राम रहीम की सजा के खिलाफ साक्षी महाराज उतरा अखाड़े
में: पत्रकार जुबेर ने पूछे कुछ तीखे सवाल और दिया एक विडिओ का बियोरा जिसमे साक्षी
की गन्दी हरकत कैद हे. क्या ये जेल जाने का डर तो नहीं
मौत ओर जेल जाने का खौफ हर इंसान को
परेशन करता है. ओर जिस तरह से बलात्कारी पाखंडी बाबाओ के उपर शिकंजा कसा जा रहा है
दूसरे सभी पाखंडी डरे हूए है ओर वकालत कर रहे
है की धार्मिक लोगो को परेशान किया जा रहा है. ए क्यो नही केहते के अब तुमको तुम्हारी
बारी आते हूये दिख रही है ओर डर सताने लगा है.
साक्षी की जिस तरह से पाखंडी बाबाओ को बचाव मूहिम चली है ध्रम के नाम पे तो
मे एक पत्रकार होने की हेसियत से इतना ही कहूगा एक पाखंडी दूसरे पाखंडी को बचाता है,
ओर एक रेपिस्ट दूसरे रेपिस्ट को क्योकि उसको डर सताये जाता है जिस तरह से एक बलात्कारी
को नही बक्शा तो मूझे केसे बक्शेगे. साक्षी का मेरे पास वीडियो सबूत है उन्नाव मे घर
के अंदर इस साधू ने एक महिला की साड़ी हटा के पेट पे हाथ फेरा फिर एक 16-17 साल की
बच्ची से उसकी पेन्ट उतरवाई ओर उसको अर्ध नग्न कर दिया. फिर वीडिओ बंद हो जाता है.
एक बात ओर केहना चाहूगा जिस तरह से पाखंडिओ की धर पकड चालू है जल्दी हिन्दू अतकवाद तक कानून के हाथ पहूच जायेगे. क्योकि जितने भी ध्रम गूरू पकड़े गये चाहे वो आसाराम हो, राम पाल हो या राम राहींम सभी के आश्रमो से बंदूके, तलवार ओर बॉम्ब मिले. जहा तक मेरी जानकारी है एक पत्रकार होने के नाते राम पाल ओर राम राहिम के आश्रमो से तो ए.के-47 तक मिली है.
राम पाल को गिरफ्तार करने के लिये पूलिस को एक हफ्ता लग गया था ओर उसकी गिरफ्तारी भारतीय फ़ौज के दूवारा की गई थी फ़ौज को भी एक दिन लगा था उसके मेहल के अंदर घूसने मे क्योकि रामपाल के आतंकवादी मेहल से पूलिस ओर आर्मी पे हमला कर रहे थे. फिर भी ए अंधी सरकार मदरसो की वीडियो ओर चेकिग करवाती है ओर मदरसे आतंकवाद का अड्डा होते है एसा इल्ज़ाम लगाती है. दूसरी बात जितने भी पाखंडी बाबा पकड़े गये उसके बाद भारत की केसी परिस्थति बनी ओर कितने लोगो को अपनी जान गवानी पड़ी ओर कितनी सम्पती का नुकसान हूआ इसका बियोरा देने की ज़रूरत नही. ओर दूसरी तरफ याकूब मेमन की मोदी दोवारा न्यायिक हत्या की गई मूसलमान खामोश रहा, मूस्लिम महिलाओ के साथ रेप, गेंग रेप हूआ मूस्लिम खामोश रहा, मूस्लिम पेर्सनल लॉ मे मदाख़ल्त की गई मुस्लिम समूदाय खामौश रहा. फिर भी भगवा मीडिया ज़ी न्यूज़, आज तक ओर इंडिया न्यूज़ के भगवा रिपोर्टर्स ओर पेड़ ग़ुलाम पत्रकार मूसलमानो को बदनाम करते है के हर
आतंकवादी मूसलमान नही होता लेकिन हर मूसलमान आतंकवादी ही क्यो होता है. मंदिरो से बाबाओ
के आश्रमो से हथियारो का ज़खीरा बरामद होता है फिर एक भी मदरसा या मस्जिद सरकार या
सरकारी नूमाइंदा एसी बता दे जिसमे से हथियार बरामद हूए. तो अब मे भगवा मीडिया से एक पत्रकार होने के नाते
ज़रूर पूछूगा कोन है असली आतंकवादी ये जो बारूद छूपा के अपने ही देश को खोकला कर रहे
है या वो जो मदरसो या मसजिंदो मे अल्लाहा की ख़ुशनूदी तलाशते है.
आसाराम और राम रहीम से पहले भी साधुओं के ऊपर बलत्कार का जुर्म साबित हुआ और पकडे गए जिनमे प्रमुख हे तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली आश्रम के स्वामी परमानंद 13 महिलाओं के रेप के आरोप में जेल में बंद हैं। इनमें संतान प्राप्ति की इच्छुक महिला अनुयायी भी शामिल हैं. स्वामी नित्यानंद जो सेक्स रैकेट में लिप्त था और साउथ इंडिया की एक अभिनेत्री के साथ आपत्तिजनक हालात में पाया गया फिर उसको जेल हुई. चित्रकूट गांव का रहने वाला पाखंडी भीमानंद महाराज भी सेक्स रैकेट चलाता था और उसको जेल हुई। फिर उसने अपने आपको साईं का अवतार बताया.
इतने सभी पाखण्डिओ के पकडे जाने पे साक्षी चुप था लेकिन उसकी आस्था हाल ही में हुई बलात्कार में दूसरी सजा राम रहीम के बाद क्यों जाग गई. क्योकि उसको अब अपनी जेल जाने की बारी नज़र आ रही है.
जुबेर एहमद खान
पत्रकार
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