गौ
आतंकिओं का बक़रीद से क़ब्ल मवेशी ले जाने वाली वैन पे हमला कर ३ अफ़राद को हलाक कर दिया,
और बकरा चोरी के इलज़ाम में ३ को शदीद ज़ख़्मी कर दिया.
हजूमी तशद्दुत का ताज़ा मामला बिहार के सारण से आ रहा है जहाँ ४० ५० के हुजूम
के दहशत की खबर है. सारण जिले के बनियापुर इलाके में हुजूम ने बरोज़ जुमे की सुब तीन
अफ़राद को मवेशी चोरी के इलज़ाम में पीट-पीटकर हलाक कर डाला. दहशतगर्द हमले की जानकारी मिलते ही मौका ऐ वारदात
पर पहुंची पुलिस ने जाबाहकों के जसत को अपने क़ब्ज़े में ले कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. हमले के बाद
पुलिस की मज़ीद तफ्तीश और तहक़ीक़ात जारी है. बता दें कि बरोज़ जुमेरात को मध्य प्रदेश
के नीमच में भी हुजूम ने बकरा ले जाते हुए ३ अफ़राद की चोरी के इलज़ाम में बेरहमी से
पिटाई कर दी थी.
ज़ाराये मालूमात के मुताबिक, गौ दहशतगर्दों और हुजूम को मवेशी स्मगलिंग के शुबा
होने पर जुमे की सुबह तीन अफ़राद को पीट-पीटकर हलाक कर दिया गया. बताया गया है कि गौ दहशतगर्दों को मवेशी ले जाने
की मुखबरी मिली थी. इसके बाद दहशतगर्दों ने मामले में बिना कोई पुख्ता जानकारी जुटाए
इन लोगों को बेहरमी से पीटना शुरू कर दिया जिससे उनकी मौत हो गई. इस दहशतगर्द हमले
से पूरे इलाके में सनसनी का माहौल है. वहीं जाबाहक होने वालों के रिश्तेदारों अज़ीज़
अक़रबा का रो रो कर बुरा हाल है.
दरअसल, नंदलाल टोला में बीती रात पिकअप वेन से पालतू जानवर बकरा बकरी के खरीद
फरोख्त करने वालों पे चोरी का इलज़ाम लगा कर गौ देशतगर्दों ने बेचने वाले लोगों पे
हमला कर दिया, उस हमले में शाना बा शाना गांव वाले भी शरीक हो गए और इस दौरान तीन अफ़राद
दहशतगर्दों के हत्थे चढ़ गए जिनको दहशतगर्दों ने पीट पीट के क़त्ल कर दिया. अलबत्ता चौथा भागने में कामयाब रहा. गावो वालों
ने पीकअप गाड़ी जब्त कर के हमले की जानकारी पुलिस को दी. और अपने आपको साफ़ शफ्फात ज़ाहिर
करने की कोशिश की है. पुलिस ने लाशों को अपने
कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए छपरा भेज दिया है और कई थाना की पुलिस घटनास्थल
पर पहुंच मामले की जांच कर रही है.
बकरा चोरी के आरोपियों को भीड़ ने पीटा
इससे पहले १८ जुलाई यानी बरोज़ जुमेरात को मध्य प्रदेश के नीमच जिले में हुजूम
का दहशतवाराना चेहरा देखने को मिला था. यहां बकरा ले जाते हुए ३ अफ़राद को चोरी के इलज़ाम
में हुजूम ने बेदर्दी से पिटाई कर दी और उनकी मोटर साइकिल को आतिशे नार कर दिया. हमले
की जानकारी मिलते ही मौक़ा ऐ वारदात पर पुलिस पहुंची और उसने उन ३ अफ़राद को भी चोरी के इलज़ाम में गिरफ्तार
कर लिया जो बकरा ले कर जा रहे थे और मारपीट करने वाले ५ लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस से मिली जानकारी के हिसाब से सिटी कोतवाली इलाक़े में बरोज़ बुध को यहां से मोटर साइकिल सवार युवक जो बकरा खरीदी-बिक्री का काम करते हैं, वे उस बकरे को
मोटर साइकिल पर रखकर ले जा रहे थे. जब वो एक
ख़ास मंदिर के सामने से गुज़रे तो इसे देखकर लोग भड़क उठे और उन्होंने तीनों की जमकर
पिटाई कर दी साथ ही उनकी मोटर साइकिल को भी आतिशे नार कर दिया.
