेगे जब तक तुमको ख़तम नहीं कर देंगे।  तुम्हारा हाथ नहीं छोड़ेगें। 


बिलडोज़र जुबेर। 

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