Monday, 3 October 2022

हिन्दू दहशत की पनाह गाह में दिफ़ाई बदला पूरा हुआ।

अज़ीज़ नाज़रीन,

दिफ़ाई फौजी किसी भी काफिर दहशतगर्द को नहीं बक्श रहें हैं इधर काफिर दहशतगर्द मुस्लिम अवाम पर ज़ुल्म शिद्दत जब्र मचा रहें हैं उधर उसकी सज़ा उनके जिगर को चीर के या फांसी पर लटका के या गोली मार के या सर तन से जुदा कर के दी जा रही है।  क़िस्सा हिन्दू दहशत की पनाहगाह गुजरात से है जहाँ पर ३ रोज़ क़ब्ल खूंखार हिन्दू दहशतगर्द तंज़ीम बजरंगदल ने एक मुस्लिम नौजवान को गरबा देखने पर बे ज़र्ब मारा पीटा था उसके कपडे फाड़ कर उसकी पुश्त (पीठ) गले और चेहरे को पीट पीट कर सुर्ख़ कर दिया था। 

इस हिन्दू दहशतगर्द हमले की दिफ़ाई सरबराह सहाफ़ी जुबेर ने बजाये मज़म्मत करने के उसकी हौसला अफ़ज़ाई की थी लेकिन मुस्लिम नौजावन की पिटाई और लहू लूहान देख कर दिल दुखा था।  उससे ज़्यादा दिल आज़ारी यह जान कर हुई की मुस्लिम नौजवान काहे को ऐसे रक़्स और नाज़ेबा माहौल को देखने या उसका हिस्सा बनने जातें हैं जिसको इस्लाम में सख़्त मना बताया है।  ग़ैर मेहरम के साथ रक़्स करना आधी बरहना पराई खातूनों को देखना और उसके साथ नाच गाना करना सब गलत है। 

नज़ीर भाई दिल दुखा दिल से आह निकल गई और क़ुबूल हुई।  हुआ यह की गुजरात के आनंद में गरबे का रक़्स करते हुए एक २० साल का हिन्दू दहशतगर्द वीरेंदर सिंह हलाक हो गया।  उसका क़ल्ब दिफ़ाई फ़ौजिओं ने फाड़ डाला।  हिन्दू दहशतगर्द वीरेंदर सिंह के ऊपर ऐसा ख़ौफ़ और दहशत तारी हुई की गरबा खेलते हुए दिल का दौरा पड़ गया और पट पट पट गिर गया मौत वाक़े हुई। 

जहाँ आनंद के तारापुर की शिव शक्ति सोसाइटी में गरबा में खुशी का माहौल था वहीँ मातम पसर गया।  २० साल की उम्र मतलब हिन्दू दहशतगर्द नौजावन था।   

इसको कहतें हैं मालिके कायनात की लाठी जो बेआवाज़ होती है और जब पड़ती है तो क्या लंगूर क्या लँगूरनियाँ और क्या हिन्दू दहशतगर्द सब अपने चूतड़ पकड़ कर भागते हुए नज़र आतें हैं।  अभी सितम्बर में ही ज़ाफ़रानी मीडिया की लँगूरनियों को सख़्त तनक़ीद की है और यही बोला है जब ऊपर वाले की लाठी पड़ेगी तो इन लँगूरनियों के चूतड़ लाल हो जायेगें अब ना डॉक्टर को बता सकती और ना किसी को कह सकती।  सिर्फ बरहना स्टुडिओं में बैठना पडेगा। 

वैसे देखा जाए तो हिन्दू दहशतगर्द वीरेंदर सिंह फिट था और उसको किसी क़िस्म की कोई बिमारी नहीं थी।  वोह एथिलीट था और गरबे में  हसीन जवान नज़ारों का शौक़ीन वीरेंदर हर साल गरबे में भाग लेता था।  इस साल भी वोह लव रात्री की शुरूवात से ही रक़्स और गरबा खेल रहा था।  लेकिन शाम से ही वोह थोड़ा सा असहज दिख रहा था, फिर भी वोह मस्तूरातों और हसीन जवान लड़कियों के बीच पहुंच कर नाचना शुरू करता है लेकिन थोड़ी ही देर में वोह पट से ज़मीन पर गिर जाता है।   जिस दुर्गा की भक्ति में नाच रहा था उसी दुर्गा ने ही उस शैतान दरिंदे का कलेजा चीर डाला दिल फाड़ डाला।   अब वोह दुर्गा उस शैतान का नर मुंडका गले में लटका कर आधी ज़ुबान बहार निकाल कर उसका लहू पीयेगी। 

इस शैतान का पूरा नाम वीरेंदर सिंह राजपूत था।  अब बजरंगदाल के ऐसे तमाम शैतानों को उनकी खुद की माता ही हलाक कर देगी।  जब शिव का खतना हुआ लिंग हर मस्जिद में निकल रहा था तब इनके शिव ने ही अम्बरनाथ यात्रा में दिखा दिया की तुम जो फरेब और झूट फैला कर दुसरे मज़हब की इबादत गाह को हड़प करने की गलीज़ और गन्दी नियत रखते हो उसमे महादेव तुम्हारे साथ नहीं है।  तभी तो ऐसा पानी से बहाया की १५ हज़ार हलाक हो गए और टेंट बर्तन खाने का सामान सब बह गया। 

Zuber

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