Tuesday, 26 November 2019

राम की जीत हुई रावण की हार


नए वज़ीरे आला का ख़ैर मक़दम.  लो जी ये बाज़ी भी मेरी हुई एक तज़्ज़िए (एनालिसिस) और सच साबित. जिसका ज़िक्र इस सहाफी ने अपने सितम्बर २०१९ को लिखे मज़मून महाराष्ट्र इन्तेख़ाबात पे सहाफी की पैनी नज़र. में पहले ही कर दिया था, की दो जुड़ी हुई पार्टियों का इक़्तेदार तक़रीबन ख़त्म हो जाएगा और नए वज़ीरे आज़म कुर्सी पे फ़ाइज़ होंगे. 

महाराष्ट्र में दस्तूर, इन्साफ, मस्तूरातों के मुहाफिजों और दहशतगर्दों, क़ातिलों जालसाज़ों, फरेबियों के बीच चल रही जंग अपने इक़्तेताम पर पहुंच गई.  और इस जंग में मुहाफ़िज़ फ़ौजिओं के सामने दहशतगर्दों रावण, हिटलर, ज़ालिम बादशाह की हार हुई.  ये जंग राम, लक्ष्मण और भारत बनाम रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के दरमियान हुई.  जिसमे रावण सेना ८० घंटे भी राम के मुक़ाबिल खड़ी नहीं रह सकी  बिल आख़िर ज़बरदस्त हार का सामना करना पड़ा.   लो जी ये बाज़ी भी मेरी हुई.  क्योंकि इस जंग में हम राम के हामी थे ना की रावण और उसके दहशतगर्दों के. 

नाज़रीन आपको शायद याद हो या ना हो जनवरी या फरवरी २०१८ में उद्धव ठाकरे, देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में मीडिया से ख़िताब करते हुए बोलतें हैं की अगली बार शिव सेना का वज़ीरे आला होगा.  उनके उस बयान पे ना जाने क्या कैफियत थी इस सहाफी को की उसके मुँह से बरजस्ता निकल गया.  बन जायेगे आपके फ़रज़न्द अगली बार वज़ीरे आला.  उनको इतना कहते हुए कुछ नसीहतें भी की थी.   खूब कमाए खूब खाये हर कोई खाने कमाने आता है.  लेकिन वज़ीरे आला बनने के बाद मुस्लिम अवाम की हक़तल्फ़ी हरगिज़ ना करें, किसी के साथ ना इंसाफ़ी ना करें.  नहीं तो अंजाम बूरा होगा.  अब वाज़े कर दूँ इस अंजाम बूरा होने में उपरवाले का गज़ब और गुस्सा उतरेगा.  

मेरा वो नज़रिया उस वक़्त मीडिया की सूर्खिया बना था.  हो सकता है आज तक या नव भारत ने उसको मेहफ़ूज़ कर के रखा होगा तो देख सकतें हैं.  दहशतगर्द बीजेपी तो किसी भी सूरत से महाराष्ट्र में नहीं थी.  फिर देवेंद्र कैसे वज़ीरे आला बना सकता था.  उस वक़्त जो हमारी कैफियत थी उसमे ख़ास तवज्जो शिव सेना के उद्धव या आदित्य के लिए थी बीजेपी तो दूर दूर तक कही भी नहीं थी. 

कुछ संघी और बीजेपी के चाटूकार बीजेपी की जालसाज़ी पे दहशतगर्द जाहिल, अनपढ़, मति मंद अमित की बढ़ाई बघार रहे थे की कहा था अमित से पन्गा मत लेना आज का चाणकीय.  अब उन सब के फूले हुए ग़ुब्बारे से हवा और पानी ख़ारिज हो गया.  इस तरह की बेइज़्ज़ती, रूसवाई के बाद अब उनके जिस्म की दर्जे हरारत फिर कभी गर्मजोश नहीं होगी, और अगर ज़र्रा बराबर शर्म और हया बाक़ी है तो उसी अमित को डूब मरने की तरग़ीब करें दहशतगर्द जिसको की मुहाफ़िज़ और चाणक्य कहा था.  कुछ बोलतें थे कुछ भी कर लो आएगा तो फडणवीस ही.  उसके ऊपर इस सहाफी ने कहा था. 

