Friday, 13 October 2023

हमास के हमले में १ लाख या उससे ज़्यादा यहूदियों के मारे जाने का इमकान।

अज़ीज़ नाज़रीन,

पिछले हफ्ते हमास फाइटरस ने ज़ालिम क़ाबिज़ इजराइल के ऊपर जो क़ेहर बरपा किया था उस हमले में कम से कम १ लाख से ज़ाइद इसरायली और फ़ौजिओं के मारे जाने का इमकान है।   हमास ने दावा किया है की उन्होंने ५००० राकेट इजराइल के ऊपर फायर किये थे।  ३००० रॉकेट्स इजराइल को टारगेट को हिट किये, इस बात की तस्दीक़ ख़ुद इजराइल का वज़ीर ए दिफ़ा कर चूका है। 

चलिए अब ३००० रॉकेट का एनालिसिस करतें हैं।  एक रॉकेट जो हाई राइज़ बिल्डिंग पर गिरा उसकी ज़द में आने से पूरी पूरी बिल्डिंग तबाह हो गई।  एक रिहाइशी बिल्डिंग में कमो बेश २०० अफ़राद रहतें होंगे, उस बिल्डिंग के तमाम अफ़राद नहीं मारे गए बल्कि गिरी से गिरी हालत में ५० से ६० अफ़राद मारे गए होंगे।  ऐसे ३००० रॉकेट गिरे थे उनका तनासुब निकालतें हैं, एक रॉकेट के हमले में ५० नहीं ६० नहीं २ अफ़राद के मारे जाने का तनासुब लेते हैं।  उस हिसाब भी ३०००X२०=६०,००० यहूदियों के मारे जाने का अदद आता है।  फिर जो ४० से ५० पेरा ग्लाइडर्स आसमान से दहशत, ज़ुल्म, बर्बरियत, नाइंसाफ़ी की नस्ल को तबाह करने उतरे थे उनके बेइख़्तयार गोली बारी में जो मारे गए होंगे वोह अलग।

हमास फाइटरस के हमले में जो इजराइल में मौतों की अदद १००० या १२०० दी जा रही हैं वोह कहीं से कहीं तक सही और दुरुस्त नहीं है।  यह तो ३००० रॉकेट जिनकी तस्दीक़ ख़ुद इजराइल का वज़ीर ए दिफ़ा कर रहा है उनके फटने का अदद है।  अगर हमास की बात को सही माना जाए की तमाम ५००० रॉकेट इजराइल के लिए हदफ़ पर सही जा कर लगे थे तो मौतों की अदद मज़ीद ज़्यादा होगी।    

दूसरी बात एक राकेट के बिल्डिंग के ऊपर गिरने पर २० लोगों के मारे जाने का अदद लिया है तो ६० हज़ार लोगों की जान जाने का इमकान है।  वहीँ अगर एक बिल्डिंग में ५० से ६० लोग मारे गए होंगे तो अदद २ से ढाई लाख यहूदी अवाम के मारे जाने का होगा। 

यह बात तो बिलकुल ते है हमास के हमले में जैसा १२०० और १००० मौतों की अदद दी जा रही वोह बिलकुल गलत और गुमराह करने वाली अदद है।  दूसरी बात इस हमले ने इजराइल के वजूद को ख़तरे में डाल दिया है।   

इससे क़ब्ल भी कई बार बॉलीवुड की फिल्मों का ज़िक्र किया है जिसमे एक ऐसा गुंडा डॉन होता है जो पूरे समाज को अपना ग़ुलाम बना कर रखता है।  उस गुंडे के ज़ुल्म, बर्बरियत, शिद्दत नाइंसाफ़ी से तमाम अवाम परेशान रहता है।  लेकिन हीरो का एक ही झटका उसके वजूद को हिला कर रख देता है।  फिर हर दूसरा छोटा मोटा इंसान उसको चमाट बजा कर चला जाता है।


सहाफ़ी ज़ुबेर

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