Saturday, 29 February 2020

भाइयों और बहनों, मेरे देस के १३० करोड़ देस वासिओं.......

अज़ीज़ नाज़रीन,

मोदी काफी दिनों से बेरुन मुल्क दौरे पर नहीं गया.  शायद ज़लालत और बेइज़्ज़ती की वजह से नहीं गया होगा.  ये बेरुन मुल्क उसको उसके कपड़ों और दांतों पर लगे खून से पहचान जाते होंगे की ये ही है ड्रैकुला, शैतान इंसानी खून और इंसानी लाशों को ख़ाने वाला दरिंदा. बरक्स अब तो जो बेइज़्ज़ती और रूसवाई बेरुन मुल्कों में होती थी अब घर में जो बेरुनी सिफारत ख़ाने हैं उन्होंने मोदी इन्तेज़ामियाँ और हूकूमते हिन्द पर ऐतेराज़ात और तनक़ीद करना शुरू कर दी है.  आप भले ही बोलते रहो मेरा बाप चाय फ़रोख़्त करता था.  अरे तू क्या करता हैं, तू तो लाशें फ़रोख़्त करता है.  मौत का सौदागर.  

हाल ही में दिल्ली हिन्दू दहशतगर्द हमले के बाद फ़्रांस ने सख़्त अलफ़ाज़ में हुकूमते हिन्द के सामने मज़्ज़म्मत पेश की है.  और दहशतगर्दी पर एक क़रारनामे पर दस्तख़त किये हैं.  जिसमे वाज़े अलफ़ाज़ में लिखा गया है दोनों ही हूकूमते किसी भी दहशतगर्दी के अमल को फ़रोग़ नहीं देंगी.  इस क़रार नामे में ये भी कहा गया है दोनों ही मुल्क अपनी ज़मीन को दहशतगर्दी का पनाह गाह नहीं बनने देंगे.  और ना ही दहशतगर्दों के लिए उनका मुल्क मेहफ़ूज़ जन्नत साबित होगा.  दोनों ही मुल्क दहशतगर्दों को फ़राहम की जाने वाली इमदाद पर रोक लगाएंगे, फ्रांस ने कहा की दहशतगर्दों की माशी नॉब्स काट कर उनको पस्त और लाचार करने की ज़रुरत है.  भारत   का नाम ना लेते हुए फ्रांस के सिफारातख़ाने के सरबराह ने कहा क़रारनामे की ख़िलाफ़वर्ज़ी करने वाले मुल्क के ख़िलाफ़ हमारी हुकूमत अक़वामे मुताहिदा में जायेगी और फटा से उसकी माशियत पर चोट करेगी.

सहाफी जुबेर का हलाते हाजरा पर नुक़्ता ऐ नज़र      

जो जो कहा वो वो हुआ.  हर्फ़ बा हर्फ़ हो रहा है और आगे भी वैसा ही होगा जैसा हमने कहा है या जो हम चाहते हैं.  कितना भी आसमान पर परवाज़ करने की ख्वाहिश रखें ये बीजेपी वाले या ख़ाक की आखिर सतह तक जा कर पोशीदा होने की कोशिश करे लेकिन होगा वही जो में और मेरा खुदा चाहेगा.  हरगिज़ हरगिज़ हरगिज़ किसी भी सूरत से नहीं होगा जो ये संघी दहशतगर्द और बीजेपी वाले चाहते हैं. 

