Sunday, 19 March 2023

हर हाल में शुक्र ऐ इलाही।

अज़ीज़ ब्रादराने मिल्लत इस्लामिया और ख़ैर ख़्वाहा। 

नाज़रीन आप तमाम हज़रात को अज़हद मुस्सरत के साथ इत्तेला दी जाती है की चीफ विंग कमांडर (Wing Commander L33OS 7G) पूरी तरह सेहत याब हो चुके हैं।  इससे क़ब्ल  १२ जून २०२१ को फ़िज़ाई फौजी (विंग कमांडर) दरकार है। एक मज़मून इश्तेहार की शकल में दुखे दिल से शाया किया गया था।  https://zuberjournalist.blogspot.com/2021/06/blog-post_12.html   जिसमे उनके ज़ख़्मी होने की इत्तेला दी गई थी।   अब उनके सेहतयाब होने की इत्तेला ख़ुशदिली से दी जाती है।   बल्कि अगस्त २०२१ में ही उनको शिफ़ाख़ाने से छुट्टी दे दी गई थी।  हालांकि जर्राहों ने उनके सेहतयाब होने और बचने के काफी कम इमकान ज़ाहिर किये थे।  लेकिन जिसको अल्लाह रखे उसको कौन चखे।  नाज़रीन दिसम्बर २०२१ को विंग कमांडर ने अपना काम संभाल लिया था।  बल्कि पहले के मुक़ाबले काफी मुसतहद और फुर्तीले हो गए हैं। 

साल २०२१ में ही हंगामी इजलास मुनक़्क़द कर के फौज से किनाराकश हुए अफसर को जंग की क़यादत के लिए नामज़द किया था और उनको ख़िदमात देने के लिए दीफ़ाई सरबराह ने रख लिया है। 

सेहत याब हुए विंग कमांडर फील वक़्त तिजारती महाज़ पर हैं।  और आलमी तिजारत में अपने हाथ आज़मा रहें हैं।  उनको आलमी चेम्बर ऑफ़ कामर्स में एक एहम ओहदे पर फ़ाइज़ किया गया है।  उनके तजुर्बे और महारत का फायदा क़ौम और मिल्लत को मुस्तक़बिल में हर हाल में होगा।

सहाफ़ी ज़ुबेर

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