मसले
पे सहाफी जुबेर की तीखी बात.
मुस्लिम अवाम के तेहवार बक़रईद के मौके पे फ़िरक़ावारना फसाद करने और मवेशी चोरी,
जानवरों पे तशद्दुत नहीं होने देंगे, खून नहीं बहने देंगे जैसे बे बूनयाद बातों पे
माहौल को ख़राब करने की हिन्दू शिद्दतपसंदों और हिन्दू दहशतगर्दों की एक ख़ास रिवायत
है. सिर्फ ऐ बात बक़रईद तक ही महदूत नहीं है
बल्कि मुस्लिम, क्रिस्टी अवाम को अपना कोई भी तेहवार बिला खौफ और दहशत के बनाने का
हक़ नहीं है. यहाँ तक की जुमे की नमाज़ पे शिद्दत
पसंद हिन्दू अब तो बवाल कर रहे हैं. चलो बक़रईद
पे तुम्हारे जज़्बात को ईज़ा पहुँचती है लेकिन रमज़ान से क्या तकलीफ है. रमज़ानों में शिद्दत रमज़ान ईद पे शिद्दत, मुहर्रम
पे शिद्दत, मिलादुन्नबी पे शिद्दत, क्रिसमस में शिद्दत, वेलिंग्टन डे १४ फरवरी पे शिद्दत,
नए साल पे शिद्दत.
इन तमाम मौज़ूं पे इन शिद्दत पसंदों से काफिरों से इस सहाफी के तवील बेहेस हो
चुकी है, वो ऐसा करने की दलील पाकिस्तान में हिन्दू अवाम को कोई भी इंसानी हुकूक फ़राहम
नहीं हैं इसीलिए हम मुस्लिम अवाम से हिन्दुस्तान में वो सब हक़ छीन लेंगें जो उनको हुकूमत
की जानिब से मिलते हैं. इस सहाफी ने ज़बरदस्त
तरीके से उन सभी शिद्दत पसंद और दहशतगर्दों को ज़ुबानी जंग में करारी मात दी. ऐ ही ज़हर झूट और फरेब की बुनयाद पर तुम लोगों के
दिलों दिमाग में तुम्हारे तरबियती ढेरों और घरों में पेवस्त किया जाता है. मुगलों के खिलाफ, इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ,
कश्मीर पाकिस्तान के खिलाफ. पहली बात तो पाकिस्तान
में ऐसा कुछ नहीं होता जैसा हिन्द में होता है.
फिर हुकूमते हिन्द की जानिब से हमको कोई भी सहूलियत फ़रहाम नहीं की जाती जिसकी
के तुम लोगों को तशवीश है और हसद करते हो.
दूसरी बात अगर पाकिस्तान में कुछ भी गलत हिन्दू अवाम के साथ हो रहा है तो उसकी
भरपाई भारत का मुसलमान काहे को करेगा. फिर
ऐसा एक भी हमला पाकिस्तान या किसी भी मुस्लिम मुमालिक से सुनने में नहीं आया की हिन्दू
अवाम को ४० ५० मुस्लिम अफ़राद ने घेर के पीट पीट के हलाक कर दिया हो. और जहाँ तक पाकिस्तान में हिन्दुओं का सवाल है ना
सिर्फ तेहवारों के मौके पे होली, दिवाली, कृष्ण अष्टमी, रामनवी बल्कि नार्मल दिनों
में भी पूरी आज़ादी है और आज़ादाना माहौल में अपने मज़हब की मश्क़ करने का हक़ है.
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