अज़ीज़ नाज़रीन,
भारत
के फौजी जनरल की गीदड़ भबकी और बढ़ बोल की शाम की चाय लाहौर में पियेगें उसको लग रहा
था की पाकिस्तान चूज़ा है जब चाहेगी भारतीय फौज चबा जाएगी। नतीजा क्या हुआ बड़े बोल उस फौजी जेनेरल के मुँह
पर गिरे और कश्मीर पाकिस्तान के क़ब्ज़े में गया।
हड्डी ऐसी गले में अटकी की सांसे रूकी हुई हैं। ७० सालों से आज तक सिर्फ पापले ही पीट रहें हैं। पापले आज तक तमाम संघी पाकिस्तान दुश्मन लंगूर लँगूरनियाँ और अक्सरियत
अवाम पीटते हैं। इन पाकिस्तान दुश्मनों में
गुजरात और दीगर भारत के वोह मुनाफ़िक़ मुस्लिम भी आ गए जो पाकिस्तान का नाम आते ही आग
बबूला हो जातें हैं। कभी अपने कूल्हे मटका
कर थिरक कर अपनी ख़ुशी का इज़हार करतें हैं कभी पाकिस्तान के खिलाड़िओं के साथ दंगा फ़साद
करतें हैं। इस्लाम दुश्मन।
ऐसे ही बड़े बोल यहूद दहशत का सरग़ना ज़ालिम तरीन सनकी तानाशाह नितिन याहू के थे की हमास को २४ घंटों में ख़तम कर देंगें। आज जंग का २९वा दिन है और अब तो यहूदी दहशतगर्दों के लिए गाज़ा कब्रस्तान साबित हो रहा है।
ज़ालिम
जल्लाद सनकी तानाशाह नितिन याहू तभी तो जंगी जराइम कर रहा है और अपनी खीज मासूम निहत्ते
अवाम पर निकाल रहा है। अब जो तानाशाह मासूम
३ साल ५ साल और ७ साल के बच्चों को मौत दे रहा है मतलब वोह जंग तो बोहोत पहले ही हार
चूका है अब तो बस अपनी हार की खीज निहत्ते अवाम पर निकाल रहा है ताके उसका हव्वा आलम
में बना रहे।
भारत
के लंगूर और लँगूरनियाँ ऐसे ज़ालिम की ताईद कर रहें हैं और उसके हक़ में ख़बरनामे चला
रहें हैं। हमास की किरदार कूशी कर रहें हैं। इन ज़ाफ़रानी लंगूरों के उन्वान होतें हैं "इधर
हमास ने हमला किया, उधर फ़ौरन इजराइल ने बदला लिया", गाज़ा को कब्रस्तान बना दिया,
गाज़ा में रात को सोते हैं सुबह इजराइल के क़ेहर में अपनों लाशें तलाशतें हैं" इन
सभी लंगूर लँगूरनियों को सही वक़्त आने पर माक़ूल जवाब दिया जाएगा।
रहा सवाल इजराइल का जितना हव्वा और दबदबा था वोह ख़तम हो गया। पहले घर में घूस कर फोड़ डाला मोसाद की ज़हानत और आयरन डोम को तहस नहस कर दिया। उसके बाद २४ घंटों में हमास ख़तम सनकी तानाशाह जल्लाद के इस चेलेंज को आज २९ दिन गुज़र गए अब तो इजराइल के फौजी हर दुसरे रोज़ बढ़ते हुए ढेर होना शुरू हो गए।
हर
हाल जैसे जैसे जंग खींचती जाएगी और इजराइल के फ़ौजिओं के ढेर होने की अदद में इज़ाफ़ा
होता जाएगा सनकी तानाशाह जल्लाद दरिंदे नितिन याहू की परेशानी में भी इज़ाफ़ा होगा।
सहाफ़ी
ज़ुबेर
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