जम्मू-कश्मीर
में पत्थरबाजी की घटनाओं में 90 फीसदी तक की कमी आ गई है। राज्य पुलिस के डीजीपी एस.पी.
वैद्य ने सोमवार एक पत्रकार परिषद् में बोलते हुए अपना और पुलिस का पक्ष रखा आगे उन्होंने
कहा कहा कि बीते साल के मुकाबले इस साल पत्थरबाजी की घटनाओं में यह बड़ी गिरावट आई
है। उन्होंने कहा कि पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी का पूरा श्रेय कश्मीर के लोगों को
जाता है, जिनके चलते स्थिति में सुधार हुआ है। वैद्य ने कहा कि अकेले एनआईए की छापों
के चलते स्थिति में यह बदलाव नहीं आया बल्कि इसके कई कारण हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी
और शीर्ष आतंकी कमांडरों के खिलाफ कार्रवाई के चलते भी पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी
आई है।
पत्रकार जुबेर ने डीजीपी
एस.पी. वैद्य की रिपोर्टिंग को हास्यपद बताया और उनसे सवाल किया वेध साहब आप लोग देर
आते है लेकिन दूरूस्त आते है फिर धीरे से वही बात कह देते है जो ये पत्रकार कहता है.
पिछले एक देड़ साल से ये पत्रकार ओर क्या केह रहा है पत्थर बाज़ी उतनी नही है जितना
उसका हू हल्ला किया जाता है. एक दो पत्थरबाज़ी
की घटनाओ को आप नियमित पत्थरबाज़ी नही केह सकते. अगर जेनेरल डायर की आर्मी अवाम पे
बल प्रयोग करेगी तो छूट पुट पथरबाज़ी की घटाए सवाभाविक है. लिकेन छूट पुट घटनाओ को बढ़ा
चढ़ा के हर हिन्दू आतंकवादी कश्मीर को बदनाम करने की कवायत करेगा तो स्थिति और पेचीदा
होगी. हिन्दू आतंकवदिओ ने संसद पे क़ब्ज़ा करने के बाद हर आतंकवादी उनकी सेना के चीफ
से ले कर आपकी पूलिस तक कश्मीर मे पत्थरबाज़ो के उपर गलत बयानी करते फिरते थे. और हर बार आपके बयानों का ये पत्रकार
माकूल जवाब देता था. इस पत्रकार का फेसबुक
पेज “Autonomous
Journalist" देख सकते है अमित से लेकर राजनाथ सिंह जी और मोदी से लेकर कर्नल
डायर तक सभी के पत्थर बाज़ो के सवाल पे या कश्मीर पे हिन्दू आतंकवाद की दोगली नीति पे
इस पत्रकार ने माकूल जवाब दिया है. ओर अब जो
बात मे पिछले देड़ साल से केह रहा था उसी पे आप आ गये. क्या ये हिन्दू आतंकवादीओ के
भगवा आदेश के अनूसार दिया हूआ बयान तो नही है. क्योके हिन्दू आतंकवदिओ ओर भारत के वफादार
सेनिको के बीच घमासान युद्ध चालू है. हिन्दू आतंकवादीओ के हाथ से चित्रकूट गया, हिमाचल
में कड़ी पतली हे. तो ऐसे में आपको बयाबाज़ी करने के लिए छोड़ दिया के हिन्दू आतंकवादीओ
का आखिर गड मसूल को कम से कम कश्मीर के नाम से बचा लिया जाए. अगर वो ततबीर काम न आएगी
तो आखिर ब्रह्मास्त्र पाक तो हे ही तरकश में.
फिर आपको ऐसा बयान देने के लिए हिन्दू आतंकवादीओ ने भगवा आदेश दिए होंगे क्योके
नोटबंदी और जी.एस.टी. पे अपनी कमज़ोरी पे पर्दा डाला जा
सके और
उसको छुपाने के लिए आपके बयान का राजनीतिकरण
किया जाएगा और मसूल में हिन्दू आतंकवादीओ का किला बचाने की जो जंग जारी है उसमे जनता
का मन भ्रमित किया जा सके के जो काम देश के वफादार सैनिक पिछले ६० सालो में नहीं
कर पाए हम आतंकवादीओ ने नोट बंदी की वजह से
४ सालो में कर दिया. अब
कश्मीर में पत्थरबाजी की घटाएँ ९०% कम हो गई है.
जबकि कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाये कभी थी ही नहीं हां कभी कभार पत्थरबाजी होती थी लेकिन एक दो घटनाओ को हमेशा का नाम दे कर कश्मीर
को बदनाम किया है हिन्दू आतकवादीओ
ने. फिर कश्मीर
में अवाम के मन में एक गुस्सा है आक्रोश है जेनेरल डाइर की फोर्सेस
के ज़ुल्म, ज्यात्ति, टार्चर, खून, रेप के खिलाफ
जो हर दुसरे रोज़ नया झलियावाला बाग़ का
नया इतिहास लिख रही है मासूम कश्मीरीओ
के साथ तो इस हिसाब से कश्मीरी
जनता का गुस्सा
जाईज़ है.
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