हिन्दू स्टेट (हिन्दू राष्ट्र) के आतंकवादी आम तोर पे निर्दोष लोगों को दंडित करते है उस जुर्म के लिए जो उन्होंने किया ही नहीं। कभी नागरिकों को फ़ासी पे लटकाना; कभी नागरिकों
को जिन्दा जला के मार डालना, कभी-कभी हिन्दू स्टेट (हिन्दू राष्ट्र) की पुलिस और सेना भी निर्दोष नागरिकों की किसी भी गलती के बिना हत्या कर रही है। सर्वशक्तिमान ने हिन्दू स्टेट
(हिन्दू राष्ट्र) के आतंकवादियों या उनकी सेना द्वारा निर्दोषो को को दी हुई हर सजा का माकूल जवाब दिया है।
१६ दिसंबर २०१७ की रात सुमो चालक आसिफ इक्बाल को हिन्दू स्टेट (हिन्दू राष्ट्र) की सेना ने हत्या कर दी। प्रारंभ में, हिन्दू स्टेट
(हिन्दू राष्ट्र) की सेना ने दावा किया था कि वह जिहादी थे और कुछ और जिहादियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते थे। लेकिन जब घटना की आग हिंसक हो गई और परिवार के सदस्यों ने हिंदू स्टेट आर्मी के दावे को खारिज कर दिया और सबूत पेश किया कि वह निर्दोष ड्राइवर थे, मारे गए ड्राइवर के परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें बिना चेतावनी के गोलीबारी में मारा गया है। परिवार के सदस्यों ने आगे कहा वह निर्दोष
थे और हत्या के समय वह घर से बाहर कुछ
रोगियों को अस्पताल ले जाने के लिए निकले थे। जब हिन्दू स्टेट
(हिन्दू राष्ट्र) की सेना ने अपने पहले वाले बयान की धज्जिया उड़ते हुए और किरकिरी होते हुए देखि और आग
को उनके कॉलर तक पहुंचते देखा तो, तब तत्काल पहले वाले बयान से पलट गए। अब (हिन्दू राष्ट्र) की सेना ने दावा किया कि क्रॉस फायर में उसे गलती से मार दिया गया था। पुलिस
ने इस मामले की पेचीदगी को भांपा और सेना की बासुरी के साथ सूर मिलाने का प्रयास किया
और कहा कि यह गलत पहचान का मामला है।
हिन्दू स्टेट की आर्मी ने मानवता के खिलाफ अपराध किया और बिना किसी गलती के निर्दोष कश्मीरी अवाम को मार दिया। अब सर्वशक्तिमान की बारी थी के हिंदू स्टेट की आर्मी को उस गुनाह की सजा उसी गति से दे जिस गति से उसने कश्मीरी निर्दोष नागरिकों की हत्या की है।
१९ दिसंबर २०१७ को बर्फ हिमस्खलन में फंसे हिंदू स्टेट आर्मी के ५ सैनिकों में से ३ के मृत शरीर मिले और २ की खोज अभी भी चल रही है।
उसी तरह ७ दिसंबर को एक हिंदू आतंकवादी ने एक निर्दोष मुस्लिम व्यक्ति को उसके साथ दोस्ती का नाटक करने के बाद मार डाला। उसने मुस्लिम युवक को अपने स्कूटर पर बैठाकर एक सुनसान जगह तक ले गया और उसे मार डाला। ९ दिसंबर को नोएडा में इस घटना के दो दिन बाद ही १५ साल के एक लड़के ने अपने माता-पिता अंजली अग्रवाल को ४२ साल और १२ साल की बहन को काट कर शरीर को जला दिया।
महीने २६ मई, २०१७ को एक मेजर गोगोई ने अपनी जीप से एक कश्मीरी राष्ट्रीय को अपने आप को और दूसरे हिंदू स्टेट आर्मी के जवानो को पत्थरबाज़ी से बचाने के लिए बाँधा, घटना के कुछ समय पश्चात ४ से ५ मेजर सड़क दुर्घटनाओं में समाप्त हो गए थे। १२ जून, २०१७ को एक मेजर जिसकी पहचान एस.आर. समल के रूप हुई कुपवाड़ा के क्रेलपोरा इलाके में उसकी जीप के पलट जाने के बाद मारा गया। वह ३१० फील्ड रेजिमेंट था। १५ जून, २०१७ को एक मेजर गुप्ता की एक सड़क हादसे में मौत हो गई, जब वह अपनी जीप से जम्मू से श्रीनगर यात्रा कर रहा था। ४ अक्टूबर २०१७ को मेजर आशिष की एक सड़क दुर्घटना में मौके पर मौत हो गई और एक कर्नल और दो अन्य मेजर गंभीर रूप से घायल हो गए जब उनकी बीएमडब्लू जीप (यूके 06 बी -9000)
अखनूर में 3.30 बजे दुर्घटना का शिकार हो गई।
यह हिंदू स्टेट आर्मी और पुलिस की आदत बन गई है कश्मीर के शहरी और नागरिक क्षेत्रों में गहन और अंधाधुंध गोलीबारी का प्रयोग करते है। सशस्त्र हथियारों के इस्तेमाल से सैन्य कार्यवाही कश्मीर में जानबूझकर मुस्लिम आबादी को कम करने के लिए की जाती है। यही डर कश्मीर के नागरिको हमेशा रहता है के उनकी जीविका को छीना जा रहा हैं, जो उनके जीने का हक़, सम्मान और संपत्ति के लिए खतरे का संकेत है और यही कयास कश्मीरी नागरिको का भी है के निर्दोष नागरिकों की नियमित हत्या क्षेत्र की मुस्लिम आबादी को कम करने के लिए होती है। लेकिन सर्वशक्तिमान कश्मीरी नागरिकों की हर हत्या के लिए हिन्दू स्टेट की आर्मी को माकूल जवाब दे रहा है।
हिन्दू स्टेट (हिन्दू राष्ट्र) के मुख्या भगदादि और हिंदू स्टेट की सेना सावधान यदि तू एक निर्दोष को मारेगा, तो तुझको अपने करीबी और प्यारो को अपने कंधों पर ढोना होगा। इस पत्रकार की समझ ये कहती है और उसका मानना है किसी एक अपराधी को छोड़ना नहीं लेकिन अपराध के झूठे नाम पर किसी भी निर्दोष को मारना नहीं है।
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