Wednesday, 7 September 2022

क्या पाक में फिर इमरान आ गए? ५ अदद हिन्द पर पड़े भारी।

अज़ीज़ नाज़रीन,

हिन्द पाक का मुक़ाबला हर वक़्त नब्ज़ को जमा देने वाला किसी जंग से कम नहीं होता है।  दुबाई में खेले गए एशिया कप के सुपर ४ का मैच भी ऐसा ही साबित हुआ।  उस मैच में जिस तरह का आग़ाज़ हुआ था और हिंदी बेटिंग उससे ज़ाहिर हो चला था की पाक की जानिब से भी इन्तेक़ामी हिकमते अमली का मुज़ाहेरा देखने को मिलेगा।  हुआ वही जिसकी उम्मीद थी पाक की जानिब से खूब जारिहाना मुज़ाहेरा देखने को मिला।  

नाज़रीन कुछ बातों की जानिब आप हज़रात की तवज्जो चाहूंगा।

१.           जैसा की इससे क़ब्ल बयान किया जा चूका है हिन्द के ऊपर ५ का अदद काफी भारी है और हिन्द की ५ तक़सीम भी मुतव्वाक़्क़ो है।  बरोज़ ३१ को गणपती बैठे थे और ४ सितम्बर को ५चवें दिन का वित्सर्जन था।   मेरी बिल्डिंग के बाज़ू में शिद्दत पसंद काफिरों की बस्ती (बिल्डिंग) है उसमे बीजेपी के रकूने असेंबली का दफ़तर भी है। उस बिल्डिंग में मारवाड़ी, जैनी, गुज्जू शिद्दत पसंद हिन्दू रहतें हैं।  जहालत की हद दर्जे को पार करते हुए। रात को १२-०१ बजे तक शराबख़ोरी कर के इस क़दर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाना हँसना फ़िरक़ावाराना इश्तेआल अंगेज़ी भरे नारे लगाना।  उनके लड़के लड़कियां हर दम छत पर टंगे रहते हैं।  जब मेने फ्लेट लिया था तब उस जगह खाली मैदान था अगर इल्म होता की इस क़दर जाहिल और दहशतगर्दाना ज़ेहनियत अवाम आ कर पड़ोस में रहेगा तो हरगिज़ फ्लेट नहीं लेता।  

२.       भारत का पहला मुक़ाबला पाक के साथ था और भारत ने अपने पहले ही लीग मैच में पाक को हराया था उसके ऊपर ज़हरीली ज़ुबान जो बोली जा रही थी।  उसका कफ़्फ़ारा भारत को देना था।  हर मुद्दे पर बदला लेना।  लंगूर और लँगूरनियाँ पाक को हरा कर वर्ल्ड कप की हार का बदला ले लिया ऐसा बोल रहे थे।  अब तो टूर्नामेंट से ही बहार हो गए।  हकाल पट्टी।  जब ज़हरीली ज़ुबान बोलोगे और वोह भी पाकिस्तान के लिए तो हमें अपने मुक़ाबिल पाओगे और वहीँ से भारत के ऊपर गर्दिश के बादल मडराने लगे थे।  क्योंकि जो लंगूर और लँगूरनियों की ज़हरीले बद ज़ुबानी थी तो उसका ख़मयाज़ा तो उनको भुगतना ही था।  पाकिस्तान के साथ जंग।  इन जंगी मरीज़ों को हर मुद्दे पर जंग ही दिखाई देती है।  खेल के मैदान को भी जंग का मैदान बोलतें हैं। 

 ३..   बात वही है की इमरान खान का ख़ौफ़ इन भारतीयों और उसके हाकिमों पर इस क़दर हावी हो चूका है की हार के बाद मेरे मज़मून में इमरान का ज़िक्र ही उनको सुपर ४ में पाकिस्तना से शाकिस्त का एक मुद्दा बन गया। 

       बताने का मक़सद वही है कुफ्र अपने बोहोत से डाव खेला है शैतानी हर्बे जादू टोना टोटका इंसान बोहोत कुछ ततबीर करता है प्लानिंग करता है लेकिन ततबीर प्लानिंग वही कामयाब और अमलपेरा होती है जो मेरे रब ने की होती है।  चाहे कुछ भी कर लो होगा वही जो मेरे रब ने सोच लिया होगा।  हिन्द के इस बटवारे में इन हिन्दुओं की शिद्दत, संघी, बीजेपी, मोदी और अमित ज़िम्मेदार हैं।   

Zuber

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