नाज़रीन चंद्रयान III आपको याद होगा.  बोहोत आस्मां तक उछाल मार रहे थे संघी.  लंगूर और लँगूरनियाँ इश्तेआल अंगेज़ी कर रहे थे.  इनको हर मुद्दे में पाकिस्तान नज़र आने लगता है.  इस चंद्रयान को भी ऐ पाकिस्तान की निस्बत से देखने लगे.  अब पाकिस्तान की ख़ैर नहीं.  हम भी ख़ामोश रहे ठीक है इनको इनकी कर लेने दो जब बिक्लुल मंज़िले मक़सूद पर पहुंचने वाले होंगे तब इनके कारवाँ को लूटा जाएगा, तबाह किया जाएगा, बर्बाद किया जाएगा, नेस्त नाबूत किया जाएगा.  और हुआ वही महज़ ५ किलोमीटर की दूरी पर चंद्रयान तबाह हो गया, अंधेरों में ग़र्क़ाब हो गया.  जब संघी बोहोत मायूस हो गए फिर पाकिस्तान को बीच में ले आये पाकिस्तान ने तो उतना भी नहीं किया जितना भारत ने किया.  क्या किया पाकिस्तान ने बताओ.  तो उसके बाद आज तक और नव भारत में कमैंट्स डाला था, पाकिस्तान ने तुमको तुम्हारी औक़ात दिखा दी.  आस्मां में पहुंच कर महज़ ५ किलो मीटर की दूरी से तुमको फिर से ज़मीन पर ला पटका.  अगर इन दोनों न्यूज़ पेपर्स ने वो कमेंट मेहफ़ूज़ कर के रखें होंगे तो एडिटर उसको वापिस से उसका मुताला कर सकतें हैं. 

फिर ग़रीब नवाज़ की एक करामात बताई उनके हयाते ज़िन्दगी में उस दौर के शैतानी मरकज़ और हिन्दू दहशतगर्द पृथ्वी राज चौहान शैतान जगतपाल जोगी को ले कर आया था वो आस्मां तक उड़ा और ग़रीब नवाज़ की खड़ाऊँ उसको ज़मीन पर ला पटकी तो आज के दौर में उन्ही ग़रीब नवाज़ के लिए चंद्रयान क्या बड़ी चीज़ है.   

अज़ीज़ाने मिल्लते इस्लामियां, आप तमाम को किसी भी सूरत से ख़ौफ़ज़दा होने की ज़रुरत नहीं है.  और इन जैसे शिद्दत पसंदों से तो हरगिज़ नहीं.  वही होगा जो अल्लाह चाहेगा.  मेने मेरे कई कमैंट्स और मज़मूनों में इस बात को वाज़े किया है की एक एक बीजेपी, संघ और उनका मुहाफ़िज़ रोड पर काटा जाएगा.  भले ही वो मुसलमान ही क्यों ना हो हर वो मुसलमान मारा जाएगा जो हर मुद्दे पर बीजेपी और संघ की हिमायत करतें हैं.  गुफ्तगू या मुबाहसे में अपनी और अपनी तंज़ीम की गलती और ग़फ़लत को तस्लीम करने के बजाये मिंतक़ लगाते हैं हुज्जत करतें हैं. 

जिसकी शुरूवात हुई.  सोशल मीडिया पर एक पैग़ाम मक़तूल की फोटो के साथ आम हो रहा है.  जिसने हाल ही में दिल्ली दहशतगर्द हमले में जान गवाई है.   इस शख़्स का नाम मोहसिन अली है जो २५/०२/२०२० शाम तक़रीबन ५ बजे नोयडा सेक्टर ५ से अपनी सफ़ेद रग की अल्टो कार जिसका No. UP 37 3691 से वजीराबाद दिल्ली की जानिब रवाना हुआ था.  ये जनरेटर मैकेनिक है ! रेंट पर जनरेटर लगाता है।

बरोज़ २८ तारीख को हिन्द ख़बरनामे के पेज पर इनकी गुमशुदगी की पोस्ट की गई थी। और आज ख़ूंरेज़ी में उसकी जली हुई कार मिली और GTB हॉस्पिटल में खून से सनी हुई लाश।
२६-२७ साल उम्र थी उसकी ।
कुछ वक्त हुआ था शादी को ।

