Sunday, 14 April 2024

कनाडा में दहशत की नस्ल का The End, ‘इस्लामोफ़ोबिया फ़ैलाने के लिए था ज़िम्मेदार’, नावाक़िफ़ हमलावरों ने गोली मार किया ढेर।

अज़ीज़ नाज़रीन,

जहाँ एक जानिब पूरी दुनियां जंग ए अज़ीम के आगाज़ होने की फ़िक्र में मुब्तेला है वहीँ ज़ाफ़रानी दहशतगर्द अपनी ख़ुद की ज़मीन और मेहफ़ूज़ जन्नत ना सिर्फ हिंदुस्तान में मारे जा रहें है बल्कि बेरुन मुल्क भी चुन चुन कर ढेर किया जा रहा है।  अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, रूस, इजराइल जैसे मुल्क तो ज़ाफ़रानी वाइरस के लिए मौत का फ़रिश्ता साबित हो रहें हैं।  कनाडा में दो रोज़ क़ब्ल भारत के एक ताजिर को गोली मार कर हलाक करने के बाद अब ज़ाफ़रानी ज़हर और दहशत की ज़मीन हरियाणा के एक २३ साला तालिब ए इल्म चिराग़ अंतिल को गोली मारकर ढेर कर दिया। 

क़ाबिल ए एतेमाद ज़ाराये से मालूम हुआ है की मारा गया चिराग़ अंतिल हरयाणा का रहने वाला था और एबीवीपी का मेंबर था।  उसके ज़ेहन में ख़ास मज़हब के अवाम के लिए अज़हद ज़हर और नफ़रत भरी हुई थी।  उसको वैंकूवर में एक कार के अंदर दबोच कर बड़ी बेदर्दी से गोली मारी गई थी।  पुलिस ने एक बयान में कहा कि जब मुक़ामियों ने गोलियों की आवाज सुनी, तो उन्होंने इलाके में एक कार के अंदर  इसको मरा हुआ पाया।  

चिराग अंतिल ने कहने को २०२२ में एमबीए करने के लिए तालीमी वीज़ा पर हरियाणा के सोनीपत से वैंकूवर गया था।  लेकिन पुलिस को शक है की उसको भारत के इशारे पर कनाडा में दरअंदाज़ी करवाई गई थी।  पुलिस का कहना है उसके तमाम वीसा दस्तावेज़ और तालीमी वीसा के ख़तम होने के बाद वर्किंग वीसा के दस्तावेज़ देखने के बाद ही कोई फ़ैसला लिया जाएगा।  कियोंके उसने अपनी डिग्री मुक्कम्मल कर ली थी और नौकरी करने लगा था।  लेकिन हो सकता है वोह काम के नाम पर ज़हर की काश्त करने लगा था।  हरयाणा में भी ज़हर फैलाता था कनाडा में भी वही काम करने लगा था। 

मारा गया ज़ाफ़रानी दहशत की नस्ल का अहल ए ख़ाना ने आक़ा नरेंद्र मोदी और ख़ारजा एस जयशंकर से इंसाफ की गुज़ारिश की है और उसकी लाश को जाला कर खाक़ करने के लिए दहशत की पनाहगाह और दहशतगर्दों के लिए मेहफ़ूज़ जहन्नुम लाने की मांग की है। 

चिराग ए.बी.वी.पी. से जुड़ा हुआ था और बीजेपी के लिए नर्म रूख रखता था।  मक़तूल का भाई रोनित बोला कि उसने १२ अप्रैल की सुबह चिराग अंतिल से बात की थी. उसका भाई बोहोत खुश दिख रहा था फ़िर १३ की की देर शाम उसको गोली मार कर ढेर कर दिया गया। 

जब तक यह साबित नहीं हो जाता की वोह दरअंदाज़ी कर के भारत की इन्तेज़ामियाँ की मदद से कनाडा में गैर क़ानूनी रह रहा था तब तक उसको लाश को कहीं नहीं भेजा जाएगा।  ना ही किसी को सौपा जाएगा।  यह एक आलमी क़ानून है किसी भी मुल्क में ऐसे ही दहशत मचाने के लिए मन माने तरीके से नहीं घूस सकते। 

उसके खानदान के दुसरे अफ़राद से पूछ ताछ की जाएगी।  कनाडा पुलिस उसके भाई को तलाश रही है कभी भी उसकी भी गिरफ्तारी हो सकती है।  इन अफ़राद की मंशा क्या थी और किस गिरोह और दहशतगर्दों से उनका ताल्लुक़ था यह सारे सवाल हैं जिसका जवाब अभी तक पुलिस के पास नहीं है। 

नाज़रीन वाज़े रहे की २०१५ के बाद भाजपा के इशारे पर बेइंतेहा दरअंदाज़ गैर क़ानूनी तरीके से बेरुन मुल्क घुसाए गए हैं।  कभी तालीम के नाम पर फ़र्ज़ी डिग्री ले कर कभी काम के नाम पर दरअंदाज़ी करवाई गई है।  जहाँ भारत के दहशगर्द बड़े पैमाने पर घुसाए गए हैं उनमे शामिल हैं अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दुबाई, अबू धाबी, शारजाह, बहरैन, पाकिस्तान, अफग़ानिस्तान।

 

सहाफ़ी ज़ुबेर

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