कुछ गद्दारे महाराष्ट्र बोल रहे है चाहे कुछ भी कर लो बनेगा तो फडणवीस है मुख्य मंत्री. ऐसी ही भाषा गद्दारे हिन्द और आतंकी बोलते थे. चाहे कुछ भी कर लो आएगा तो मोदी है. फिर जालसाज़ी, फरेब धोकेबाज़ी से मोदी फिर से सत्ता में तो गया लेकिन अपने साथ लाया भारत और उसके अवाम के लिए तबाही बर्बादी मौत. उसी हिसाब से फिर दावा कर रहे है कुछ आतंकी चाहे कुछ भी कर लो आएगा तो फडणवीस ही. ठीक है आने दो जालसाज़ी कर के और फरेब मचा के लेकिन उसके बाद महाराष्ट्र का किया होगा कौन जाने. खूखार आतंकी सघटन बीजेपी का आतंकी सरगना पहले ही इस बात की तरफ इशारा कर चूका है मशाराष्ट्रा कश्मीर बनेगा. शिव सेना के साथ जो क़रार चुनाव से पहले राजनैतिक दल ने किये थे आदित्य ठाकरे को मुख्य मंत्री बनायेगे और जितने भी प्री पोल एग्रीमेंट किये थे उनको पूरा करें. फिर जिस अंदाज़ में आतंकी बोल रहे हैं चाहे कुछ भी कर लो आएगा तो फडणवीस ही. तो में कहना चाहूंगा चाहे कुछ भी कर लो टूटेगा तो भारत ही.

बाला साहब के इंतेक़ाल के बाद मुतवातिर इस सहाफी ने शिव सेना के लिए और ख़ास उद्धव को खिताब कर के कई मज़मून शाया किये थे.  जिसमे साफ़ अलफ़ाज़ में तनक़ीद की थी की शिव सेना से अवाम ख़ाइफ़ है और उसकी दहशत से उसकी सियासी हिकमत पे ज़बरदस्त हमला हो रहा है.  या तो आप पूरी तरह से दहशतगर्दाना वारदातों में मुलव्विस हो जाइये या फिर सियासत के लिए अपनी हिकमते अमली में तब्दीली लाइए.  खैर उद्धव ठाकरे मोदी की तरह हठधर्मी और आतंकी अमित की तरह जाहिल, कूड़ दिमाग नहीं निकले उन्होंने अपनी हिकमत  तब्दील की और उसका नताइज आज सामने है.  जब शिव सेना में तब्दीली आ रही थी तब भी कई मज़मून और नज़रियात में इस सहाफी ने इस बात को वाज़े अलफ़ाज़ में तस्लीम किया है की अब शिव सेना पहले की जैसी दहशत मचाने वाली जमात नहीं रही बरक्स अब अवाम उसपे भरोसा कर सकता है. 

दूसरी बात शिव सेना से क़ुर्ब की एक और वजह है शायद तारिख में पहली बार ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह पे २०१८ में शिव सेना की तरफ से चादर के साथ खिराजे अक़ीदत पेश की गई थी उसके साथ बेहतर मुस्तक़बिल की दुआ के लिए दरखवात की गई थी.  फिर अहमद नगर, ओरंगाबाद इज्तेमा में खुले दिल से शिव सेना ने ताऊन किया था और आदित्य ठाकरे ने हर नुक्कड़ और चौराहे पे नारा लिख रखा था आप अपने अल्लाह से शिव सेना और हमारे लिए दुआ कीजिए.  अल्लाह तो सबका मालिक है जो भी उससे सच्चे दिल से मुराद मागेगा उसको मिलेगी.  तीसरी बात हज यात्रा के दौरान हाजिओं की तकलीफ को मरकज़ के सामने उठाना और हज ज़ायरीनों से दुआ की गुज़ारिश करना.  जिसने सच्चे दिल से दुआ की सो हो गया.  

वहीँ दूसरी जानिब किसी ने हिटलर शाही दिखाई में माफ़ी नहीं मागूंगा.  उसके दिल में बे हद ग़ुरूर और तकब्बुर भर गया था उसने सोचा होगा में किसी मुसलमान से दुआ के लिए दरख़्वास्त दूँ उससे तो अच्छा है में ताक़त और ओहदे के ज़ोर पे जालसाज़ी से जीत के आता हूँ.  सो देख लीजिये हिंदुस्तान की आज क्या हालत है.  हर जानिब वो हिटलर और उसका नशेड़ी, गुंडा, जाहिल, अनपढ़, कम अक़ल आतंकी अमित ज़लील हो रहे हैं सो अलग, बेरुन मुल्क इज़्ज़त के टोंटे हो रहे है.  आज भारत हर जानिब दहशतगर्दी, अक़लियतों के हुक़ूक़ की खिलाफवर्जी, मस्तूरातों के हुक़ूक़ की खिलाफवर्जी, इंसानी हुक़ूक़ की खिलाफवर्जी के लिए मशहूर हो रहा है.

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