उसे बुरी तरह पीटा गया था सर पर बहुत चोट है और तमाम बदन पर डंडे के निशान।

हर वो मुसलमान जो बीजेपी में था २०१४ से पेश्तर और उसके बाद अगर ये सोच रहा हे कि वो बच जाएगा तो वो मोहसिन अली का हश्र देख कर इबरत ले सकते हैं.   मोहसिन अली बीजेपी का अक़लियतों के मोर्चे का नायाब सदर था लेकिन अपनी जान नही बचा पाया।
भारत के बेहद बेहद सख़्त दिन आने वाले हैं.  संघी, शिद्दत पसंद और बीजेपी वाले पुर एतेमाद ना रहें जो हम देख सकतें है वो ऐ संघी नहीं देख सकते.  लंगूर और लँगूरनिओं ने मुस्लिम अवाम के ख़िलाफ़ ज़हर के बीज बोये थे, हर मसले पर हिन्दू मुस्लिम पाकिस्तान हिंदुस्तान.  तो अब वही होगा जो ऐ लोग चाहते थे लेकिन नतीजा वो निकलेगा जो हम चाहते हैं. 
इस जंग में वही बचेगा जो अल्लाह के ख़ौफ़ और जलाल से लरज़ जाएगा और अपने गुनाहों पर बे पनाह अश्क बार होगा. और अल्लाह से  पनाह तलब करेगा.  गिरवज़ारी करेगा, मिन्नतें करेगा, माफ़ी मागेगा.  इन लोगों में सिर्फ वही होंगे जिनको हिदायत नसीब होगी. जो गुमराह हो चुके हैं वो सब हलाक हो जायेगे.  जब मज़ीद बूरा वक़्त आएगा बीजेपी के इन नस्ली जानवर मुसलमानों की अक़ल और ज़हानत पर क़ैद लगा दी जायेगी.  उनको हक़ क्या है और फरेब क्या है इसमें फ़र्क़ ही नहीं महसूस होगा.   फिर ज़वाल आएगा, और आएगा मौत का सैलाब.  हर जानिब इंसानी सर होंगे.  एक लाख नहीं दो लाख नहीं करोड़ों में लोग मारे जायेगे. 
जिनको तू कपड़ों से पहचान जाता था फिर उन्ही कपड़ों की वजह से तू और तेरे तंज़ीम के लोग मारे जायेगे.  जो मरने आया है वो कैसे बच सकता है.  लंगूर और लँगूरनियाँ ना चाहते हुए भी उस जगह पहुंच जायेगे जहाँ मौत उनका पहले से इंतज़ार कर रही होगी.  कुछ लंगूर हठधर्मी दिखाएंगे जो मारे जायेगे कुछ नर्म हो कर अपनी ग़लती मान लेंगे और हक़ पर आ जायेगे वो बच जायेगे.
तीन लँगूरनिओं की अस्मतदरी की जायेगी.  बरहना मजमूई अस्मत होगी.  एक लँगूरनी बच जायेगी.   
इस तमाम गहमा गहमी में मेरे अज़ीज़ सहाफी पंडित जी जो हक़ पर होंगे और अपने मज़हब की मश्क भी बा कसरत करतें होंगे वो एक सतून के जैसे क़ायम रहेंगे.  और हिन्दू नस्ल फिर इन ही जैसे आला किरदार बा विक़ार लोगों से चलेगी.  राम के नाम पर जिन लोगों ने ग़दर मचाया है.  जय जय श्री..... का नारा लगा कर बे गुनाह अवाम को काटा है उनकी इबादत गाहों को मिस्मार किया है जलाया है उसका ज़वाल तो आएगा.  और ज़रूर आएगा.  और खुद राम लायेगें ऐ ज़वाल.  क्योंकि जिन लोगों ने गुनाहे अज़ीम किया वो सब रावण की औलादों से हैं.  और राम का फलसफा रहा है हक़ के साथ अपने हक़ की लड़ाई करना.  फिर इन जिसे झूठे और फरेबी राम भक्तों के साथ राम कैसे रहे सकतें हैं.  
लंगूर लँगूरनिओं के ताहिर हुसैन को मुजरिम क़रार देने पर बूल डॉग का भोकना याद आ गया. 
भाइयों और बहनों ऐ जो बे गुनाह पकडे जा रहें हैं, और गुनहगार छोड़े जा रहे हैं इनके कपड़ों की वजह से आप इनकी पहचान कर सकतें हैं.

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