मेरे अज़ीज़ मेरे हमदम मेरे मोहसिन,
बिल
आख़िर हो गया हिन्दुस्तान एशिया कप से बहार।
लंगूर लँगूरनियाँ और यू ट्यूबर आसरे के टटटू ऐसी बिल्ली जिसको अपने ख़्वाब में
सदा गाये का गोश्त ही दिखता है जिस हिसाब से अदद शुमारी का हिसाब किताब लगा रहे थे और
किसी करामात या मोजज़े की तवक़्क़ो कर रहे थे उस उम्मीद की आस को भी दीफ़ाई फ़ौजिओं ने फांसी
दे दी।
करामात
या मिरेकल हो भी जाता लेकिन किस बुनयाद पर अगर हूकूमते हिन्द ने मुसलमानों की लाशें
नहीं गिराई होती अगर मुसलामानों के मकान दूकान रोज़गार नहीं गिराए होते अगर मुसलमानों
के मदसरों को तबाह नहीं किया होता, मुसलमानों के मज़हबी और इंसानी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़वरज़ी नहीं की
होती, मुसलमानों की किताब की बेहुरमती नहीं की होती मुसलमानों के पैग़म्बर की बेहुरमती
नहीं की होती हुकूमत ने दहशतगर्द हमले नहीं किये होते, अगर फ़िरक़ावाराना ज़हर नहीं फैलाया
होता तो बिलकुल मिरेकल हो जाता। ना सिर्फ भारत
एशिया कप के फाइनल में खेलता बल्कि फतह भी उसी की होती।
१९८३
वर्ल्ड कप याद है वेस्ट इंडीज जैसी अज़ीम टीम वोह सियाह आंधी जिसको रोकना किसी के बस
में नहीं था। लेकिन उस ताक़त को भी रूहानी और
जज़बाती करामाती लोगों ने रोका। पूरा ना सिर्फ
भारत बल्कि पाकिस्तान में भी अवाम दूवा कर रहे थे। क्योंकि उस वक़्त हालात मुख्तलिफ़ थे। टीम और हुकूमत के दिलों दिमाग़ में संघी ज़हर नहीं
भरा हुआ था। कपिल देव, गवास्कर और किरमानी
जैसे अज़ीम खिलाड़ी थे। जिनके अंदर खेल का जज़बा
था ना की दिमाग़ फुतूर और फ़िर्क़ा वाराना ज़हर।
हालांकी मौजूदा भारतीय टीम बोहोत ही बेहतरीन टीम है और तमाम खिलाड़िओं ने बेहतरीन भाईचारगी का मुज़ाहेरा किया है। मौजूदा टीम के लिए तल्ख़ अलफ़ाज़ इस्तेमाल करने का दिल नहीं है। ख़ास विराट कोहली और कप्तान रोहित शर्मा से ख़ास हमदर्दी हो रही है। विराट का कॅरियत तबाह करने के पीछे कोई तो ज़ाफ़रानी या संघी साजिश है। क्योंकि विराट ने जो अपनी ज़ाती ज़िन्दगी में फैसले लिए, ऐसा ना करने के लिए उनको बड़े बड़े ज़ाफ़रानियों का दबाओ आया था। लेकिन विराट सख्त हो गए।
मौजूदा टीम भारत को सज़ा हुकूमत की हरामखोरी अक़लियत ख़ास मुस्लिम,
क्रिस्टी, सिख अवाम की हक़तल्फ़ी और लंगूर लँगूरनियों की ज़हरीली बोली की मिली है। ज़ाफ़रानी लँगूरनियाँ जो अपने आपको सहाफ़ी बोलती है
लेकिन ज़हर इतना की पाकिस्तान का नाम आते ही आग बबूला हो जातीं हैं। पहले ही कंगाली अब कितने टीवी टूटेंगे। और ज़हर इतना भरा हुआ है, हर मुद्दे पर पाकिस्तान
को कोसती रहती है।
दूसरा
