ताज विवाद दिन बा दिन गहराता जा रहा
है. इस विवाद को थोड़ा ठंडा करने और मान मन्नौवल
करने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ २६ अक्टूबर को आगरा जायगे इतना ही
नहीं वो ताज के बाहर झाड़ू भी लगायगे. और महल
के अंदर जा के निरिक्षण करेंगे की क्या वकाई मुमताज़ बेगम की कबर पे किसी तरह का पानी
गिरता है. जैसा की हिन्दू आतंकी ने दावा किया था के वो एक शिव मंदिर है और मुमताज़ बेगम
की क़बर पे पानी गिरता है जो के प्रमाण है के वो शिव मंदिर है. जिसको भगवा आतंकी माउथ पीस 'आज तक' की महिला रिपोर्टर
गलत ढंग से पेश कर रही है. योगी का कबर पे जाने का क्या ठोस अयोचित है ये नहीं बताया
जा रहा है.
लेकिन योगी जी अब बोहोत देर हो चुकी
है इतनी नौटंकी करने की क्या ज़रुरत है आप ताज जा रहे है उसकी सफाई अपने हाथो से झाड़ू
लगा के कर रहे है और आपके कारकून दुश्मन से मिल के उसको गिराने की योजना में लिप्त
है.
इस पत्रकार
ने इससे पहले वाले वक्तव में कहा था अगर ताज महल भारत के ऊपर कलंक है और इसको बनवाने
वाला एक गद्दार है तो ऐसी शापित कलंकित इमारत को तोड़ देना चाहिए और फिर आगे कहा था
हम पाकिस्तान की मदद लेंगे इस कार्य को करने के लिए. ताज़ा और गुप्त जानकारी इस पत्रकार को मिली है के
कुछ हिन्दू आतंकवादी संघटनो के गुर्गे पाक के साथ सांठ गाँठ कर चुके है ताज को तोड़ने
के लिए या फिर उसको उठा के पाक में शिफ्ट करने के लिए. तो अब आप झाड़ू लगाओ या क़बर पे
जा के पूजा अर्चना करो ताज तो टूटने की कगार पे है या पाक शिफ्ट कर दिया जाएगा. क्योकि
अगर ये इमारत भारत के ऊपर एक कलंक है तो उसको कलंकित देश को सौंप देना चाहिए. फिर न
रहेगा कलंक और न रहेगी कलंकित इमारत. फिर जो विदेशी और देशी राजस्व मिलेगा वो पाक सरकार
को मिलेगा और फिर ताज भारत का गौरव नहीं बल्कि पाक का गौरव कहलायेगा.
मुस्लिम समाज
को ताज टूटे या रहे उससे कुछ फर्क नहीं पड़ता बाबरी मस्जिद शहीद की थी तो उसके ऊपर मुस्लिम
समाज कोर्ट तक गया और मामला अभी उच्चतम न्यायलय में लंबित है क्योकि वो इबादत की जगह
थी नमाज़ पड़ने की जगह थी. लेकिन ताज से मुस्लिम समाज का कोई भी भावनात्मक या धार्मिक
लगाव नहीं है और न ही ताज से कमाया हुआ राजस्व मुस्लिम समाज की भलाई के काम आता है.
जो कुछ भी है सब भारत सरकार का ही है. ताज से नाम, ताज से राजस्व, ताज की प्रतिभा,
अब अगर विदेशो में किसी भी पर्यटक से पुछा जायगा के आधुनिक विश्व का ७ व अजूबा कहा
है तो कोई बेवकूफ ही होगा जो कहेगा की मुसलमान है नहीं वो कहेगा के भारत में है.
तो अगर हिन्दू आतंकवादी
ये समझ बैठे है के बाबरी मस्जिद की तरह मुस्लिम समाज ताज के ऊपर भी बवाल करेगा तो ये
उनकी गलतफहमी होगी. तुम अपनी ही धरहोरह को तोड़ दो हम तो प्रसन्न होंगे.
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