नाज़रीन जिस हिसाब से अरब मुमालिकों में
सोशल मीडिया पर इस्लामोफोबिया के खिलाफ सख़्त क़दम उठाये थे और तमाम
शिद्दत पसंद हिन्दू और दहशतगर्दों को मदद, माशी ताऊन करने वाले हिंदुस्तानी शिद्दत
पसंदों पर एक्शन लिया था. उसके बाद इस सहाफी ने साफ़ अलफ़ाज़ में अपने अंग्रेजी आर्टिकल
में लिखा था की अरबों का ये क़दम तमाम आलम ख़ास मगरिबी मुमालिकों और अमेरिका के लिए आँखे
खोलने वाला होगा. और जल्द ही वो मुमालिक भी
अपने मुल्क में ऐसे ज़हरीले अनासिरों पर एक्शन लेंगे.
अरबों के नक़्शे क़दम चलते हुए इस्लाम और
मुस्लिम मुख़ालिफ़ पोस्ट की वजह से एक भारतीय को अपनी मुलाज़मत गवानी पड़ी है। कनाडा में यह पहला इस्लामोफोबिया का वाइरस पाया
गया है. और कनाडा ने इस्लामोफोबिया के चलते
एक स्कूल इन्तेज़ामियाँ से हटाकर और प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में से एक के साथ अपने
मुहायदे को रद्द कर दिया है।
ज़राये इत्तेला, रवि हुड्डा नामी हिंदुस्तानी हिन्दू शख़्स इस्लामॉफ़ोबिआ वायरस के कैरियर के जैसे काम कर रहा था. उस हिन्दू शख़्स ने मुसलमानों और उनके एतेक़ाद का मज़ाक उड़ाया। उसने अपने ट्वीट में लिखा,
ज़राये इत्तेला, रवि हुड्डा नामी हिंदुस्तानी हिन्दू शख़्स इस्लामॉफ़ोबिआ वायरस के कैरियर के जैसे काम कर रहा था. उस हिन्दू शख़्स ने मुसलमानों और उनके एतेक़ाद का मज़ाक उड़ाया। उसने अपने ट्वीट में लिखा,
“आगे क्या है? ऊंट और बकरी
सवारों के लिए अलग गलियाँ, त्याग के नाम पर घर पर जानवरों के कत्ल की इजाजत देना, सभी
महिलाओं को वोटों के लिए मूर्ख बनाने की अपील करने के लिए तंबू में सिर से पाँव तक
खुद को ढकने की ज़रूरत होती है।”
Our noise by law originally passed in 1984 only
included an exemption for Church bells. It will now include all faiths within
the permitted hours & decibel levels. The Muslim community can proceed with
the sunset azan because it’s 2020 & we treat all faiths equally. #Ramadan
उस हिंदुस्तानी हिन्दू
हुड्डा के इस्लामॉफ़ोबिआ से मुत्तासिर इस ट्वीट ने तमाम कनाडा में एक ज़लज़ला ला दिया
और तमाम क्रिस्टी अवाम को हेरात ज़दा कर दिया, जो तमाम अलाम में अपने सेक्युलर पैमाने
और बे लौस कारगरदेगी के लिए मशहूर है। ब्रैम्पटन में पील डिस्ट्रिक्ट स्कूल बोर्ड ने
यह एलान किया है कि उसने हुड्डा को ‘स्कूल काउंसिल चेयर’ के ओहदे से हटा दिया है और
उसके खिलाफ जांच चल रही है। इसके ट्वीट में लिखा है, ” प्रिंसिपल ने जांच शुरू कर दी
है। स्कूल कौंसिल सदर के तोर में ऐसे ज़हरीले शख़्स को उसके इस किरदार की वजह से हटाया
जा रहा है और वह किसी भी दूसरे ओहदे और पोस्ट से कौंसिल की किसी भी मीटिंग और सेमीनार
का हिस्सा नहीं होगा और ना ही मुस्तक़बिल में वोह हिस्सा ले सकेगा।
This
guy's is also apart of the school council at @MacvillePS. @PeelSchools can you look into this ?
The Principal has begun an investigation. The
individual is being removed from their role as School Council Chair and won't
be able to participate on council in any other capacity. Islamophobia is not
acceptable and a clear violation of our Safe and Accepting Schools Policy.
रेमैक्स कनाडा, जो कनाडा की एहम रियल स्टेट की जानकारी देने वाली वेबसाइटों
में से एक है, उसने यह भी बताया कि इसने हुडा के क़रारनामे को ख़त्म कर दिया है। इसने
ट्वीट किया,
“हम श्री हुड्डा के विचारों
को साझा नहीं करते हैं और न ही समर्थन करते हैं। हम पुष्टि कर सकते हैं कि वह समाप्त
कर दिया गया है और अब RE / MAX से संबद्ध नहीं है। बहुसंस्कृतिवाद और विविधता हमारे
समुदायों में सबसे अच्छे गुणों में से कुछ हैं, और हम इन मूल्यों को बनाए रखने के लिए
प्रतिबद्ध हैं जो सभी करते हैं। “
Our noise by law originally passed in 1984 only
included an exemption for Church bells. It will now include all faiths within
the permitted hours & decibel levels. The Muslim community can proceed with
the sunset azan because it’s 2020 & we treat all faiths equally. #Ramadan
We do not share nor support the views of Mr. Hooda.
We can confirm he has been terminated and is no longer affiliated with RE/MAX.
Multiculturalism & diversity are some of the best qualities in our
communities, and we are committed to upholding these values in all that we do.
ब्रैम्पटन के मेयर जनाब पैट्रिक ब्राउन
ने यह भी कहा कि कनाडा में इस्लामोफोबिया को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लिखा,
“१९८४ में हमारे असल क़ानून में जो मंज़ूर हुआ है उसमे चर्च की घंटियों के लिए एक छूट
शामिल थी। अब इस इजाज़त वाले घटों और अशरिया की सतह के अंदर तमाम अक़ाइद शामिल होंगे,
मुस्लिम कम्युनिटी तूलू और ग़ुरूब आफताब अज़ान के साथ आगे बढ़ सकती है , क्योंकि यह २०२०
है और हम तमाम मज़ाहिब के साथ यकसां सुलूक करतें हैं।" #Ramadan “

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