वोह तिहाड़ी क़ैदी जिसको हर मुद्दे पर पाकिस्तानी लिंक मिल जाता है। आलामी कप में भारत की पाकिस्तान से हार पर मोहम्मद
समी को हाशिये पर लिया था उसको पाकिस्तानी बोला था और इस बार हरदीप सींग को खालिस्तानी
बोला जा रहा है। लेकिन मज़े की बात तो यह है
की इन सब चीज़ों में संघी ज़हर, शिद्दत पसंद काफिर, बीजेपी की आई टी सेल ज़िम्मेदार नहीं
है बल्कि पाकिस्तानी ज़िम्मेदार हैं। वह क्या
सीन है। अगर एक इंसान पाकिस्तान को मदद कर
रहा है और उसको पाकिस्तान ने ही या आई. अस.आई. ने ही एक्सपोज़ कर दिया के यह हमारा आदमी
है तो फिर से अगली मदद कैसे मिलेगी। साफ़ ज़ाहिर
है की यह झूट फरेब फैलाना और पाकिस्तान को बदनाम करने का काम भारत में बैठे संघी ज़हर,
शिद्दत और बीजेपी की आई टी सेल का है।
बरहाल
अगरचे मौजूदा टीम में ज़हरीले कीड़े सुरेश रैना, गौतम गंभीर या वीरेंदर सेहवाग पाकिस्तान
से ज़हर रखने वाला इरफ़ान जैसे दहशतगर्द ज़ेहनियत मौजूद होते तो इस सहाफ़ी की क़लम से ज़बरदस्त धुलाई की जाती। इतनी पिटाई होती की आती नस्ले उस भारतीय टीम की
गंजी पैदा होती।
मौजूदा
हालात में अब तमाम आलम से इन शिद्दत पसंद काफ़िरों, संघी दहशतगर्दों, बीजेपी वालों की
ज़लालत भर हकालपट्टी होना शुरू हो गई है। इंग्लैंड
क्रिस्टी मुल्क में मोदी भक्त, संघी ज़हर गाये का नाजिस्त खाने पीने वाले की सियासी
हकालपट्टी हुई अब इस्लामिक मुल्क से मैच में हुई।
भारत
के साथ ऐसा तो होना ही था। तुम दूसरों के लिए खड्डा खोदोगे तो उसमे तुमको ही गिरना
है। भारत के अवाम, सहाफ़ी और कट्टरपंथी हिन्दू
टीम पाकिस्तान के साथ मैच एक जंग के जैसे पुरानी हार का बदला लेने के लिए खेलते हैं। जबकी पाकिस्तान जीत के लिए खेलता है। हमारे मकान दूकान और मदरसे गिराओगे और उम्मीद हमसे
दुआ की रखोगे ऐसा नहीं होगा। अल्लाह उसके रसूल की बेहुरमती करोगे और तवक़्क़ो की वोह
तुम्हारी टीम को फाइनल में पहुचाये तो ऐसा नहीं होगा
नाज़रीन चंद्रयान याद है महान साइंसदान नरेन्द्रभाई मोदी उनके इसरार पर ५ इंजन लगाए थे जबकी इसरो के साइंसदान ३ इंजन पर उसको उड़ाने के मुवाफ़ेक़त में थे। क्या हुआ मंज़िल से महज़ ५ किलोमीटर पर ग़र्क़ाब हो गया, तबाह हो गया बर्बाद हो गया। यह महान शख्स मोदी भाई हर उस इल्म में इसको महारत है जहाँ इसकी कोई हाजत नहीं होती। कभी यह फौजी सिपह सालार बन जाता है और फौज की कारगरदेगी में दखल अंदाज़ी करने लगता है। आज बादल है पाकिस्तान को तुम्हारे जहाज़ नहीं दिखेंगे जाओ हमला कर दो। नतीजा भारत ने अपने दो फ़िज़ाई तय्यारे तबाह करवा लिए और एक पायलट अभिनन्दन की गिरफ्तारी हुई।
Zuber
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