Thursday, 16 March 2023

भारतीय फौज का चीता चीर दिया गया। दोनों पायलट ढेर।

अज़ीज़ नाज़रीन 

भारतीय फौज के आवारा दहशतगर्द पडोसी मुल्कों की सरहदों की खिलाफ़वर्ज़ी करते हैं, दरअंदाज़ी (घुसपैठ) करते हैं नतीजतन उनको अपनी जान गवानी पढ़ती है।  चीन के सूबे अरुणाचल, नागालैंड की हवा में दरअंदाज़ी करते हुए २०१४ से तक़रीबन १० से १२ भारतीय फौज के फ़िज़ाई तय्यारे मार गिराए गए हैं।      

हाल ही में चीन के सूबे अरुणाचल में बरोज़ जुमेरात सुबह भारतीय फौज का हेलिकॉप्टर 'चीता' चीन की फ़िज़ाओं में दरअंदाज़ी करता हुआ दाख़िल हो गया, फ़ौरन चीन के राडार ने सिग्नल दिया चीन की फ़िज़ा में घुसपैठ और एक ही मिसाइल से चीते का काम तमाम हो गया।  साथ में  दोनों पायलट भी ढेर हो गए।  फौज के आला अराकीनों की जानिब से इस इसकी तस्दीक़ कर दी गई है।  दरअसल, सुबह लगभग ०९:१५ बजे इस हेलिकॉप्टर ने चीन की फ़िज़ा सूबे अरुणाचल के बोमडिला के पास से घुसपैठ की थी। 

नाज़रीन अब ज़रा याद कीजिये चीन का दिसम्बर ९ दिसम्बर २०२२ भारत पर दूसरा हमला हुआ था और कुछ २०० किलोमीटर चीन ने मज़ीद भारत के फ़ौजिओं को पीछे धकेल दिया था।  इस हमले में कुछ २६ भारीतय फौजी ढेर हुए थे।  जब असदुद्दीन ओवेसी को भारत की ज़मीन पर क़ब्ज़े से तकलीफ़ पहुंची तो उन्होंने मीडिया में सवाल उठाये और मोदी से पार्लियामेंट में बेहेस करने की सिफारिश की थी।  उस पर लंगूर-लँगूरनियाँ आग बबूला हो गए और उन पर ही सख़्त तनक़ीद कर रहे थे और मोदी को सही ठहरा रहे थे।  भारतीय फौज से किनाराकश हुए अफसरान ओवेसी जी का मज़ाक़ बना रहे थे और इस मुद्दे पर सियासत नहीं करने की तरग़ीब कर रहे थे। ओवेसी जी का तो बस इतना ही कहना था की हमारी ज़मीन जो चीन ने क़ब्ज़ा कर रखी है उसको वापिस लो।  उसके ऊपर फौज का एक अफसर ओवेसी जी की शबाहत कुत्ते से करता है।  अब खुद ज़लील हो रहा है, भारतीय फौज कुत्तों की तरह मारी जा रही है और फौज के अराकीन एक हिजड़े के जैसे अपने मरते हुए सिपाईयों की लाशें बस पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते रहेगें। 

अब तो अरुणाचल में भी भारत उड़ान नहीं भर सकता।  भारत की सरहद से उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही हेलिकॉप्टर चीता दरअंदाज़ी करता हुआ चीन के अरुणाचल में चीन की फ़िज़ाओं में दाख़िल हो गया और उसका राब्ता भारतीय रेडार से मुनतक़ा (टूट) गया बाद में ये बोमडिला के मग़रिब में मंडला के पास तबाह हो गया. इत्तेला मिलने पर पायलटों की जली कटी टूटी फूटी लाशों को अपने क़ब्ज़े में लेने के लिए तलाशी हिकमत अमली को अंजाम दिया गया।  कुछ घंटों की मेहनत  और मशक़्क़त के बाद दोनों पायलटों की लाशें बरामद हो गयी।  फिलहाल फौज के आला ओहदेदार मामले की तहक़ीक़ में जुट हुए हैं।  मारे गए पायलटों की टूटी फूटी शवों को अस्पताल भेजा गया है.

सहाफ़ी ज़ुबेर

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