अज़ीज़ नाज़रीन
करोना जंग बेक़ाबू होती जा रही है. हुकूमत की हर हिकमते अमली बे असर साबित हो रही है. जिस तरह से हूकूमते इस तबाही और अनदेखी जंग को अपने बद अमाल, ना इंसाफ़ी, ज़ुल्म, जब्र, शिद्दत के सबब उस मालिके हक़ीक़ी का गज़ब और गुस्सा नहीं तस्लीम कर रहें हैं बरक्स एक रूह पोश सा वायरस तो ये कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा की यह अदना सा कीड़ा हूकूमते हिन्द और तमाम अलाम का सख़्त इम्तेहान ले रहा है.
मय्यत इंस्पेक्टर सत्येंद्र
कुमार
मय्यत
इंस्पेक्टर कालका रोड पर मुक़ीम एक सोसायटी में किराए के फ्लैट में रहते थे. सतेंद्र सिंह ने बरोज़ हफ्ते (सनीचर) की रात को
फांसी लगा कर जान दे दी। इंस्पेक्टर की ख़ुदकशी करने की वजह का अभी तक इल्म नहीं हो
पाया है। पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह रात को करीब ११ बजे ड्यूटी से
वापस घर आए थे। रात को खाना खाने के बाद वह
सो गए थे। सुबह उनका जिस्म बगल के कमरे में फांसी लगा ली। बरोज़ इतवार की सुबह उनका जिस्म कमरे में फंदे से
लटका हुआ मिला। सतेंद्र सिंह गुरुग्राम में आमदो रफ़्त (ट्रैफिक) में तैनात थे। पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम कराने के लिए हूकूमते
के ज़ेरे इंतज़ाम हॉस्पिटल में भेज दिया है।
करोना जंग बेक़ाबू होती जा रही है. हुकूमत की हर हिकमते अमली बे असर साबित हो रही है. जिस तरह से हूकूमते इस तबाही और अनदेखी जंग को अपने बद अमाल, ना इंसाफ़ी, ज़ुल्म, जब्र, शिद्दत के सबब उस मालिके हक़ीक़ी का गज़ब और गुस्सा नहीं तस्लीम कर रहें हैं बरक्स एक रूह पोश सा वायरस तो ये कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा की यह अदना सा कीड़ा हूकूमते हिन्द और तमाम अलाम का सख़्त इम्तेहान ले रहा है.
इस जंग ने अकेले भारत को अभी तक कुछ ९००० करोड़ का नुकसान कर दिया है
मज़ीद जो जानी नुकसान हुआ वोह तो अलहदा है.
इतना सब कुछ होने के बाद भी जहाबाक होने वालों और मरीज़ों की अदद शुमारी
लगातार बढ़ती जा रही है. अभी तक सिर्फ अवाम
ही इस बीमारी से मुत्तासिर हो रहा था. लेकिन
अब तो जर्राह (तबीब) पुलिस की टीम यहाँ तक की फौज को भी इस वाइरस ने अपनी आगोश में
ले लिया है.
कल
लुधियाना के ऐ.सी.पी. की मौत की खबर को अभी १२ घटें भी नहीं गुज़रे थे की दो पुलिस वालों
की मज़ीद मौत हो चुकी है. एक रेवाड़ी में हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर ने खुदकुशी कर
ली है। मय्यत इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार फिलहाल गुरुग्राम में तैनात थे, और उन्होंने अपने घर पर ही खुदकुशी कर ली है। ज़ाराये इत्तेला के मुताबिक सत्येंद्र कुमार साल
२००८ में स्पोर्ट्स कोटे से पुलिस में भर्ती हुए थे। उन्होंने रेवाड़ी समेत कई जगहों
पर अपनी ख़िदमत को अंजाम दिया था।
दूसरी खबर इंदौर से है जहाँ कोरोना वायरस का केहर सबसे ज़्यादा देखने को
मिल रहा है. मध्य प्रदेश और भारत में जहाबाक
होने वाले अफ़रादों की अदद शुमारी लगातार बढ़ती जा रहा है. मध्य प्रदेश में कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा मौतें
दर्ज की गई हैं. इसी बीच कोरोना के खिलाफ जारी जंग में कोरोना पॉजिटिव पुलिस इंस्पेक्टर
देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत हो गई है.
पुलिस
इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी
कोरोना वायरस की आग़ोश में सेहत ख़ादिम, तबीबों से लेकर पुलिस महकमा भी
आ चूका है. वहीं मध्य प्रदेश का इंदौर कोरोना वायरस का बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है. इंदौर
में गुजिश्ता दिनों कई सेहत ख़ादिम और पुलिस अमला भी कोरोना वायरस का शिकार हो गए हैं.
इनमें पुलिस इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गई थी.
कोरोना से पॉजिटिव पाए जाने के बाद पुलिस इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी
को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ४५ साला देवेंद्र चंद्रवंशी जूनी पुलिस स्टेशन
के थाना इंचार्ज थे. पिछले १० दिन से अरविंदों अस्पताल में वह ज़ेरे इलाज थे. देर रात तीन बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़
दिया.
इस
वाइरस ने भारतीय फौज में भी घुसपैठ कर ली है.
ज़ाराये इत्तेला मालूम हुआ है की भारतीय नेवी के कुछ २७ जवान करोना पोसिटिव पाए
गए हैं. इस बात से फौज में हड़कंप मचा हुआ है. वज़ीरे दिफ़ा जनाब राजनाथ सिंह ने ऐसे हालात में एक
सहाफी इजलास से ख़िताब किया और उन्होंने कहा की उन्होंने इस क़िस्म की जंग अपनी ज़िन्दगी
में पहली बार देखी है. मज़ीद उन्होंने कहा की हम एक ऐसी पोशीदा मख़लूक़ से जंग लड़ रहे
हैं जिसको हम देखने से क़ासिर हैं. उन्होंने
कहा हमारी फौज के तमाम हथियार मेहफ़ूज़ हैं लेकिन हमारे फौजी और अवाम जहांबाक हो रहें
हैं.
जिस
हिसाब से करोना केहर बरपा रहा है हूकूमते हिन्द की ताला बंदी के कोई असरात नज़र नहीं
आ रहें हैं. ऐसे हालात में इस सहाफी कोई ऐसी
कोई सूरत नज़र नहीं आती की ३ मई के बाद भी ताला बंदी में कुछ रियायत मिल सकेगी. अगर हालात ऐसे ही रहे तो ये सहाफी ताला बंदी मज़ीद
बढ़ते हुए देख रहा है.


No comments:
Post a Comment